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गर्मी में कौन-कौन सी स्किन प्रॉब्लम बढ़ जाती हैं? जानें पसीना और धूप कैसे बन जाते हैं त्वचा के दुश्मन

Summer Skin Problems: गर्मी के दिनों में सेहत को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। जिसमें स्किन प्रॉब्लम एक बड़ी और गंभीर समस्याओं में शामिल हैं। आज हम आपको बताएंगे क्यों बढ़ती हैं ये समस्याएं और कैसे होगा बचाव?

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गर्मियों में कौन सी स्किन प्रॉब्लम बढ़ जाती हैं
Authored by: gulshan kumar
Updated Jun 9, 2026, 16:19 IST
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Summer Skin Problems: गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप, बढ़ा हुआ तापमान और पसीने की परेशानी लेकर आता है। जहां एक ओर लोग इस मौसम में छुट्टियों और आम के स्वाद का आनंद लेते हैं, वहीं दूसरी ओर त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी तेजी से बढ़ने लगती हैं। इन दिनों में कई लोगों को घमौरियां, स्किन रैश, दाद, फंगल इंफेक्शन, मुंहासे और सनबर्न जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अक्सर लोग इन्हें सामान्य सीजनल समस्याएं मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये समस्याएं गंभीर रूप भी ले सकती हैं।

गर्मियों में आपकी स्किन से जुड़ी इन समस्याओं को लेकर हमने बात की स्वस्तम वेलनेस की डायरेक्टर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. निहारिका गोयल से उनके अनुसार, गर्मियों में त्वचा पर सबसे ज्यादा असर पसीने, नमी और सूर्य की पराबैंगनी किरणों का पड़ता है। यही कारण है कि इस मौसम में त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। आइए विस्तार से जानते हैं गर्मियों में क्यों और कौन-कौन सी स्किन प्रॉब्लम बढ़ जाती हैं और इनसे बचाव (Skin Care Tips) कैसे होगा?

गर्मियों में त्वचा पर क्यों बढ़ता है खतरा

गर्मियों में शरीर अपने तापमान को नियंत्रित करने के लिए अधिक पसीना पैदा करता है। डॉ. निहारिका के अनुसार, जब पसीना लंबे समय तक त्वचा पर बना रहता है, तो रोमछिद्र बंद होने लगते हैं। इसके साथ ही गर्म और नम वातावरण बैक्टीरिया और फंगस के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है। यही वजह है कि इस मौसम में स्किन इंफेक्शन और एलर्जी की शिकायतें बढ़ जाती हैं।

इसके अलावा तेज धूप भी त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को कमजोर करती है। सूर्य की UV किरणें त्वचा की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे टैनिंग, सनबर्न और समय से पहले एजिंग जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।

गर्मियों में स्किन प्रॉब्लम के मुख्य कारण

अत्यधिक पसीना: रोम छिद्र बंद होने का खतरा

गर्मी और नमी: फंगस-बैक्टीरिया का तेजी से बढ़ना

तेज UV किरणें: सनबर्न और टैनिंग की वजह

धूल और प्रदूषण: एलर्जी व रैशेज बढ़ाते हैं

ऑयल प्रोडक्शन बढ़ना: मुंहासों की समस्या बढ़ती है

डिहाइड्रेशन: त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है

सिंथेटिक कपड़े: घमौरियां और संक्रमण का खतरा बढ़ते हैं

गर्मी में क्यों बढ़ता है खतरा?

गर्मी में क्यों बढ़ता है खतरा?

घमौरियां

गर्मियों में सबसे अधिक दिखाई देने वाली समस्या घमौरियां हैं। डॉ. निहारिका बताती हैं कि जब पसीने की ग्रंथियां ब्लॉक हो जाती हैं और पसीना त्वचा के भीतर फंस जाता है, तब छोटे-छोटे लाल दाने बनने लगते हैं। इनमें खुजली और जलन भी हो सकती है।

गर्मी के दिनों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, कोई भी इस समस्या का शिकार हो सकता है। इसमें गर्दन, पीठ, छाती और बगल जैसे हिस्सों में यह परेशानी ज्यादा देखने को मिलती है। यदि शरीर को ठंडा रखा जाए, सूती कपड़े पहने जाएं और त्वचा की नियमित सफाई की जाए, तो घमौरियों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

फंगल इंफेक्शन और दाद की समस्या

गर्मी और नमी फंगस की समस्या के लिए सबसे अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। डॉ. के अनुसार, जिन लोगों को बहुत ज्यादा पसीना आता है या जो लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहते हैं, उनमें गर्मी के दिनों में फंगल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है।

दाद के दौरान त्वचा पर गोलाकार लाल निशान बन जाते हैं और उनमें तेज खुजली होती है। कई लोग घरेलू उपायों या बिना सलाह के स्टेरॉयड युक्त क्रीम का उपयोग करने लगते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार, फंगल संक्रमण होने पर सही उपचार लेना और त्वचा को सूखा रखना बेहद जरूरी है।

स्किन रैश और एलर्जी की समस्या

गर्मी के दिनों में त्वचा लगातार धूल, प्रदूषण और पसीने के संपर्क में रहती है। इसके कारण कई लोगों को लाल चकत्ते, खुजली और जलन की शिकायत होने लगती है। डॉ. गोयल बताती हैं कि कुछ मामलों में गर्मी के दिनों में डियोड्रेंट, कॉस्मेटिक उत्पाद या सिंथेटिक कपड़े भी एलर्जी का कारण बन सकते हैं। यदि त्वचा पर बार-बार रैश हो रहे हों या खुजली लगातार बनी रहती हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस तरह के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।

सनबर्न

गर्मियों में दोपहर के समय धूप स्किन को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा लाल पड़ सकती है, उसमें जलन हो सकती है और कई बार त्वचा छिलने भी लगती है। यह स्थिति सनबर्न कहलाती है। डॉ. के अनुसार, सनबर्न सिर्फ अस्थायी परेशानी नहीं है। बल्कि बार-बार होने वाला सनबर्न आगे चलकर त्वचा को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करना और शरीर को ढक कर रखना बेहद जरूरी है।

मुंहासों की समस्या क्यों बढ़ती है

गर्मियों में लोगों को मुहांसे की समस्या भी झेलनी पड़ती है। कई लोग मानते हैं कि मुंहासे केवल किशोरावस्था की समस्या हैं, लेकिन गर्मियों में यह परेशानी किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। इसका कारण है कि इन दिनों में बढ़ा हुआ पसीना और त्वचा में तेल का अधिक उत्पादन रोम छिद्रों को बंद कर देता है। इससे स्किन पर बैक्टीरिया पनपते हैं और मुंहासे बनने लगते हैं।

एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि गर्मियों में चेहरे की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। हालांकि बार-बार फेस वॉश का इस्तेमाल न करके साफ ठंडे पानी से मुंह धोना भी पर्याप्त होगा।

गर्मियों में स्किन को हेल्दी रखने के लिए क्या करें

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, त्वचा की देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी है सही लाइफस्टाइल। जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, मौसमी फल और सब्जियां खाना, त्वचा को साफ रखना और धूप से बचाव करना सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं। डॉ. निहारिका गोयल सलाह देती हैं कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। पानी की कमी का असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा पसीने से भीगे कपड़ों को लंबे समय तक पहनने से बचना चाहिए। कॉटन के कपड़े त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं और संक्रमण के खतरे को कम करते हैं।

गर्मियों में कैसे रखें त्वचा का ख्याल

गर्मियों में कैसे रखें त्वचा का ख्याल

गर्मियों में हेल्दी स्किन के उपाय एक नजर में

  • दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और वह स्वस्थ व चमकदार दिखती है।
  • तरबूज, खरबूजा, खीरा, संतरा और हरी सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।
  • गर्मियों में पसीना और धूल त्वचा पर जमा होकर रोम छिद्रों को बंद कर सकते हैं। इसलिए दिन में दो बार हल्के फेस वॉश से चेहरा साफ करें।
  • बाहर निकलते समय सनस्क्रीन, टोपी, छाता या सनग्लास का उपयोग करें। इससे UV किरणों से होने वाले नुकसान, टैनिंग और सनबर्न से बचाव होता है।
  • लंबे समय तक पसीने से भीगे कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन, दाद और खुजली जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
  • सूती कपड़े पसीने को आसानी से सोख लेते हैं और त्वचा को सांस लेने का मौका देते हैं, जिससे घमौरियां और रैशेज की संभावना कम होती है।
  • अच्छी नींद, नियमित व्यायाम और तनाव से दूरी त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद करती है और उसे लंबे समय तक स्वस्थ रखती है।

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

डॉ. निहारिका गोयल के अनुसार, यदि त्वचा पर लाल चकत्ते लगातार बढ़ रहे हों, खुजली असहनीय हो जाए, फफोले बनने लगें या संक्रमण बार-बार लौटकर आए, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। क्योंकि कई बार मामूली दिखने वाली समस्या भी गंभीर त्वचा रोग का संकेत हो सकती है। इसलिए किसी समस्या को गंभीर स्थिति में पहुंचने से पहले ही ट्रीटमेंट लेना बेहतर रहेगा।

गर्मियों में त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ना एक सामान्य बात है, लेकिन इन्हें सामान्य समझ कर अनदेखा करना सही नहीं है। घमौरियां, फंगल इंफेक्शन, स्किन रैश, सनबर्न और मुंहासे जैसी परेशानियां मौसम की देन जरूर हैं, लेकिन सही देखभाल और सावधानी से इनसे काफी हद तक बचा जा सकता है। स्वस्थ त्वचा का सबसे बड़ा मंत्र है सफाई, हाइड्रेशन और धूप से सुरक्षा। यदि इन तीन बातों का ध्यान रखा जाए, तो गर्मियों में भी त्वचा स्वस्थ, चमकदार और समस्याओं से दूर रह सकती है।

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