RSS की PFI से तुलना कर फंसे पटना SSP: कहा था- संघ सरीखी ट्रेनिंग देता है आतंकी संगठन, BJP ने घेरा; मिला नोटिस

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 14, 2022, 09:39 PM IST

Who is Manavjit Singh Dhillon: पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लन 2009 बैच के आईपीएस अफसर हैं। आरएसएस और पीएफआई की तुलना से जुड़े बयान को लेकर पुलिस मुख्यालय ने उनसे सफाई मांगी है। पूछा है कि आखिरकार उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया?

RSS की PFI से तुलना कर फंसे पटना SSP: कहा था- संघ सरीखी ट्रेनिंग देता है आतंकी संगठन, BJP ने घेरा; मिला नोटिस
Photo Credit: ANI

Who is Manavjit Singh Dhillon: बिहार की राजधानी पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लन गुरुवार (14 जुलाई, 2022) को बड़े विवाद में फंस गए। वजह- उन्हीं का बयान है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना आतंकी संगठन पीएफआई से करा दी। उन्होंने कहा कि पीएफआई संघ सरीखी ट्रेनिंग देता है और लोगों को एकजुट करता है।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बाबत एसएसपी को घेरते हुए उनकी निंदा की। साथ ही कहा कि उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए। बिहार बीजेपी ने कहा, "एसएसपी अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्हें सेवा से हटाने की जरूरत है।" इस बीच, पुलिस मुख्यालय की ओर से उनसे दो टूक जवाब मांगा गया है कि उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया?   

क्या है पूरा माजरा?
पटना पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि उसने एक टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि उसने पटना में 12 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे से एक दिन पहले पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। कहा गया कि पीएम इन पांचों के टारगेट पर थे। पीसी में ढिल्लन ने कहा- ये लोग मस्जिदों और मदरसों से युवाओं को एकजुट कर कट्टर बनाने की दिशा में काम कर रहे थे। उनका मकसद आरएसएस की शाखा की तरह काम करना था, जहां लाठी चलाने आदि की ट्रेनिंग दी जाती है। वे इसे फिजिकल ट्रेनिंग का नाम देते थे, पर वे इसके जरिए ब्रेनवॉश करते थे।    

एक नजर में जानें ढिल्लन को
मानवजीत सिंह ढिल्लन 2009 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वह पटना के एसएसपी से पहले सूबे में समस्तीपुर जिला के एसपी हुआ करते थे, जबकि इससे पहले उन्होंने मुंगेर में एसपी का जिम्मा संभाल रखा था। यह नहीं, वैशाली जिला में भी बतौर एसपी वह अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस जिले में उनके नेतृत्व में पुलिस महकमे ने कई सारी रेड डाली थीं, जबकि उन्हें सख्त छवि वाला अधिकारी माना जाता है। 

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