5 दिन का 'सेल्फ लॉकडाउन' घोषित करे सरकार, 2.5 लाख के पार जा सकते हैं आंकड़े : एक्सपर्ट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 12, 2021, 11:24 AM IST

Corona Cases in India : हर्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. केके अग्रवाल ने टाइम्स नाउ के खास बातचीत में कहा कि सरकार यदि पांच दिनों का 'सेल्फ लॉकडाउन' घोषित करती है तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए।

5 दिन का 'सेल्फ लॉकडाउन' घोषित करे सरकार, 2.5 लाख के पार जा सकते हैं आंकड़े : एक्सपर्ट
Photo Credit: PTI

नई दिल्ली : देश में कोराना का संक्रमण बेकाबू हो गया है। कोरोना की दूसरी 'लहर' के आंकड़े हर रोज नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहे हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के नए 1,68,912 केस मिले हैं जबकि 904 लोगों की मौत हुई। कोविड-19 के संक्रमण के दायरे में तेजी से लोग आ रहे हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली कोरोना के नए स्ट्रेन के केंद्र बन गए हैं। कोरोना की दूसरी 'लहर' जिस तेजी से के साथ लोगों को अपनी चपेट में ले रही है उससे हर कोई हैरान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की मौजूदा दर और बढ़ेगी और प्रत्येक दिन का संक्रमण का आंकड़ा 2.5 लाख के पार जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार चाहे तो पांच दिन का 'सेल्फ लॉकडाउन' लागू कर सकती है।  

पांच दिनों तक घर में आइसोलेट करें लोग-एक्सपर्ट
हर्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ. केके अग्रवाल ने टाइम्स नाउ के खास बातचीत में कहा कि सरकार यदि पांच दिनों का 'सेल्फ लॉकडाउन' घोषित करती है तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए। 'सेल्फ लॉकडाउन' का मतलब है कि वे लोग जिन्हें लगता है कि वे कोरोना से संक्रमित हुए हैं और जो इस महामारी से संक्रमित नहीं हैं, वे सभी पांच दिनों तक घरों में खुद को आइसोलेट करें। इससे मिटिगेशन (संक्रमण) रोकने में मदद मिलेगी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यूके का कोरोना स्ट्रेन 70 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक है और यह तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। 

2.5 लाख से ज्यादा हो सकते हैं रोजाना के केस
उन्होंने कहा, 'आज देश में 1.68 लाख केस आए। यह आंकड़ा और अधिक होगा और कहां तक जाएगा इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। उम्मीद है कि अगले 10 दिनों में रोजाना संक्रमण के केस 2.5 लाख से ज्यादा हो सकते हैं। अभी हमारे और सरकार के हाथ में कुछ नहीं है। कुल मिलाकर अभी मिटिगेशन पर काबू पाने की जरूरत है।' 

युवा बरतें एहतियात
वहीं, नेफ्रॉन अस्पताल के चेयरमैन डॉ. बगाई ने कहा कि इस लहर में कोरोना युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। इसका एक कारण यह है कि युवा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें खुद को बीमारी से एक्सपोज होने से बचाना होगा। यह बीमारी गंभीर है, इसके प्रति गंभीरता दिखानी होगी। महाराष्ट्र सरकार अपने यहां लॉकडाउन लगाने के बारे में सोच रही है। सूत्रों का कहना है कि गुडी पाडवा के बाद राज्य में लॉकडाउन लागू कर सकती है।

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