Covid Vaccine: 160 करोड़ डोज का ऑर्डर दे चुका है भारत, बुकिंग के मामले में दुनिया में नंबर वन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 4, 2020, 09:12 AM IST

दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन की 'कन्‍फर्म डोज' बुकिंग के मामले में भारत पहले स्थान पर बना हुआ है जिसने अभी तक 160 करोड़ वैक्सीन डोज का ऑर्डर दे दिया है।

Covid Vaccine: 160 करोड़ डोज का ऑर्डर दे चुका है भारत, बुकिंग के मामले में दुनिया में नंबर वन

बेंगलुरु: देश में कोरोना के बढ़ते मामालों के बीच एक अच्छी खबर यह है कि भारत सरकार ने आम नागरिकों तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने की पूरी तैयारी कर ली है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक 30 नवंबर तक, भारत कोविड -19 वैक्सीन खुराक की 'कन्‍फर्म डोज' बुकिंग के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है। खबर के मुताबिक भारत ने अभी तक 1.6 बिलियन खुराक यानि 160 करोड़ वैक्सीन डोज का ऑर्डर दे चुका है।

विश्लेषण में सामने आई बात

ड्यूक विश्वविद्यालय द्वारा नवीनतम वैश्विक वैक्सीन खरीद विश्लेषण में यह बात सामने निकलकर आई है कि जिन देशों और वैक्सीन डेवलपर्स के बीच सबसे अधिक अनुबंध हुए हैं उनसमें भारत पहले नंबर पर है जबकि यूरोपीय संघ दूसरे और अमेरिका को इस सूची में तीसरे स्थान पर रखा गया है।  यूरोपीय यूनियन को 1.58 बिलियन डोज तथा अमेरिका को 100 करोड़ से ज्‍यादा मिलेंगी। इन सबके लिए एक ही शर्त कि वैक्‍सीन ट्रायल्‍स में सफल साबित होनी चाहिए।

कनाडा और ब्रिटेन ने सात डेवलपर्स से साधा संपर्क

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने नवंबर में कहा था कि भारत जुलाई-अगस्त 2021 तक 500 मिलियन यानि 50 करोड़ डोज हासिल करने के लिए वैक्सीन बनाने वालों के साथ बातचीत कर रहा है। ड्यूक यूनिवर्सिटी के "लॉन्च एंड स्केल स्पीडोमीटर" का एक विश्लेषण, जिसे हर दो सप्ताह में अपडेट किया जाता है, उसके मुताबिक भारत ने अब तक तीन वैश्विक वैक्सीन डेवलपर्स से डील की है, जबकि यूरोपीय संघ और अमेरिका ने छह वैक्सीन डेवलपर्स के साथ सौदे किए हैं। वहीं सबसे ज्यादा डील कनाडा और ब्रिटेन के ने की हैं जिन्होंने सात डेवलपर्स से टीके की 350 मिलियन से अधिक खुराक के लिए सौदा किया है।

इन कंपनियों से की डील

भारत को एस्‍ट्राजेनेका कंपनी से ऑक्‍सफोर्ड यून‍िवर्सिटी की 500 मिलियन डोज मिलेंगी जो देश में 'कोविशील्‍ड' नाम से उपलब्‍ध होगी। इसके अलावा अमेरिकी कंपनी नोवाक्स इंक से एक बिलियन और रूस के गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट से 100 मिलियन डोज मिलेंगे, जिसने स्पुतनिक-वी विकसित किया है। एस्‍ट्राजेनेका ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के साथ 1 बिलियन डोज की डील की है। SII दुनिया का सबसे बड़ा वैक्‍सीन निर्माता है जहां पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने दौरा किया था। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भारत बॉयोटेक तीसरे चरण के तहत परीक्षण शुरू कर चुकी है।

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