बीजेपी के डर से सरदार पटेल का सम्‍मान! कांग्रेस नेताओं का ऑडियो लीक, उठे कई सवाल

कर्नाटक कांग्रेस के दिग्‍गज नेताओं सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का एक ऑडियो लीक हुआ है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। दोनों नेता इसमें सरदार पटेल को लेकर बात करते सुने जा रहे हैं।

सरदार पटेल पर कांग्रेस की खुल गई पोल? लीक ऑडियो से उठे सवाल
सरदार पटेल पर कांग्रेस की खुल गई पोल? लीक ऑडियो से उठे सवाल 

बेंगलुरु : देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी लंबे-समय से आमने-सामने रही है। पिछले दिनों 31 अक्‍टूबर को जब इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि थी और उसी दिन सरदार पटेल की जयंती भी थी, तब भी कांग्रेस, बीजेपी में पटेल को सबसे अधिक 'अपना' बताने की होड़ सी दिखी। बीजेपी ने एक बार फिर कांग्रेस पर पटेल की उपेक्षा का आरोप लगाया तो वाराणसी में प्रियंका गांधी की सभा में इंदिरा गांधी के साथ-साथ सरदार पटेल कट-आउट भी नजर आया। अब एक ऐसा ऑडियो सामने आया है, जिसके बाद बीजेपी को कांग्रेस पर वार का एक और मौका मिल गया है।

यह ऑडियो 31 अक्‍टूबर का है, जिसमें कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता डीके शिवकुमार एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करने से पहले आपस में बात कर रहे हैं। इस दौरान सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार से पूछते हैं कि आज सरदार पटेल की जयंती है या पुण्‍यतिथि? यानी कांग्रेस नेताओं को सरदार पटेल की जयंती की जानकारी तक नहीं थी। डीके श‍िवकुमार बताते हैं कि जयंती है तो सिद्धारमैया कहते हैं कि अगर मंच पर पटेल की फोटो नहीं लगी तो बीजेपी फायदा उठा लेगी। यानी कांग्रेस के नेता सरदार पटेल की फोटो इसलिए लगा रहे हैं, ताकि बीजेपी इसका मुद्दा बनाकर राजनीतिक फायदा न उठा ले।

कांग्रेस पर उठे सवाल

कांग्रेस के दो नेताओं की बातचीत और उस कार्यक्रम का जो वीडियो सामने आया है, उसमें देखा जा सकता है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की बातचीत के बाद मंच पर सरदार पटेल की तस्‍वीर भी लगाई जाती है और उस पर मार्ल्‍यापण किया जाता है। पर सवाल है कि जिस सरदार पटेल ने भारत को अखंड रूप दिया, अलग-अलग रियासतों को जोड़कर एकजुट भारत के निर्माण में अहम योगदान दिया, उस सरदार पटेल के लिए कांग्रेस के नेताओं में सम्‍मान क्या महज औपचारिकता है?

कांग्रेस नेता डीके श‍िवकुमार ने यह कहते हुए ऐन मौके पर सरदार पटेल की तस्‍वीर मंच पर लगाने और माल्‍यार्पण के फैसले का बचाव किया कि जयंती और पुण्‍यतिथि में फर्क होता है और इसलिए पार्टी इस कार्यक्रम को एक साथ नहीं करना चाहती थी। उन्‍होंने कहा, 'हम सभी का सम्‍मान करते हैं, जिन्‍होंने देश के लिए त्‍याग और योगदान दिया। कांग्रेस दफ्तर में होने वाले कार्यक्रम पहले से तय होते हैं, क्‍या करना है, कैसे करना है, उस वक्‍त हमारे पास सरदार पटेल का कार्यक्रम नहीं था, क्‍योंकि पुण्‍यतिथि और जयंती में काफी अंतर होता है। हम दोनों कार्यक्रमों को मिलाना नहीं चाहते थे।'

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