GPS के बगैर भी दुश्‍मनों को खत्‍म कर सकता है HAMMER, राफेल के साथ जुड़ने से मजबूत होगी भारत की रक्षा ताकत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 12, 2020, 04:37 PM IST

राफेल लड़ाकू विमानों में हैमर मिसाइल का इस्‍तेमाल होना है, जिसका फ्लाइट टेस्‍ट हो चुका है। यह GPS के बगैर भी अपने टारगेट को ढूंढकर खत्‍म कर सकता है। चीन के साथ तनाव के बीच इसे काफी अहम माना जा रहा है।

GPS के बगैर भी दुश्‍मनों को खत्‍म कर सकता है HAMMER, राफेल के साथ जुड़ने से मजबूत होगी भारत की रक्षा ताकत
Photo Credit: AP, File Image

नई दिल्‍ली : भारत लगातार अपनी रक्षा शक्ति मजबूत कर रहा है। फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों की खेप मिलने के बाद वायुसेना की ताकत में इजाफा हुआ है, वहीं HAMMER मिसाइल सिस्‍टम इसे और मजबूती प्रदान करेगा। हैमर मिसाइल का इस्तेमाल राफेल विमान में होगा, जिसका फ्लाइट टेस्‍ट हो चुका है। यह एक ऐसी हथियार प्रणाली है, जो GPS के बगैर भी अपने टारगेट को ढूंढकर खत्‍म कर सकता है।

HAMMER यानी हाइली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज मिसाइल राफेल में लगने वाली दूसरी सबसे भारी मिसाइल होगी। NBT के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में इस मिसाइल के 1,000 टन वजन वाले वर्जन का राफेल के साथ फ्लाइट टेस्‍ट किया गया है। राफेल की मदद से करीब 1,200 किलोग्राम वजनी SCALP क्रूज मिसाइल भी दागी जा सकती है। भारत आने वाले राफेल विमानों में यह मिसाइल भी शामिल होगी।

भारत-चीन तनाव के बीच अहम

पूर्वी लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव को देखते हुए इसे काफी अहम माना जा रहा है। भारत ने 2016 में फ्रांस से करीब 59,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए करार किया है। इनमें से 30 का इस्‍तेमाल युद्ध जैसे हालात में किया जाना है, जबकि छह लड़ाकू विमानों प्रशिक्षण के लिए रखा जाना है। भारत को अब तक फ्रांस से दो खेप में आठ राफेल लड़ाकू विमान मिल चुके हैं।

राफेल लड़ाकू विमानों में लगने वाले 'हैमर' मिसाइल 60 किलोमीटर दूर तक निशाना साध सकती हैं। इसकी लंबाई तीन मीटर होती है, जबकि यह लगभग 330 किलोग्राम वजनी होता है। यह कम ऊंचाई और पहाड़ी इलाकों में भी अपने टारगेट को ढूंढकर उसे निशाना बना सकती है। इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगा हुआ है, जिससे इसके निशाना चूकने की गुंजाइश न के बराबर होती है। इस मिसाइल के जरिये 125 किलो से लेकर 500 किलो तक के बम गिराए जा सकते हैं।

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