Earthquake News Today: लेह, लद्दाख में 30 जनवरी, मंगलवार की सुबह सुबह-सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने ये जानकारी साझा की है कि सुबह करीब 05:39 बजे लेह और लद्दाख में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता का भूकंप आया है.
भारत में साल 2024 में कब-कब आया भूकंप?
भूकंप का केंद्र 5 किमी की गहराई पर था और झटके 35.27 अक्षांश और 75.40 देशांतर पर आए। बता दें, वर्ष 2024 के पहले महीने में देश के कई राज्यों में भूकंप आ चुके हैं। एजेंसी ने इसकी जानकारी साझा की है। नीचे पढ़िए इस वर्ष जनवरी माह में कब-कब कहां कहां भूकंप आया।
1 जनवरी
लद्दाख में रिक्टर पैमाने पर 3.6 तीव्रता से भूकंप आया।
2 जनवरी
जम्मू-कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता से भूकंप आया।
2 जनवरी
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में 3.5 तीव्रता से भूकंप आया।
3 जनवरी
मणिपुर के उखरुल में रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता से भूकंप आया।
3 जनवरी
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता से भूकंप आया।
3 जनवरी
महाराष्ट्र के पालघर में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता से भूकंप आया।
4 जनवरी
जम्मू कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 3.9 तीव्रता से भूकंप आया।
5 जनवरी
मिज़ोरम के लुंगलेई में रिक्टर पैमाने पर 3.5 तीव्रता से भूकंप आया।
5 जनवरी
असम के मोरीगांव में रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता से भूकंप आया।
10 जनवरी
भारत के अंडमान द्वीप समूह पर 4.1 तीव्रता से भूकंप आया।
13 जनवरी
उत्तराखंड के चंबा में रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता से भूकंप आया।
14 जनवरी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रिक्टर पैमाने पर 3.1 तीव्रता से भूकंप आया।
15 जनवरी
असम के कार्बी आंगलोंग में रिक्टर पैमाने पर 3.6 तीव्रता से भूकंप आया।
15 जनवरी
जम्मू कश्मीर में रिक्टर पैमाने पर 3.6 तीव्रता से भूकंप आया।
17 जनवरी
असम के दारंग में रिक्टर पैमाने पर 3.5 तीव्रता से भूकंप आया।
20 जनवरी
हिमाचल प्रदेश के किन्नूर में रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता से भूकंप आया।
28 जनवरी
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में रिक्टर पैमाने पर 3.3 तीव्रता से भूकंप आया।
30 जनवरी
लेह-लद्दाख में रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता से भूकंप आया।
आखिर क्यों आता है भूकंप?
धरती मुख्य तौर पर चार परतों इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट से बनी हुई है। ऊपरी मैनटल कोर और क्रस्ट को लिथोस्फेयर कहा जाता है। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। आसान शब्दों में समझा जाए तो 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर धरती की ऊपरी सतह बनी है। ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होती, ये लगातार हिलती रहती हैं। इन्ही प्लेटों का आपस में टकराव होता है, कई बार ये प्लेटें टूट भी जाती हैं। इन प्लेटों के टकराने से बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है। जहां ये प्लेट्स आपस में टकराती है वहा भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। कई बार भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक रहती है कि धरती फट भी जाती है।
