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Ragi Ke Fayde: रागी के दानों में छिपा है सेहत का खजाना, डायबिटीज से लेकर पेट की समस्याओं तक के लिए है वरदान

Ragi Ke Fayde in Hindi: रागी के दानों का आकार ही देखने में छोटी है। कई हेल्दी चीजें इनमें मौजूद पोषण के आगे हल्की पड़ जाती हैं। रागी को खाने में शामिल करके ना सिर्फ आप प्रोटीन की मात्रा बढ़ा सकते हैं बल्कि शुगर, हार्ट जैसी समस्याओं से भी बचाव कर सकते हैं।

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रागी के फायदे (Pic: iStock)

Ragi Ke Fayde in Hindi: छोटे-छोटे दानों वाला अनाज रागी पोषण से भरपूर होता है। इसे अपने खाने की थाली में शामिल कर न केवल दिल बल्कि पाचन तंत्र समेत पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। रागी में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।

सुपरफूड कहलाती है रागी

आईएएनएस की एक खबर के अनुसार, रागी को सुपरफूड भी कहा जाता है। इसके प्रतिदिन सेवन से पाचनतंत्र मजबूत होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है, और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। इसमें भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम और पोटैशियम पाया जाता है।

इस खबर में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से रागी के फायदों को गिनाते हुए इसके सेवन की सलाह दी गई है। मंत्रालय के अनुसार - विटामिन बी, कैल्शियम, पोटैशियम और फाइबर से भरपूर रागी ग्लूटेन-मुक्त होता है जो हृदय के लिए अनुकूल होता है और इसके नियमित सेवन से खूब एनर्जी मिलती है। यह नर्वस सिस्टम, मांसपेशियों और किडनी, लीवर के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।

डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद

रागी को डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है। ऐसे में यह डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट इसे अपनी खाने की थाली में शामिल करने की सलाह देते हैं। इससे वजन भी नियंत्रित रहता है।

कई शोध हुए हैं, जिनमें बताया गया कि रागी में फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। यह वजन कंट्रोल करने में भी मददगार है। इसके अलावा, यह शरीर की हड्डियों को मजबूत करने में भी कारगर साबित होता है। रागी खाने से दांत भी मजबूत होते हैं।

मिलेट खाने से पहले सावधानी

मिलेट खाने से पहले इन बातों पर भी गौर करना चाहिए, जैसे कि मिलेट का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। कुछ मिलेट (जैसे बाजरा) में गोइट्रोजेनिक तत्व हो सकते हैं, जो ज्यादा मात्रा में खाने से समस्या पैदा कर सकते हैं। कुछ लोगों को पाचन में भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को मिलेट से एलर्जी हो सकती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट सावधानी के साथ इसके सेवन की सलाह देते हैं। इसे पतली रोटी, खिचड़ी या दलिया के रूप में ले सकते हैं।

Input: IANS

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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