RT-PCR Test: कितने प्रकार के होते हैं कोरोना टेस्ट, आरटी-पीसीआर और एंटीजन जांच में कौन बेहतर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 13, 2021, 10:54 AM IST

आरटी-पीसीआर टेस्ट का पूरा नाम 'रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमियर्स चेन रिएक्शन' है। इसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है।

RT-PCR Test: कितने प्रकार के होते हैं कोरोना टेस्ट, आरटी-पीसीआर और एंटीजन जांच में कौन बेहतर

नई दिल्ली :  कोरोना महामारी से संक्रमण का पता लगाने के लिए देश में कई तरह के टेस्ट के विकल्प मौजूद हैं लेकिन इस जांच सर्वाधिक प्रयोग रैपिड एंटीजन टेस्ट और आरटी-पीसीआर टेस्क का होता है। देश में इन दो टेस्ट के जरिए सरकार व्यक्ति में संक्रमण के बारे में पता करती है। हालांकि, ये दोनों टेस्ट सौ फीसदी सही नहीं होते। इन दोनों टेस्ट में आरटी-पीसीआर टेस्ट को ज्यादा विश्वसनीय माना जाता है। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट 15 से 30 मिनट के अंदर आ जाती है जबकि आरटीपीसीआर टेस्ट में छह से आठ घंटे का  समय लगता है। 

क्या होता है RT-PCR टेस्ट   
आरटी-पीसीआर टेस्ट का पूरा नाम 'रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलिमियर्स चेन रिएक्शन' है। इसकी जांच प्रयोगशाला में की जाती है। इस टेस्ट के जरिए व्यक्ति के शरीर में वायरस का पता लगाया जाता है। इसमें वायरस के आरएनए की जांच की जाती है। ज्यादातर सैंपल नाक और गले से म्यूकोजा के अंदर वाली परत से स्वैब लिया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल पीसीआर टेस्ट को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं। लेकिन अन्य टेस्ट की तरह यह टेस्ट भी पूरी तरह से पूर्ण नहीं है। इसकी जांच की कीमत एंटीजन टेस्ट से महंगी होती है। दिल्ली में आरटीपीसीआर टेस्ट की कीमत 800 रुपए तय की गई है।

क्या होता है रैपिड एंटीजन टेस्ट
बाहर से शरीर में दाखिल होने वाले वैक्टीरिया एंटीजन होते हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट के नतीजे 15 से 30 मिनट के भीतर आ जाते हैं। इस जांच में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि निगेटिव आती है तो उसे फाइनल नहीं माना जाता। इस टेस्ट की आरटीपीसीआर जांच होती है। एंटीजन टेस्ट में व्यक्ति की रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो उसे संक्रमित मान लिया जाता है। एंटीजन टेस्टिंग व्यक्ति के पास जाकर की जाती है।  इस टेस्ट में व्यक्ति की नाक के दोनों तरफ से फ्लूइड का सैंपल लिया जाता है। स्ट्रिप पर एक रेड लाइन आने पर रिपोर्ट निगेटिव मानी जाती है। स्ट्रिप पर यदि दो रेड लाइन आती है तो व्यक्ति को संक्रमित माना जाता है। इस जांच की कीमत 150 रुपए है।

वहीं, अमेरिका में मोटे तौर पर तीन तरह के टेस्ट होते हैं। दो टेस्ट में व्यक्ति में एक्टिव इंफेक्शन का पता किया जाता है जबकि तीसरे टेस्ट में यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति पहले संक्रमण का शिकार तो नहीं हुआ था। 

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