क्या है Delta Plus Variant, जानिए कोरोना के इस नए वायरस के बारे में सबकुछ

देश में कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ता हुआ दिख रहा है। अब तक डेल्टा प्लस के देश में 40 से ज्यादा केस मिल चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा है।

All You Need To Know about Delta Plus Variant Of Covid-19
देश पर अब कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट का खतरा।  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • अब तक देश में इस वायरस से संक्रमण के 40 से ज्यादा केस मिल चुके हैं
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को विशेष रूप से सावधान रहने के लिए कहा है
  • इस वायरस पर टीके कितने असरदार हैं, इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है

नई दिल्ली : देश में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका और इससे निपटने की तैयारियों के बीच कोरोना वायरस के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस ने सरकार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस नए वैरिएंट की संक्रामकता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' यानि कि चिंता का विषय बताया है। शुरू में इस नए वैरिएंट के संक्रमण के मामले तीन राज्यों महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में मिल थे लेकिन अब यह वायरस अन्य राज्यों में पांव पसार रहा है। 

40 से ज्यादा मिले संक्रमण के केस 
पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और जम्मू में डेल्टा प्लस के नए केस मिलने के बाद इससे संक्रमण की संख्या 40 के पार हो गई है। कोरोना के इस नए वैरिएंट के असर एवं संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन राज्यों को तत्काल कदम उठाने के लिए कहा है जहां इस वैरिएंट के मामले मिले हैं। मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे संक्रमण की जगहों पर टेस्टिंग, ट्रैसिंग एवं टीकाकरण की अपनी प्रक्रिया तेज करें। 

अभी इस वायरस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में तीसरी लहर पैदा कर सकता है। कोविड पर महाराष्ट्र टास्क फोर्स के सदस्य ओम श्रीवास्तव ने कहा, 'यह चिंतित करने वाला है क्योंकि यहां से वह किस तरह का व्यवहार करने वाला है, उसके बारे में हम अभी ज्यादा नहीं जानते।' 

क्या है डेल्टा प्लस वैरिएंट? What is the Delta Plus variant?

डेल्टा पल्स वैरिएंट बी.1.617.2 स्ट्रेन का म्यूटैंट वर्जन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बी.1.617.2 स्ट्रेन को डेल्टा नाम दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के इस डेल्टा वैरिएंट ने ही देश में दूसरी लहर पैदा की। डेल्टा वैरिएंट की संक्रमण दर काफी ज्यादा मानी जाती है। इसने तेजी से लोगों को बीमार किया है। 

Delta Plus के बारे में सरकार का कहना है-

  1. यह संक्रमण को तेजी से बढ़ाने वाला है।
  2. यह फेफड़े की कोशिकाओं को तेजी से संक्रमित कर सकता है।
  3. यह शरीर में एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया धीमी कर सकता है।  

कितना खतरनाक है यह डेल्टा प्लस
कोरोना का यह नया रूप कितना खतरनाक है, इसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन महाराष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए वैरिएंट को देखते हुए देश में तीसरी लहर समय से पहले आ सकती है। महाराष्ट्र में ही इस नए वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इस राज्य में पहली और दूसरी लहर का प्रकोप बहुत ज्यादा रहा है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र पहले से ही तैयारी कर रहा है। 

भारत सहित कई देशों में मिले डेल्टा प्लस के केस
डेल्टा प्लस वैरिएंट अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विटजरलैंड, जापान, पोलैंड, रूस, चीन और भारत में मिल चुका है। महाराष्ट्र सरकार उन लोगों की यात्रा इतिहास, टीकाकरण सहित अन्य रिपोर्टें जुटा रही है जो डेल्टा प्लस से संक्रमित हुए हैं। 

क्या इस नए वैरिएंट पर कारगर नहीं हैं टीके?
कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट पर मौजूदा टीके कितने असरदार हैं, इसके बारे में अभी कुछ ज्यादा नहीं कहा गया है। सरकार का कहना है कि डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोविशील्ड एवं कोवाक्सिन कारगर हैं लेकिन ये टीके डेल्टा प्लस के खिलाफ कितने असरदार हैं इसका डाटा बाद में साझा करने की बात कही गई है। 

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