Assam: असम में हत्थे चढ़े जिहादी गतिविधियों' में शामिल दो संदिग्ध 'अलकायदा' से था कनेक्शन,CM हिमंत ने कही ये 'अहम बात'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 29, 2022, 04:36 PM IST

Assam News: असम के बारपेटा से दो संदिग्ध गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए हैं जिनका कनेक्शन अलकायदा से था गौर हो कि 10 दिन ये छठी गिरफ्तारी है।

Assam: असम में हत्थे चढ़े जिहादी गतिविधियों' में शामिल दो संदिग्ध  'अलकायदा' से था कनेक्शन,CM हिमंत ने कही ये 'अहम बात'

नई दिल्ली:  असम के बरपेटा जिले मेंदो लोगों को कथित तौर पर जिहादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। दोनों की पहचान अकबर अली और अबुल कलाम आजाद के रूप में की गयी है और उन्हें जिले के सोरभोग इलाके में एक घर से हिरासत में लिया गया। 

दोनों की पहचान अकबर अली और अबुल कलाम आजाद के रूप में की गई है और उन्हें जिले के सोरभोग इलाके में एक घर से हिरासत में लिया गया। आतंकी लिंक मामले में असम में बीते 10 दिनों में करीब 6 लोगों की गिरफ्तारी की है।

असम में बीते 10 दिनों में करीब 6 लोगों की गिरफ्तारी 

आतंकी लिंक मामले में असम में बीते 10 दिनों में करीब 6 लोगों की गिरफ्तारी की है।बारपेटा एनसी अभिताभ ने बताया, 'दोनों संदिग्ध व्यक्तियों का लिंक अलकायदा भारतीय उपमहाद्वीप (एआईक्यूएस) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT से है।'

चलाया गया बारपेटा के एक मदरसे में बेदखली अभियान भी 

पुलिस ने बारपेटा के एक मदरसे में बेदखली अभियान भी चलाया, क्योंकि यह मदरसा अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बनाया गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया, पकड़े गए दोनों संदिग्धों का लिंक इस मदरसे से भी है। पुलिस ने बताया, बारपेटा जिले से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों की पहचान कर ली गई है। एक की पहचान अकबर अली तो दूसरे की अबुल कलाम आजाद के रूप में हुई है। 

'यह दूसरा मदरसा है जिसे हमने बेदखल किया'

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह दूसरा मदरसा है जिसे हमने बेदखल किया क्योंकि वे एक संस्था के रूप में नहीं चल रहे थे बल्कि एक आतंकवादी केंद्र के रूप में चल रहे थे। मैं सामान्यीकरण नहीं करना चाहता, लेकिन जब कट्टरवाद की शिकायत आती है तो हम जांच करते हैं और उचित कार्रवाई करते हैं।

'कोई इमाम आता है और आप उसे नहीं जानते हैं तो पुलिस स्टेशन को सूचित करें'

ध्यान रहे कि पिछले दिनों असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपील की थी कि हमने कुछ एसओपी (SoP) बनाए हैं कि अगर आपके गांव में कोई इमाम आता है और आप उसे नहीं जानते हैं तो तुरंत पुलिस स्टेशन को सूचित करें, वे सत्यापित करेंगे, उसके बाद ही वे रुक सकते हैं, असम का हमारा मुस्लिम समुदाय इस काम में हमारी मदद कर रहा है।

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