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'वोट चोरी' पर अब पीएम मोदी जवाब दें, राहुल गांधी की खुली चुनौती के बाद खरगे का तीखा हमला

खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी 'दिमागी नक्सल' वाली अपनी पुरानी और फ्लॉप लाइन ही दोहरा रहे हैं! 'वोट चोरी' के आरोपों और राहुल गांधी द्वारा विदेशी ताकतों के आगे भारतीय हितों को गिरवी रखने पर दी गई खुली बहस की चुनौती पर उनके पास कोई जवाब नहीं है।

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राहुल का मोदी को चैलेंज

Photo : PTI

Rahul Challenges Modi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने खुली बहस की चुनौती दिए जाने के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोर्चा खोल दिया है। खरगे ने कहा कि देश अब प्रधानमंत्री से 'वोट चोरी' पर जवाब मांग रहा है और पीएम मोदी को सामने आकर इन सवालों का सामना करना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए।

कथित 'वोट चोरी' और बहस की चुनौती

खरगे ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी 'दिमागी नक्सल' वाली अपनी पुरानी और फ्लॉप लाइन ही दोहरा रहे हैं! 'वोट चोरी' के आरोपों और राहुल गांधी द्वारा विदेशी ताकतों के आगे भारतीय हितों को गिरवी रखने पर दी गई खुली बहस की चुनौती पर उनके पास कोई जवाब नहीं है। अमित शाह के बयानों पर पलटवार करते हुए खरगे ने लिखा, अमित शाह कह रहे हैं कि 3 करोड़ वोटर 'घुसपैठिए' हैं। सालों से गृह मंत्री रहते हुए वह क्या कर रहे थे कि 'अवैध' लोग भारत में दाखिल होते रहे? उनकी इस नाकामी के लिए उन्हें तुरंत पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

चुनाव आयोग पर निशाना

खरगे ने निर्वाचन आयोग (EC) पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'एसआईआर' (SIR) प्रक्रिया और फॉर्म-6 में बदलावों को लेकर आयोग ने पांच बार यू-टर्न लिए हैं, जिसे खुद चुनाव आयुक्तों ने 'गैर-कानूनी' बताया था।

संसद सत्र और रामलीला मैदान रैली

खरगे ने कहा कि संसद के पिछले सत्र को 83 दिनों से सत्रावसान नहीं किया गया है और अब सरकार विशेष सत्र की बात कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता का गुस्सा और रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ' रैली की सफलता देखकर पीएम मोदी और अमित शाह घबरा गए हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी पर सवाल

खरगे ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए लिखा, आप संसद नहीं आते हैं। आपने अपने कार्यकाल में एक भी खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है; अब वक्त आ गया है कि आप बहस के लिए सामने आएं। आगे आइए, सवालों का सामना कीजिए और देश को बताइए कि आपने 'वोट चोरी' क्यों की!

राहुल गांधी की चुनौती

इससे एक दिन पहले राहुल गांधी ने पीएम मोदी को एक वीडियो जारी कर खुली बहस की चुनौती दी थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री विपक्षी नेताओं पर देशद्रोही और 'विदेशी ताकतों' से संबंध रखने का झूठा आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी किसी भी मंच या स्थान का चयन कर लें, वे मीडिया और देश के युवाओं के सामने बैठकर बहस करने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री चाहें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को इस बहस में मध्यस्थ बना सकते हैं।

चूहे की तरह कूदते फांदते रहो

राहुल के चैलेंज पर सियासी बयानबाजी जारी है। बीजेपी सांसद रेखा शर्मा ने एक्स पर कहा, चूहा यदि शेर को कुश्ती को कहे तो शेर को जाना चाहिए क्या? चूहा मर जाए तो कहेंगे देखो शेर चूहे को मार कर खुश हो रहा है। छोड़ दिया तो चूहा कहेगा देखो शेर होकर मार भी नहीं सका। भलाई इसी में है चूहे की तरह यूं ही कूदते फांदते रहों।

संजय राउत बोले, हिम्मत है तो बहस कीजिए

वहीं, शिवसेना सांसद (यूबीटी) संजय राउत ने कहा, बहस करने की हिम्मत नहीं है तो बहस कीजिए। राहुल गांधी बार-बार आपको चुनौती दे रहे हैं। आइए और बहस कीजिए। मोदी जी को चुनौती है, अमित शाह को चुनौती है और सभी को चुनौती है। आइए, देश और लोकतंत्र के मुद्दे पर खुलकर बहस कीजिए। राहुल गांधी जी का खुला निमंत्रण है। आइए, हमसे बात कीजिए, बहस कीजिए। आप जिस मंच का नाम बताएंगे, जिस दिन और जिस समय कहेंगे, हम वहां बहस करने के लिए तैयार हैं। लेकिन ये लोग क्या करते हैं? सिर्फ बाहर-बाहर से कुछ बातें करते हैं और हवा में छोड़ देते हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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