Assam में 'गोमांस' बेचना पड़ेगा भारी,मंदिर के 5 km के दायरे में बिक्री पर लगी पाबंदी,मवेशी संरक्षण विधेयक पेश

देश
रवि वैश्य
Updated Jul 13, 2021 | 12:06 IST

Assam Cattle Protection Bill: मवेशी संरक्षण विधेयक असम विधानसभा में पेश कर दिया गया है, इसके मुताबिक हिंदू-सिख-जैन बहुल इलाकों व मंदिर के पांच किमी के दायरे में  गोमांस अब नहीं बेच सकते हैं।

Assam ban on cow slaughter
प्रतीकात्मक फोटो 

मुख्य बातें

  • उन हिस्सों में मवेशी का वध और बिक्री पर रोक लगाना है जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्या में 
  • नए प्रस्तावित कानून-असम मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 के तहत अपराध गैर-जमानती
  • किसी गाय, बछिया या बछड़े का तभी वध किया जा सकता है जब वह स्थायी रूप से अपाहिज हो

नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य विधानसभा में एक विधेयक पेश किया जिसका उद्देश्य राज्य के उन हिस्सों में मवेशी का वध और बिक्री पर रोक लगाना है जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्या में हैं। इस विधेयक में उचित दस्तावेज के अभाव में मवेशियों के एक जिले से दूसरे जिले और असम के बाहर परिवहन को भी अवैध बनाने का प्रस्ताव हैनए प्रस्तावित कानून-असम मवेशी संरक्षण विधेयक 2021 के तहत अपराध गैर-जमानती होंगे।

सरमा ने सदन में विधेयक पेश करने के बाद यह भी उल्लेखित किया कि "नये कानून का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मवेशियों के वध की उन क्षेत्रों में अनुमति नहीं दी जाये जहां मुख्य रूप से हिंदू, जैन, सिख और बीफ नहीं खाने वाले समुदाय रहते हैं अथवा वे स्थान किसी मंदिर और अधिकारियों द्वारा निर्धारित किसी अन्य संस्था के पांच किलोमीटर के दायरे में आते हैं।" उन्होंने कहा कि कुछ धार्मिक अवसरों के लिए छूट दी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एक नया कानून बनाने और पूर्व के असम मवेशी संरक्षण अधिनियम, 1950 को निरस्त करने की आवश्यकता थी जिसमें मवेशियों के वध, उपभोग और परिवहन को विनियमित करने के लिए पर्याप्त कानूनी प्रावधानों का अभाव था।

अधिनियमित हो जाने पर कानून किसी व्यक्ति को मवेशियों का वध करने से निषिद्ध करेगा, जब तक कि उसने किसी विशेष क्षेत्र के पंजीकृत पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया हो।

मान्यता प्राप्त बूचड़खानों को मवेशियों को काटने की अनुमति 

विधेयक के अनुसार पशु चिकित्सा अधिकारी केवल तभी प्रमाण पत्र जारी करेगा जब उसकी राय में मवेशी, जो कि गाय नहीं है और उसकी आयु 14 वर्ष से अधिक हो। किसी गाय, बछिया या बछड़े का तभी वध किया जा सकता है जब वह स्थायी रूप से अपाहिज हो, विधेयक के अनुसार साथ ही, उचित रूप से लाइसेंस प्राप्त या मान्यता प्राप्त बूचड़खानों को मवेशियों को काटने की अनुमति दी जाएगी।

यदि अधिकारियों को वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो नया कानून राज्य के भीतर या बाहर गोवंश के परिवहन पर रोक लगाएगा। हालांकि एक जिले के भीतर कृषि उद्देश्यों के लिए मवेशियों को ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

तीन साल की कैद या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना

जिले के भीतर बिक्री और खरीद के उद्देश्य से पंजीकृत पशु बाजारों के लिए मवेशियों के परिवहन के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कम से कम तीन साल की कैद या 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। नए कानून के तहत अगर कोई दोषी दूसरी बार उसी या संबंधित अपराध का दोषी पाया जाता है तो सजा दोगुनी हो जाएगी। कानून पूरे असम में लागू होगा और 'मवेशी' शब्द बैल, बछिया, बछड़े, भैंस, भैंसा और भैंस के कटड़ों पर लागू होगा।

India News in Hindi (इंडिया न्यूज़), Times Now के हिंदी न्यूज़ वेबसाइट -Times Now Navbharat पर। साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार) के अपडेट के लिए हमें गूगल न्यूज़, Facebook, Twitter और Instagram पर फॉलो करें.

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
Mirror Now
Live TV
अगली खबर