बहुत से लोग बड़े उत्साह के साथ जिम ज्वाइन करते हैं या घर पर ही वर्कआउट स्टार्ट करते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी होते हैं जो कुछ ही दिनों में आलस, व्यस्तता या मोटिवेशन की कमी के चलते इससे दूर हो जाते हैं। हालांकि माना ये जाता है कि फिटनेस के लिए कंसिस्टेंसी सबसे जरूरी चीज है। सोशल मीडिया में पॉपुलर चेन्नई के जाने-माने फिटनेस कोच राज गणपत कहते हैं कि डेली एक्सरसाइज के लिए मोटिवेशन से ज्यादा सही माइंडसेट की जरूरत होती है।
राज गणपत ने पिछले दिनों इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया और ऐसे 5 आसान नियम बताएं जिन्हें अपनाकर कोई भी वर्कआउट को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बना सकता है:
चाहे जैसा महसूस हो, वर्कआउट के लिए पहुंचें
कंसिस्टेंट रहने का पहला और सबसे अहम नियम है- हर परिस्थिति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना। आपका मन हो या न हो, आप थके हुए महसूस कर रहे हों या बहुत व्यस्त हों, वर्कआउट के लिए समय निकालें। कोच राज गणपत का कहना है कि जब आप भावना या आलस को दरकिनार कर केवल कसरत की जगह पर पहुंच जाते हैं, तो एक आदत बनने की शुरुआत हो जाती है।
कम से कम 10 मिनट की मूवमेंट जरूर करें
जगह पर पहुंचने के बाद खुद पर भारी-भरकम वर्कआउट का दबाव न डालें। बस 10 मिनट के लिए शरीर को चलाएं। इसमें आप वॉक कर सकते हैं, स्ट्रेचिंग, योग या हल्की रनिंग कर सकते हैं। 10 मिनट पूरे होने के बाद यदि आप आगे वर्कआउट जारी रखना चाहें तो रखें और अगर घर लौटना चाहें तो बिना किसी आत्म-ग्लानि के लौट आएं।
कल फिर लौटने का स्पष्ट संकल्प लें
हर दिन के वर्कआउट को खत्म करते समय अपने दिमाग में यह स्पष्ट इरादा बनाएं कि आप कल फिर लौटेंगे। खुद से जोर देकर कहें- मैं कल दोबारा यहां आऊंगा और शरीर को एक्टिव रखूंगा। यह मानसिक संकल्प आपको अगले दिन आलस से उबारने में मदद करता है।
अपने प्रयासों की सराहना करें
हर सेशन के बाद खुद को थपकी देना न भूलें। चाहे आपने केवल 10 मिनट वॉक ही क्यों न की हो, अपने इस प्रयास की खुद सराहना करें। आप इसे अपने दोस्तों से शेयर कर सकते हैं या सोशल मीडिया पर डाल सकते हैं। अपने प्रयासों को पहचानना और खुद की तारीफ करना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
इस पूरी प्रक्रिया को रोज दोहराएं
फिटनेस का मतलब हर दिन खुद को सीमा से बाहर धकेलना या परफेक्ट होना नहीं है। इसका सीधा मतलब है- हर दिन बस उपस्थित होना और प्रयास करना। इन चारों चरणों को रोज दोहराने से धीरे-धीरे वर्कआउट आपकी दिनचर्या का एक स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है।
