Tikri Border: 11 महीने बाद खुलेगा दिल्ली का टिकरी बॉर्डर, किसानों की सहमति के बाद पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स

Tikri Border News: दिल्‍ली के जिस टिकरी बॉर्डर को किसानों के प्रदर्शन की वजह से बंद किया गया था, वहां से अब अवरोधकों को हटाया जा रहा है। इस रास्ते के खुलने से लोगों को आवाजाही के लिए बड़ी राहत मिलेगी।

Farmers' protest: Delhi Police starts removing barricades at Tikri border point
10 महीने बाद खुलेगा टिकरी बॉर्डर! पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • दिल्‍ली के टिकरी बॉर्डर पर हटाए जा रहे पुलिस की ओर से लगाए गए अवरोधक
  • जल्‍द ही ट्रैफिक की आवाजाही के लिए खुल सकता है रास्‍ता
  • किसान यहां करीब पिछले 11 महीने से कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने गुरुवार रात को टिकरी सीमा पर लगाए गए अवरोधों को हटाना शुरू कर दिया है जहां किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में सड़क का एक कैरिजवे खुल जाएगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कुछ दिनों बाद आया है जिसमें किसान संघों ने तर्क दिया था कि दिल्ली की सीमाओं पर नाकेबंदी के लिए पुलिस जिम्मेदार थी। पिछले साल नवंबर में हजारों किसानों ने दिल्ली की सीमा पार करने की कोशिश की थी, इसलिए पुलिस ने सड़कों पर बड़ी-बड़ी कीलें और कंक्रीट के बड़े-बड़े ब्लॉक लगा दिए थे।

11 महीने से है बंद

टिकरी सीमा पर लगे बैरिकेड्स की आठ लेयर्स में से चार को हटा दिया गया है। हालांकि सीमेंट के बैरिकेड्स अभी भी हैं और यात्रियों के लिए सड़क बंद है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि जेसीबी मशीनें टिकरी बॉर्डर पर नाकेबंदी हटा रही है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में सिंघू और गाजीपुर सीमा सीमा पर भी इस तरह की कवायद शुरू होने की संभावना है। 26 नवंबर, 2020 से केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध करते हुए हजारों किसान दिल्ली के तीन सीमा बिंदुओं- टिकरी, सिंघू और गाजीपुर पर डेरा डाले हुए हैं।

टिकरी बॉर्डर पर बृहस्पतिवार रात को हटाए गए अवरोधकों के बारे में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों के कुछ स्तर को हटा लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा सड़क को यातायात के लिए जल्द ही खोलने के लिए किया गया है। अधिकारी ने पीटीआई को बताया, 'वर्तमान में, सड़कें बंद होने के कारण यातायात की आवाजाही नहीं है। यातायात को धीरे-धीरे शुरू करने जल्द ही बैरिकेड्स को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा।' 

सुप्रीम कोर्ट ने कही थी ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने 21 अक्टूबर को कहा था कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन वे अनिश्चित काल के लिए सड़कों को अवरुद्ध नहीं कर सकते, भले ही किसान संघ और सरकार आरोप-प्रत्यारोप में उलझ गए हों। जबकि किसान संघों ने आरोप लगाया था कि पुलिस नाकेबंदी के लिए जिम्मेदार थी क्योंकि वह लोगों के बीच मैसेज देना चाहती थी कि सड़क को किसान अवरुद्ध कर रहे हैं। वहीं केंद्र ने कहा कि विरोध के पीछे एक परोक्ष उद्देश्य था।
 

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