'द्रौपदी राष्ट्रपति, तो कौरव और पांडव कौन?' रामगोपाल वर्मा के ट्वीट से भड़की बीजेपी ने दर्ज कराई शिकायत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 25, 2022, 08:25 AM IST

भाजपा नेता गुडूर नारायण रेड्डी ने पुलिस से एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत रामगोपाल वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया और कड़ा एक्शन लेने की मांग की।

'द्रौपदी राष्ट्रपति, तो कौरव और पांडव कौन?' रामगोपाल वर्मा के ट्वीट से भड़की बीजेपी ने दर्ज कराई शिकायत

हैदराबाद: एक भाजपा नेता ने बॉलीवुड फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने एनडीए राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ विवादास्पद ट्वीट किया है जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।  भाजपा नेता गुडूर नारायण रेड्डी और टी. नंदेश्वर गौड़ ने वर्मा के खिलाफ हैदराबाद के एबिड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं विवाद बढ़ने पर रामगोपाल वर्मा ने अपने बयान पर सफाई दी है। 

क्या कहा था रामगोपाल वर्मा ने 

दरअसल रामगोपाल वर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा था, 'अगर द्रौपदी राष्ट्रपति हैं तो पांडव कौन हैं? और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कौरव कौन हैं?' इस विवादास्पद ट्वीट के बाद हंगामा खड़ा हो गया। तेलंगाना भाजपा नेता गुडूर नारायण रेड्डी ने राम गोपाल वर्मा के खिलाफ आबिद रोड पुलिस स्टेशन में एससी और एसटी समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। रेड्डी ने कहा, 'यह ट्वीट एससी और एसटी लोगों का अपमान करने के समान है। यहां, वह द्रौपदी को राष्ट्रपति कहते हैं। अगर उन्होंने केवल द्रौपदी, पांडवों और कौरवों का उल्लेख किया होता, तो हमें कोई आपत्ति नहीं होती। हम लोग राम गोपाल वर्मा की इस टिप्पणी से आहत हुए हैं।'

मुर्मू को बनाया है एनडीए ने अपना कैंडिडेट

दरअसल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने मंगलवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के नाम की घोषणा की थी। रेड्डी ने वरिष्ठ आदिवासी राजनेता और झारखंड के पूर्व राज्यपाल का बचाव करते हुए कहा, 'उन्हें एनडीए सरकार और भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा नामित किया गया है।'

मुर्मू भारत के इतिहास में पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं। एक बार निर्वाचित होने के बाद, वह भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। साथ ही, वह ओडिशा राज्य की पहली राष्ट्रपति होंगी। राम गोपाल वर्मा के बयानों पर गुस्सा जाहिर करते हुए भाजपा नेता ने कहा, 'यहां इस मामले में पुलिस ने हमसे वादा किया है कि वे आरजीवी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे, और उसके बाद, मुझे नहीं लगता कि वह फिर से ट्वीट करेंगे या ऐसा आपत्तिजक बयान देंगे।'

वर्मा की सफाई

हालांकि, बाद में राम गोपाल वर्मा ने ट्वीट कर सफाई दी और कहा कि उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।' उन्होंने ट्वीट कर कहा, "यह सिर्फ एक गंभीर विडंबना में कहा गया था और किसी अन्य तरीके से इरादा नहीं था .. महाभारत में द्रौपदी मेरा पसंदीदा चरित्र है, लेकिन चूंकि नाम इतनी दुर्लभ है, इसलिए मैंने इससे जुड़े पात्रों को याद किया गया। किसी की भावनाओं को आहत करने का इरादा बिल्कुल नहीं है।"

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

इस बीच, गोशामहल के भाजपा विधायक टी राजा सिंह ने भी एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के खिलाफ राम गोपाल वर्मा की टिप्पणियों पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए कहा कि निर्देशक इस तरह के ट्वीट 'शराबी हालत' में पोस्ट करते हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब राम गोपाल वर्मा सोशल मीडिया पर विवादों का हिस्सा बने हैं। अप्रैल में, अजय देवगन और किच्छा सुदीप के बीच एक ट्विटर युद्ध के बीच, हिंदी के राष्ट्रभाषा होने पर राम गोपाल वर्मा यह कहते हुए विवाद में कूद पड़े थे कि 'उत्तर के सितारे असुरक्षित हैं और दक्षिण के सितारों से ईर्ष्या करते हैं।'

End of Article