Coronil पर पतंजलि का यू-टर्न, आचार्य बालकृष्ण ने कहा- हमने कभी नहीं कहा था

देश
लव रघुवंशी
Updated Jun 30, 2020 | 17:20 IST

Patanjali Coronil: कोरोना वायरस की दवा बनाने का दावा करने वाली पतंजलि ने यू-टर्न ले लिया है। आचार्य बालकृष्ण ने इस संबंध में अब सफाई दी है। उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग ने पतंजलि को नोटिस भेजा था।

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23 जून को लॉन्च की गई थी कोरोनिल 

मुख्य बातें

  • बाबा रामदेव ने 23 जून को कोरोनिल को लॉन्च किया था
  • 7 दिन में 100 प्रतिशत कोरोना के मरीजों के ठीक होने का ऐलान किया गया था
  • पतंजलि को कफ-बुखार की दवा बनाने का लाइसेंस दिया था: उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी से लोगों को पूरी तरह ठीक करने का दावा करने वाली बाबा रामदेव की पतंजलि ने यू-टर्न ले लिया है। पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण सामने आए हैं और कहा कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि कोरोनिल ठीक कर सकता है या कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए इसका उपयोग किया गया। 

आचार्य बालकृष्ण ने कहा, 'हमने कभी भी नहीं कहा था कि दवा (कोरोनिल) कोरोना को ठीक या नियंत्रित कर सकती है, हमने कहा कि हमने दवाइयां बनाई थीं और उनका इस्तेमाल क्लिनिकल ट्रायल्स के दौरान कोरोना रोगियों पर किया गया, और वो ठीक हुए। इसमें कोई भ्रम नहीं है।' 

कफ और बुखार की दवा के लिए मांगा था लाइसेंस 

पतंजलि को उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग से नोटिस भेजा गया था। दरअसल आयुर्वेद विभाग के लाइसेंस अधिकारी का कहना था कि उनकी तरफ से पतंजलि आयुर्वेद को इम्यूनिटी पावर मजबूत करने और कफ एवं बुखार की दवा बनाने के लिए लाइसेंस दिया गया था। पतंजलि ने लाइसेंस के लिए जो आवेदन किया था उसमें कोरोना वायरस की दवा का कोई जिक्र नहीं था। 

अब उत्तराखंड आयुर्वेद विभाग के लाइसेंस ऑफिसर वाईएस रावत ने बताया, 'हमारे नोटिस के जवाब में पतंजलि ने कहा कि उनके द्वारा कोई 'कोरोना किट' पैक नहीं किया गया है। पतंजलि ने 'कोरोनिल' पैकेजिंग पर कोरोना वायरस का प्रतिनिधि चित्र छापा है। कोरोनिल और 2 अन्य दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए ले लिए गए हैं।' 

आयुष मंत्रालय ने भी मांगा था जवाब

योग गुरु बाबा रामदेव ने 23 जून को कोरोना वायरस के इलाज का दावा किया। उन्होंने 'कोरोनिल' नाम की दवा को बाजार में उतारा और कहा है कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और अनुसंधान के बाद बनी यह दवा कोविड 19 के मरीजों को शत प्रतिशत फायदा पहुंचा रही है। इसी दिन आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को आदेश दिया कि इस कथित कोविड दवा का तब तक प्रचार नहीं करे जब तक कि इस मुद्दे की विधिवत जांच नहीं हो जाती। पतंजलि से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द उस दवा का नाम और उसके घटक बताए जिसका दावा कोविड उपचार के लिए किया जा रहा है। वह नमूने का आकार, स्थान, अस्पताल जहां अध्ययन किया गया और आचार समिति की मंजूरी के बारे में विस्तृत जानकारी दे। 

7 दिन में ठीक करने का था दावा

दवा को लॉन्च करते हुए पतंजलि की तरफ से दावा किया गया कि 100 मरीजों पर क्लिनिकल ट्रायल किया गया है, जिसमें 3 दिन के अंदर 69 प्रतिशत और 7 दिन के अंदर शत प्रतिशत मरीज ठीक हो गए हैं। रामदेव ने कहा कि हम 'कोरोनिल' को पतंजलि योगपीठ से पूरे विश्व के लिए लॉन्च कर रहे हैं और पूरे आयुर्वेद जगत के लिए यह बहुत ही गर्व का विषय है। 

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