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YouTube से कमाई होगी मुश्किल, YPP के लिए शॉर्ट पर 2 करोड़ व्यूज और वीडियो पर 8 हजार घंटे जरूरी

कंटेंट क्रिएटर के लिए यूट्यूब से कमाई मुश्किल होने वाली है। YPP के जरिये यूट्यूब क्रिएटर्स के साथ एड रेवेन्यू शेयर करता है। इसमें शामिल होने की शर्तें बेहद कड़ी कर दी हैं। नए नियम अगले साल से लागू होंगे।

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क्रिएटर्स के लिए कमाई होगी मुश्किल
Authored by: Yateendra Lawaniya
Updated Aug 11, 2026, 13:25 IST
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YouTube से कमाई करने की तैयारी कर रहे नए क्रिएटर्स (Creators) के लिए अब यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (YPP) के तहत फुल मॉनेटाइजेशन (Monetization) की राह पहले से ज्यादा मुश्किल होने वाली है। YouTube ने YPP के नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान किया है। फिलहाल, एड और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग के लिए YPP की पात्रता हासिल करने वाले क्रिएटर्स को शॉर्ट्स पर पिछले 90 दिनों में 10 मिलियन यानी 1 करोड़ व्यूज या वीडियो पर पिछले 365 दिनों में 4,000 घंटे वॉच टाइम पूरा करना होता है। लेकिन 1 फरवरी 2027 से ये नियम बदलने जा रहे हैं। इसके बाद नए क्रिएटर्स को फुल एड और YouTube Premium रेवेन्यू शेयरिंग के लिए शॉर्ट्स पर पिछले 90 दिनों में 20 मिलियन यानी 2 करोड़ क्वालिफाइड व्यूज या वीडियोज पर पिछले 365 दिनों में 8,000 घंटे क्वालिफाइड वॉच टाइम पूरा करना होगा।

शॉर्ट्स से कमाई होगी मुश्किल

अभी YPP के तहत Full ads Revenue Sharing के लिए 90 दिन में 1 करोड़ Shorts views और लॉन्ग फॉर्म वीडियोज के लिए 365 दिन में 4,000 Watch Hours की शर्तें इस प्रोग्राम में एंट्री की शर्तें हैं। यानी एक बार एंट्री के बाद कम व्यूज होने पर भी YPP में शामिल रहते हैं। लेकिन, 1 फरवरी, 2026 से यह बदलने वाला है। इसके बाद जो लोग पहले से YPP में शामिल हैं, उन्हें 10 मिलियन 90 दिन को लगातार मेंटेन करना होगा। यानी अभी अगर कोई क्रिएटर YPP के तहत शॉर्ट्स से रेवेन्यू हासिल कर रहा है। लेकिन, 1 फरवरी, 2027 के बाद अगर शॉर्ट्स पर उसके व्यूज 90 दिन में 10 मिलियन से कम होते हैं, तो उस क्रिएटर की Shorts Creator Pool से ads और YouTube Premium revenue की कमाई रुक जाएगी। पहला रास्ता Shorts के जरिए 90 दिनों में 2 करोड़ क्वालिफाइड व्यूज का होगा। वहीं, दूसरा रास्ता 1000 सब्सक्राइबर के सााथ Long-form videos के जरिये 365 दिनों में 8,000 क्वालिफाइड वाच आवर्स का होगा।

क्या 500 सब्सक्राइबर वालों को भी 2 करोड़ व्यूज चाहिए?

यहां YouTube के अलग-अलग मॉनेटाइजेशन लेवल को समझना जरूरी है। YouTube ने 500 सब्सक्राइबर वाले शुरुआती अर्निंग फीचर्स की पात्रता में बदलाव नहीं किया है। यानी अगर क्रिएटर के पास 500 सब्सक्राइबर हैं और वह 365 दिनों में 3,000 क्वालिफाइड वाच आवर्स या पिछले 90 दिनों में 30 लाख लाख क्वालिफाइड शॉर्ट्स व्यूज की शर्त पूरी करता है, तो उसे फैन फंडिंग, YouTube Shopping और क्रिएटर पार्टनशिप जैसे फीचर तक पहुंच मिलती रहेगी। इसका मतलब यह हुआ कि नए क्रिएटर्स के लिए YouTube पर कमाई शुरू करने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हो रहा है। लेकिन एड और यूट्यूब प्रीमियम रेवेन्यू शेयरिंग के लिए YouTube Premium revenue sharing के लिए ऊंची threshold लागू होगी।

पहले से YPP में शामिल क्रिएटर्स का क्या होगा?

जो क्रिएटर्स पहले से YPP में हैं, उनके लिए सबसे बड़ी राहत यह है एंट्री की नई शर्तें सीधे तौर पर उन पर लागू नहीं होंगी। बल्कि, उनके लिए होंगी, जो YPP में 1 फरवरी, 2027 के बाद शामिल होंगे। हालांकि, पुराने क्रिएटर्स को शॉर्ट्स पर कमाई जारी रखने के लिए 90 दिन में 1 करोड़ व्यूज की शर्त लगातार पूरी करनी होगी।

YouTube ने प्रीमियम लाइट को भी बढ़ाया

YouTube ने सिर्फ पात्रता की शर्तें ही नहीं बदली हैं। बल्कि, प्रीमियम लाइट को भी उन सभी देशों में ला रही है, जहां YouTube Premium पहले से उपलब्ध है।

Premium Lite एक कम कीमत वाला सब्सक्रिप्शन विकल्प है। YouTube का कहना है कि प्रीमियम के विस्तार से क्रिएटर्स के लिए सब्सक्रिप्शन बेस्ड रेवेन्यू बढ़ने के अवसर मिलेंगे। यूट्यूब के मुताबिक प्रीमियम सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का 30% और प्रीमियल लाइट सब्सक्रिप्शन का 60% रेवेन्यू क्रिएटर्स पूल में जाता है। इसके बाद क्रिएटर्स को उनके कंटेंट पर आए व्यूज के आधार पर इस भुगतान मिलता है। इसमें लॉन्ग फॉर्म वीडियो के लिए स्टेंडर्ड क्रिएटर रेवेन्यू शेयर 55% और शॉर्ट्स के लिए 45% है।

एक नजर में समझें यूट्यूब के बदलाव

एक नजर में समझें यूट्यूब के बदलाव

नए विकल्प भी आएंगे

YouTube का कहना है कि वह शॉर्ट्स क्रिएटर्स के लिए पात्रता की शर्तें ही नहीं बदली जा रही हैं। बल्कि, उनको मिलने वाले अवसर भी बन रहे हैं। ऐसे क्रिएटर जो नियमित पोस्ट करते हैं, लेकिन 1 करोड़ व्यूज की सीमा से नीचे रह जाते हैं, उनके लिए नए इंसेटिव प्रोग्राम लाए जाएंगे। इनमें YouTube Shopping से जुड़े बॉनस, ब्रांड डील और कल्चरल ट्रेंड एक्टिवेशन से जुड़ी अर्निंग शामिल होंगी। हालांकि, इनके बारे में विस्तार से पूरी प्रक्रिया बाद में बताई जाएगी।

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