Cyclone Yaas: 'ताउते' के बाद अब चक्रवात 'यास' की दस्तक,पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक मंडराया खतरा

देश
रवि वैश्य
Updated May 22, 2021 | 08:46 IST

Cyclone Yaas ki dastak: भारत में चक्रवात ताउते  के बाद एक और चक्रवात  के 26 मई तक भारत के पूर्वी तट से टकराने की आशंका है इसका नाम साइक्लोन यास (Cyclone Yaas) दिया गया है।

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एक और साइक्लोन जिसका नाम Cyclone Yaas है उसके आने की बात कही जा रही है 

मुख्य बातें

  • 26 और 27 मई को साइक्‍लोन यास देश के पूर्वी तटीय इलाकों में दस्‍तक दे सकता है
  • महाराष्‍ट्र और गुजरात में जो एनडीआरएफ टीमें थीं उन्‍हें अब पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भेजा जा रहा है
  • केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल को किया अलर्ट

नई दिल्ली: देश अभी चक्रवाती तूफान ताउते की मार से उबरा भी नहीं था कि एक और साइक्लोन जिसका नाम 'यास' (Cyclone Yaas) है उसके आने की बात कही जा रही है, मौसम विभाग का कहना है कि 26 और 27 मई को साइक्‍लोन यास देश के पूर्वी तटीय इलाकों में दस्‍तक दे सकता है इस खबर के बाद महाराष्‍ट्र और गुजरात में जो एनडीआरएफ टीमें तैनात थीं उन्‍हें अब पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भेजा जा रहा है ताकि खतरे की तीव्रता को कम किया जा सके अभी ताउते ने कुछ राज्यों में भारी तबाही मचाई थी जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और दक्षिण के कुछ राज्य शामिल थे, अब तुरत बाद ही यास का खतरा सामने खड़ा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के 26 मई को यास चक्रवात के ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तट से गुजरने की आशंका जताने के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने 30 में से 14 जिलों को सतर्क कर दिया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को भारतीय नौसेना एवं भारतीय तट रक्षक बल से स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है।

ओडिशा और बंगाल में तूफान का असर और बाढ़ के हालात भी हो सकते हैं (Risk in Odisha & West Bengal)

मौसम विज्ञान विभाग ने कहा था कि 22 मई को उत्तरी अंडमान सागर और आसपास की पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रकोष्ठ ने जानकारी दी, 'इसके अगले 72 घंटों में धीरे-धीरे चक्रवाती तूफान में बदलने की पूरी संभावना है।

यह उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और 26 मई की शाम के आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटों तक पहुंच सकता है।'ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तूफान का असर होने के अलावा अंडमान निकोबार द्वीपसमूह तथा पूर्वी तट के जिलों में तेज बारिश हो सकती है और बाढ़ के हालात भी पैदा हो सकते हैं।

वहीं ओडिशा के मुख्य सचिव ने  कहा कि अगर चक्रवात 'यास' का राज्य पर कोई प्रभाव पड़ता है तो राज्य सरकार ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। उन्होंने कहा कि हालांकि अबतक मौसम विभाग ने चक्रवात के संभावित, मार्ग, इसकी गति, तट से टकराने का स्थान आदि के बारे में जानकारी नहीं दी है, फिर भी सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल को किया अलर्ट (Center Alert Odisha,West Bengal)

केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं तथा संसाधनों का भंडार रखा जाए ताकि यास तूफान के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीपसमूह के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना वायरस महामारी पहले से ही सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है जो अस्थायी शिविरों में रहने वाले विस्थापित लोगों में पैदा हो सकने वाली जल, मच्छर और हवा जनित बीमारियों के स्वास्थ्य जोखिम के कारण और जटिल हो सकती हैं।

इस बार चक्रवात का किसने नाम दिया (Cyclone Yaas Naam Kisne Diya)

अगर यह चक्रवात तूफान बनता है तो इसका नाम यास Yaas होगा, यास नाम इस बार ओमान ने वहां की स्थानीय बोली के आधार पर दी है,'यास' का मतलब होता है निराशा. मौसम विभाग 'यास' तूफान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है गौर है कि विश्व में आने वाले तूफानों के नामकरण की परंपरा चलती आ रही है।

NDRF ने तूफान यास के लिए तैयारी को कसी कमर (NDRF Ready For Chaallenge)

 देश के पूर्वी तटीय क्षेत्र में 26-27 मई के आसपास चक्रवाती तूफान यास दस्तक दे सकता है और इससे निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा में अपने दलों की तैनाती शुरू कर दी है।  पश्चिमी तटीय क्षेत्र में तूफान ताउते से प्रभावित राज्यों में बचाव और पुनर्वास के काम के लिए भेजे गये दलों को वापस बुलाया जा रहा है।केंद्रीय बल ने भीषण चक्रवाती तूफान ताउते के लिए कुल 101 दलों को तैनात किया है।

एनडीआरएफ दल को कोरोना प्रकोप के कारण नारंगी रंग की पीपीई किट भी दी गई (PPE Kit for NDRF)

एनडीआरएफ के प्रत्येक दल में 47 जवान होते हैं जिनके पास पेड़ों और खंभों को काटने वाले उपकरण, संचार उपकरण, हवा भरी जा सकने वाली नौकाएं और चिकित्सा सहायता सामग्री आदि होती है। इन दलों को कोविड-19 के प्रकोप के कारण नारंगी रंग की पीपीई किट भी प्रदान की गयी है जिसे पूरे शरीर पर पहना जा सकता है और जिसमें फेस शील्ड शामिल है।

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