Article 370: 700 किसानों की मौत हुई, उनके बलिदान से केंद्र सरकार मजबूर हुई, हमें भी तैयार रहना होगा: फारूक अब्दुल्ला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 5, 2021, 07:52 PM IST

नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 बहाल करवाने के लिए संघर्ष जारी रखने की बात करते हुए कहा कि हम अपने अधिकारों को वापस लेने के लिए बलिदान देने के लिए तैयार हैं।

Article 370: 700 किसानों की मौत हुई, उनके बलिदान से केंद्र सरकार मजबूर हुई, हमें भी तैयार रहना होगा: फारूक अब्दुल्ला

नई दिल्ली: नेशनल कांफ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि जिस तरह किसानों ने लगभग एक साल तक संघर्ष किया और तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए बलिदान दिया उसी प्रकार हम भी अपने अधिकारों को वापस लेने के लिए बलिदान देने के लिए तैयार हैं।

फारूक अपने पिता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती के अवसर पर एक युवा सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली के लिए संघर्ष जारी रखने का वादा करते हुए कहा कि पिछले 11 महीनों में 700 से ज्यादा किसानों की मौत हुई है। जब किसानों ने बलिदान दिया तो उन्हें (केंद्र सरकार) तीन कृषि बिलों को रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हमें अपने अधिकारों को वापस लेने के लिए इस तरह का बलिदान भी देना पड़ सकता है। याद रखें हमने अनुच्छेद 370, 35A और राज्य का दर्जा वापस लाने का वादा किया है और हम कोई भी बलिदान देने के लिए तैयार हैं। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिए बिना अब्दुल्ला ने कहा कि दिल्ली में वे बात करते हैं कि पर्यटन कैसे बढ़ा है। मानो पर्यटन ही सब कुछ है। आपने जिन 50,000 नौकरियों का वादा किया था, उनका क्या हुआ? वे नौकरियां कहां हैं? वास्तव में आप उन्हें सेवा से बर्खास्त कर रहे हैं। 

हैदरपोरा मुठभेड़ पर अब्दुल्ला ने कहा कि तीन निर्दोष लोग मारे गए और लोगों के एक साथ आने और आवाज उठाने के बाद ही उनके शव लौटाए गए। हालांकि, उनमें से एक के माता-पिता अभी भी अपने बेटे के शव का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने इस तरह से कितने निर्दोष लोगों को मार डाला होगा? 

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