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'मुझे घर की सफाई खुद करनी पड़ेगी..' इस वजह से ठुकरा दिया US में नौकरी का मौका, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

एक भारतीय कर्मचारी ने अजीब वजहों से US में नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया, कहा- 'मुझे घर की सफ़ाई खुद करनी पड़ेगी' और '10 मिनट में ग्रॉसरी नहीं मिलेगी'

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इस वजह से ठुकरा दिया US में नौकरी का मौका (AI Image)

Zymrat के को-फाउंडर और एंटरप्रेन्योर उज्ज्वल अस्थाना ने अपने एक रिश्तेदार की कहानी शेयर की, जिसने US में नौकरी का मौका ठुकरा दिया ताकि वह भारत में ही रह सके। अमेरिका को अक्सर मौकों की जमीन माना जाता है, जो ज़्यादा सैलरी और बेहतर करियर की संभावनाओं के वादे के साथ दुनिया भर के प्रोफेशनल्स को अपनी ओर खींचता है। लेकिन एक भारतीय कर्मचारी के लिए, विदेश जाने का विचार काफी नहीं था। बताया जाता है कि उसने US में इंटरनल ट्रांसफर का ऑफर ठुकरा दिया।

उज्ज्वल अस्थाना ने अपने एक रिश्तेदार की कहानी शेयर की, जिसने US में नौकरी का मौका ठुकरा दिया ताकि वह भारत में ही रह सके। भारत न छोड़ने के उस रिश्तेदार के कारण ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है।

भारत बनाम US

अपने X पोस्ट में, अस्थाना ने बताया कि उनके रिश्तेदार ने US न जाने का फैसला किया क्योंकि वहां उसे घर के काम खुद करने पड़ते। US में उसे 10 मिनट में डिलीवरी या भारत में रहने के दौरान मिलने वाली दूसरी सुविधाओं का फायदा भी नहीं मिलता।दूसरी ओर, भारत में यह कर्मचारी जो अविवाहित है आरामदायक जिंदगी जीता है।

उज्ज्वल अस्थाना ने लिखा, 'एक रिश्तेदार अपनी ही कंपनी में US जाने का मौक़ा ठुकरा रहा है।' 'उसकी वजह-ऑफर की गई सैलरी में उसे घर की सफाई खुद करनी होगी, घर पर खाना होगा, 10 मिनट में ग्रॉसरी नहीं मिलेगी, घर पर मसाज नहीं मिलेगी - यहां वह सिंगल है और राजाओं जैसी जिंदगी जीता है।'

भारत में, कई प्रोफेशनल्स घरेलू मदद, लॉन्ड्री सर्विस, फ़ूड डिलीवरी और जल्दी ग्रॉसरी डिलीवरी जैसी सुविधाओं का खर्च उठा सकते हैं, जिनकी कीमतें उनकी इनकम के हिसाब से काफी सस्ती होती हैं। US में, लेबर कॉस्ट ज़्यादा होने के कारण यही सेवाएं अक्सर काफी महंगी होती हैं, जिससे कई लोगों को घर के काम खुद करने पड़ते हैं।

पोस्ट से बहस छिड़ी

US न जाने के भारतीय कर्मचारी के कारण ने X पर बहस छेड़ दी। कुछ लोगों के लिए, यह फ़ैसला सिर्फ सैलरी के बारे में नहीं था, बल्कि US में रहने पर मिलने वाली रोजमर्रा की जीवनशैली के बारे में था। बाकी लोगों ने भी उनकी बात का समर्थन किया।

एक X यूज़र ने कहा, 'दुनिया में ऐसी कौन सी जगह है जहां दूध, अख़बार, राशन, मेड, रसोइया, इस्त्री करने वाला, सफ़ाई करने वाला, टीचर, दर्जी, बैंक... सब आसानी से मिल जाते हैं? भारत तो स्वर्ग है!'

एक X यूज़र ने कहा, 'जब तक उन्हें US में PR मिलेगा, तब तक वहां ज़्यादातर काम रोबोट ही करेंगे। उन्हें अपने इस फैसले पर पछतावा होगा। भले ही वह कुछ सालों के लिए वहां जाएं, फिर भी यह फायदेमंद रहेगा। अलग-अलग संस्कृतियों को जानने-समझने से जिंदगी बदलने वाले कई अनुभव मिलते हैं।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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