चीन-पाकिस्तान को लेकर आज सेना के अधिकारियों की हाईलेवल मीटिंग, होगी अहम चर्चा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 25, 2021, 08:42 AM IST

सीमा पर पाकिस्तान और चीन (Pakistan and China) की बढ़ती नापाक हरकतों के मद्देनजर आज सेना के अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हो रही है। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

चीन-पाकिस्तान को लेकर आज सेना के अधिकारियों की हाईलेवल मीटिंग, होगी अहम चर्चा
Photo Credit: PTI

नई दिल्ली:  पाकिस्तान और चीन ने को लेकर आज भारतीय सेना के अधिकारी आज एक उच्च स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं।  कमांडरों के इस सम्मेलन के दौरान सीमा पर सुरक्षा स्थिति को लेकर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान से सीमा पर तनाव चल रहा है और आतंकी कश्मीर घाटी में स्थानीय लोगों को निशाना बना रहे हैं, वहीं चीन ने भी LAC पर अपने सैनिकों को तैनात करना जारी रखा है।

वर्तमान हालातों पर होगी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक सेना के कमांडरों का सम्मेलन में चीन के साथ उत्तरी सीमाओं पर वर्तमान स्थिति और पश्चिमी मोर्चे पर आतंकी समूहों के समर्थन में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई पर चर्चा होगी। इसके अलावा बैठक में पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पाकिस्तान सेना और वहां की खुफिया एजेंसी ISI की गतिविधियों के साथ-साथ देश के सामने आने वाली बाकी सुरक्षा चुनौतियों पर भी बात होगी। भारतीय सेना ने LAC पर पर बहुत सख्त रुख अपनाया हुआ है। वहां भारी संख्या में सैनिकों को तैनात किया गया है। 

सोमवार को भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारी उच्च स्तरीय मीटिंग में सुरक्षा स्थिति से निपटने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। बता दें कि चीन के साथ पिछले एक साल से सीमा पर तनाव की स्थिति है वहीं, पाकिस्तान की तरफ से भी एलओसी पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है।

चीन ने नया भूमि सीमा कानून किया पारित

 आपको बता दें कि देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को ‘पवित्र और अक्षुण्ण’ बताते हुए चीन की संसद ने सीमावर्ती इलाकों के संरक्षण और उपयोग संबंधी एक नया कानून अपनाया है जिसका असर भारत के साथ बीजिंग के सीमा विवाद पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कानून में कहा गया है कि देश क्षेत्रीय अखंडता और जमीनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए तथा जमीनी सीमाओं और क्षेत्रीय संप्रभुता को कमतर करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कदम उठाया जाएगा।

End of Article