Bird Flu : केरल में बर्ड फ्लू का प्रकोप, अलप्पुझा में मारे गए 12,000 बतख, अंडे की बिक्री पर रोक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 11, 2021, 07:00 AM IST

Bird flu cases in Kerala : अलप्पुझा जिले के थाकझी ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 10 में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। संक्रमण के मामले मिलने के बाद इस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही इलाके में लोगों और वाहनों के आने जाने पर रोक लगाई गई है।

Bird Flu : केरल में बर्ड फ्लू का प्रकोप, अलप्पुझा में मारे गए 12,000 बतख, अंडे की बिक्री पर रोक
Photo Credit: PTI

अलप्पुझा : केरल के अलप्पुझा (Alappuzha ) जिले में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के मामले मिलने के बाद प्रशासन सतर्क है। शुक्रवार को जिले के थाकझी ग्राम पंचायत में कुल 12,000 बतखों को मार दिया गया। बर्ड फ्लू केसों की पहचान और जांच के लिए अलग-अलग इलाकों से नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं। बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन अत्यधिक सावधानी बरत रहा है। संक्रमण अन्य जगहों पर न फैले, इस पर रोकथाम लगाने के लिए अलप्पुझा के जिलाधिकारी ने शुक्रवार शाम एक आपात बैठक की। इस बैठख में उन्होंने बर्ड फ्लू पर नियंत्रण पाने के लिए कदम उठाने और अधिकारियों से अपना प्रयास तेज करने के लिए कहा। 

प्रभावित इलाके में चिकन, अंडे की बिक्री पर लगी रोक

जिले के थाकझी ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 10 में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। संक्रमण के मामले मिलने के बाद इस इलाके को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही इलाके में लोगों और वाहनों के आने जाने पर रोक लगाई गई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में बतख, चिकन, बटेर के मांस एवं अंडे की बिक्री पर रोक लगाई है। ये प्रतिबंध चंपाकुलम, नेदुमुडी, मुत्तर, वियापुरम, कारूवत्ता, थकाजी, पुरक्कड़, अंबालापुझा साउथ, अंबालापुझा नार्थ, एदथ्वा पंचायत एवं हरिप्पड इलाके में लगाए गए हैं। 

पक्षियों को मारकर दफनाया जाएगा

बैठक में यह निर्णय हुआ कि थकाझी पंचायत के वार्ड नंबर 10 के एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाली पक्षियों को मारकर उन्हें सुरक्षित दफनाया जाएगा। इस काम में स्थानीय अधिकारियों को मदद पहुंचाने के लिए पुलिस को निर्देश दिया गया है। पुलिस से इलाके में निगराने करने के लिए भी कहा गया है। उन जगहों पर जहां बर्ड फ्लू के मामले मिले हैं, वहां पर त्वरित अनुक्रिया बल की टीम तैनात की जाएगी और लोगों को बर्ड से बचाने वाली दवाएं वितरित की जाएंगी।

जिलाधिकारी ने रोजाना की रिपोर्ट मांगी

इस बीच, असिस्टेंट फारेस्ट कंजरवेटर से यह पता करने के लिए कहा गया है कि बर्ड फ्लू का संक्रमण कहीं बाहरी देशों से आने वाले पक्षियों से तो नहीं फैला है। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग से बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रतिदिन रिपोर्ट देने के लिए कहा है।  

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