देश

अंडमान और निकोबार कमांड ने किया बड़ा युद्धाभ्यास KAVACH, अब तक की सबसे बड़ी ज्वाइंट एक्सरसाइज

  • Authored by: शिवानी शर्माContributed by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 6, 2023, 01:28 PM IST

कवच नाम से चलाए गए इस युद्धाभ्यास में आधुनिक तरीकों से अभ्यास किया गया। यह इस लिहाज से जरूरी है कि चीन निकोबार से करीब 55 किलोमीटर दूर कोको द्वीप पर निगाहें गढ़ाए हुए है।

Image

डमान और निकोबार कमांड ने किया बड़ा युद्धाभ्यास

Photo : ANI

Exercise Kavach: अंडमान और निकोबार कमांड ने 5 अप्रैल को सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल ने मिलकर बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभ्यास कवच (EX-KAVACH) का आयोजन किया गया। इस संयुक्त सेना अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त युद्ध लड़ने की क्षमताओं और परिचालन तालमेल को ठीक करना है। अंडमान निकोबार कमांड (ANC) ने कहा कि संयुक्त बलों ने जमीन-जल में लैंडिंग, एयर-लैंडेड ऑप्स, हेलीबोर्न ऑप्स और विशेष बलों को शामिल करते हुए मल्टी-डोमेन अभ्यास किए।

अब तक की सबसे बड़ी ज्वाइंट एक्सरसाइज

भारत की पहली और इकलौती ट्राई सर्विस थिएटर कमांड अंडमान और निकोबार कमांड में चीन को चुनौती देने के लिए अब तक की सबसे बड़ी ज्वाइंट एक्सरसाइज की गई। एक्सरसाइज कवच नाम के इस युद्धाभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना, भारतीय वायु सेना और इंडियन कोस्ट गार्ड एक्चुअल युद्ध की तैयारी करते हुए दिखाई दिए। अंडमान और निकोबार कमांड में तमाम तरह के एमफीबिएस ऑपरेशन लगातार किए जाते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सेना के सभी अंगों का तालमेल दुश्मन पर भारी भारी पड़ सके।
Exercise Kavach

Exercise Kavach

युद्धाभ्यास कवच में इंट्रॉपरेबिलिटी को बढ़ाने के लिए अभ्यास किया गया। इसमें युद्ध की वास्तविक परिस्थितियों को बनाकर सेना, नौसेना, भारतीय वायुसेना और कोस्ट गार्ड के जवानों ने अपना युद्ध कौशल दिखाया। इस एक्सरसाइज के दौरान मल्टीरोल अभ्यास किए गए जिनमें एमफीबीएस लैंडिंग, एयर ऑपरेशन, हेलीबोर्न ऑपरेशन और रैपिड इंसर्शन जैसे तमाम ऑपरेशन शामिल थे। एक्सरसाइज में दिखाया गया कि किस तरह से युद्ध की स्थिति कम समय में स्पेशल फोर्स कमांडोज को युद्ध के क्षेत्र में लाया जा सकता है।

Exercise Kavach

Exercise Kavach

नेटवर्क और सर्विलांस को मजबूत रखते हुए युद्ध में लड़ाई के साथ-साथ इंफॉर्मेशन और आपसी कम्युनिकेशन क्षमताओं को भी परखा गया। 5 अप्रैल को रैपिड रिएक्शन क्षमताओं का जबरदस्त प्रदर्शन किया गया जिसमें शत्रु जीत ब्रिगेड, एयरफोर्स के स्पेशल दस्ते, नेवी के मार्कोस यानि मरीन कमांडोज, अंडमान निकोबार कमांड के जांबाज पूरी तैयारी के साथ दिखाई दिए। भारतीय सेना में लगातार जॉइंट मैनशिप को बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि आने वाली लड़ाइयों के लिए रक्षा क्षेत्र के सभी अंग एक साथ मिलकर पूरी ताकत से दुश्मन को जवाब दे सके।

हाल ही में मध्यप्रदेश के भोपाल में हुए कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी तरह की साझा तैयारी का रिव्यू भी किया था और जल्द ही थिएटर कमांड बनाने पर भी बातचीत की थी। देश की पहली जॉइंट ट्राय सर्विसेज कमांड यानि अंडमान निकोबार कमान में सेना के सभी अंगों का तालमेल और इंट्रॉपरेबिलिटी को तराशा जा रहा है और यह कमांड आगे बनने वाली थिएटर कमांड्स के लिए एक बेहतरीन मापदंड तैयार कर रही है। एक्सरसाइज कवच में अपनी समुद्री सीमाओं में दुश्मन की घुसपैठ खास तौर पर चीन की तरफ से होने वाली कोशिशों पर नियंत्रण और समुद्र में होने वाले युद्ध की परिस्थिति में दुश्मन को करारा जवाब देने की भारत की तैयारी पूरी दिखाई दी।

शिवानी शर्मा
शिवानी शर्माauthor

19 सालों के पत्रकारिता के अपने अनुभव में मैंने राजनीति, सामाजिक सरोकार और रक्षा से जुड़े पहलुओं पर काम किया है। सीमाओं पर देश के वीरों का शौर्य, आत्मनिर्भर होती भारत की सेनाओं का साहस और रक्षा मंत्रालय की हर हलचल के साथ ही रूस-यूक्रेन युद्ध को नज़दीक से देखा, समझा और रिपोर्ट किया है। विषमताओं को पार कर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 19,300 फीट पर दुनिया के सबसे ऊँचे पास पर पहुँचने वाली पहली पत्रकार होने का गौरव प्राप्त किया। Times Now नवभारत पर रक्षा क्षेत्र से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण खबरें लाना मेरी कोशिश है जो आपको सिर्फ सच बताएं।

और पढ़ें
End of Article