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हिंदू विलेज के बाद अब उठी मुस्लिम गांव बनाने की मांग, कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने कही ये बात

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा देश का पहला हिंदू गांव बनाने की आधारशिला रखे जाने के बाद मुस्लिम, सिख और ईसाई गांव बनाने की अनुमति देने की मांग उठने लगी है। कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने भी मुस्लिम, सिख और ईसाई गांव की अनुमति दिए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि यदि देश का संविधान ऐसे धर्म के आधार पर गांव बसाने और बनाने की अनुमति देता है, तो मुझे भी मुस्लिम ग्राम, ईसाई ग्राम और सिख ग्राम बनाने की अनुमति दी जाए।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने की मुस्लिम, ईसाई और सिख गांव बनाने की मांग

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Abbas Hafeez: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले बागेश्वर धाम में हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना के मुताबिक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा देश का पहला हिंदू गांव बनाने की आधारशिला रखे जाने के बाद मुस्लिम, सिख और ईसाई गांव बनाने की अनुमति देने की मांग उठने लगी है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पिछले दिनों बागेश्वर धाम में हिंदू गांव बसाने के लिए एक हजार आवास बनाने का शिलान्यास किया। यह मकान लोग अपने जीवनकाल के लिए ही ले सकेंगे, उनका क्रय-विक्रय नहीं होगा। पहला हिंदू गांव बनाने के लिए भूमिपूजन होने के बाद कांग्रेस के प्रवक्ता अब्बास हफीज ने भी मुस्लिम, सिख और ईसाई गांव की अनुमति दिए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से कहा कि यदि देश का संविधान ऐसे धर्म के आधार पर गांव बसाने और बनाने की अनुमति देता है, तो मुझे भी मुस्लिम ग्राम, ईसाई ग्राम और सिख ग्राम बनाने की अनुमति दी जाए।

हिंदू ग्राम के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ भूमिपूजन

बीते रोज बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश के पहले हिंदू ग्राम के लिए बागेश्वर धाम में ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर कन्या पूजन करते हुए आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का सपना हिंदू घर से ही शुरू होता है। हिंदू परिवार, हिंदू समाज और हिंदू ग्राम बनाने के बाद हिंदू तहसील, हिंदू जिला और हिंदू राज्य बनेगा, तब कहीं जाकर हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना पूरी होगी। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर के अनुसार धाम में ही एक हजार परिवारों का यह ग्राम तैयार कराया जा रहा है।

बागेश्वर धाम जनसेवा समिति हिंदू धर्म एवं सनातन धर्म प्रेमियों को जमीन उपलब्ध कराएगी। इस जमीन में भवन निर्माण होंगे। यहां रहने वालों के लिए कुछ बुनियादी शर्तें भी रखी गई हैं। यह भवन अनुबंध के आधार पर मिलेंगे। पहले ही दिन दो महिलाओं ने भवन लेने हेतु अपनी स्वीकृति देते हुए कागजी कार्यवाही पूर्ण कराई। इसके अलावा करीब आधा सैकड़ा लोग इस ग्राम में घर बनाने हेतु जुड़े हैं। बागेश्वर धाम में हिंदू ग्राम में रहने वाले व्यक्ति अनुबंधित रहेंगे। वे जिस मकान में रहेंगे, उस मकान की खरीद-फरोख्त का हक उन्हें नहीं मिलेगा। बागेश्वर धाम का हिंदू ग्राम क्रय-विक्रय से प्रतिबंधित रहेगा।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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