भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नई दिल्ली में Chanakya Defence Dialogue 2025 के कर्टन रेज़र में पड़ोसी देशों, सीमा सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर और युवा शक्ति पर बेहद स्पष्ट और जोरदार संदेश दिए।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
उनका दो टूक बयान था— “हमारे लिए आतंकवादी और आतंकवाद के आका एक बराबर हैं। अगर कोई हमें ब्लैकमेल करना चाहता है, तो भारत कभी किसी ब्लैकमेल से नहीं डरेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ एक ट्रेलर था, जो 88 घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया, पिक्चर अभी बाकी है।
यानी कि संदेश स्पष्ट है कि भारत भविष्य के लिए तैयार है। आज के युद्धक्षेत्र में तेजी से निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी सेनाओं और उनके विभागों का इंटीग्रेशन होगा, उतनी तेजी से सेना जवाब दे पाएगी।
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के प्रति मोह कम: जनरल उपेंद्र द्विवेदी
जम्मू-कश्मीर पर उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद सबसे बड़ा बदलाव राजनीतिक स्पष्टता का है। IIT, IIM और नए कॉलेज खुल रहे हैं, 21% तक स्कूल बढ़े हैं और आतंकवाद में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। इस साल 31 आतंकवादी मारे गए, जिनमें 21 पाकिस्तानी नागरिक थे।उन्होंने कहा कि अब घाटी में पत्थरबाजी नहीं होती। पहलगाम हमले जैसी घटना के बावजूद इस साल अमरनाथ यात्रा में भारी संख्या में यात्री पहुंचे, आंकड़े बेहतर हुए वरना लोग सोच रहे थे कि ऐसे आतंकी हमलों बाद क्या यह यात्रा होगी भी। जनरल द्विवेदी के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में भारत के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान के प्रति मोह खत्म होता जा रहा है।
दिल्ली ब्लास्ट पर स्पष्ट टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने कहा कि आज का आम भारतीय जम्मू-कश्मीर के हर हिस्से में जाना चाहता है, जम्मू-कश्मीर से लोग देश के कोने-कोने में काम करना चाहते है, और जो लोग कभी हालात खराब होने पर बाहर चले गए थे, वे भी अब लौटना चाहते हैं।
'चीन के साथ संबंधों में सुधार'
चीन के साथ सीमा स्थिति पर सेना प्रमुख ने कहा कि पिछले एक साल में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत बढ़ी है और 1 अक्टूबर 2024 के बाद कई सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।
रक्षा मंत्री की यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने विचार किया कि अब तय करना होगा कि “बर्फ पिघलनी चाहिए या नहीं।” चीन के निर्माण कार्यों पर भी पारदर्शिता बढ़ी है—अब किसी भी कंस्ट्रक्शन की पहले से जानकारी दी जाती है और भारत की आपत्ति पर कई बार चीन निर्माण हटाने तक को तैयार हो जाता है।
अंत में जनरल द्विवेदी ने Gen Z के लिए खास संदेश देते हुए कहा कि युवा शब्द केवल मानसिक अवस्था है और आज का युवा सामाजिक रूप से अधिक जागरूक है। अगर उन्हें सही दिशा मिल जाए तो वे 2047 का इंतजार नहीं करेंगे—2037 तक ही भारत को विकसित राष्ट्र बना देंगे।
