UP: बंदरों से बचने के लिए BJP नेता की पत्नी ने छत से लगाई छलांग,  हुई मौत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 9, 2021, 10:04 AM IST

उत्तर प्रदेश के शामली में बंदरों के उत्पात की खबरे आए दिन आते रहती हैं। कैराना में बंदरों के हमले से बचने के लिए भाजपा नेता की पत्नी ने छत से छलांग लगा दी जहां उसकी मौत हो गई।

UP: बंदरों से बचने के लिए BJP नेता की पत्नी ने छत से लगाई छलांग,  हुई मौत
Photo Credit: BCCL

कैराना:  उत्तर प्रदेश के शामली में बंदरों का आंतक चरम पर है और इसकी कीमत भाजपा नेता की पत्नी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। शामली में मंगलवार सुबह बंदरों के हमले से बचने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा देवी ने छत से छलांग लगा दी और बाद में उसकी मौत हो गई। सुषमा देवी  पूर्व सांसद स्वर्गीय हुकुम सिंह के भतीजे भाजपा नेता अनिल कुमार चौहान की पत्नी थीं। उनके निधन पर तमाम स्थानीय और प्रदेश नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

मंगलवार शाम की है घटना

 आईएनएस की खबर के मुताबिक, घटना मंगलवार की देर शाम की है जब 50 वर्षीय सुषमा देवी कैराना शहर में अपने घर की छत पर गई थी और उन्हें आक्रामक बंदरों ने उन्हें घेर लिया। बंदरों के हमले से खुद को बचाने के लिए वह छत से नीचे कूद गई। जिससे उन्हें काफी चोट आई और उनकी मौत हो गई। जिस समय यह दुखद हादसा हुआ उस समय सुषमा देवी के पति यानि अनिल चौहान घर पर मौजूद नहीं थे। सुषमा देवी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।

लोगों की मांग

सुषमा देवी की मौत की खबर सुनकर पूरे इलाके मे शोक की लहर दौड़ पड़ी। हजारों लोगों की मौजूदगी में मायापुर फार्म हाउस पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सांसद प्रदीप चौधरी भी मौजूद रहे। इस बीच सुषमा देवी के बंदरों के हमले में हुई मौत की जांच एसडीएम कैराना को सौंप दी गई है। वहीं लोगों ने प्रशासन से फिर से मांग की है कि उन्हें बंदरों के आतंक से निजात दिलाई जाए।


 
पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में बंदरों का कहर
आपको बता दें कि पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बंदरों का कहर खतरनाक रूप लेता जा रहा है। मथुरा में नगर निगम ने 1 सितंबर से 15 दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है और पवित्र शहर के प्रमुख मंदिरों से बंदरों को पकड़ा जा रहा है। नगर आयुक्त अनुनया झा ने कहा कि कार्यक्रम के पहले चरण में बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र वृंदावन, चौबिया पारा और मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर क्षेत्र से बंदरों को पकड़ा जाएगा और उन्हें वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा।


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