आज की व्यस्त लाइफस्टाइल में फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ दिमागी सेहत को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। हम अकसर वजन घटाने या दिल को मजबूत रखने के लिए एक्सरसाइज करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शारीरिक गतिविधि का सबसे बड़ा फायदा हमारे मस्तिष्क को मिलता है?
25 सालों के अनुभव वाले प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जेरेमी लंदन के अनुसार, नियमित व्यायाम और केवल 20 मिनट की डेली वॉक हमारे दिमाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल सकती है।डॉ. लंदन ने समझाया कि एक्सरसाइज किस तरह मस्तिष्क को सुरक्षा देती है और उम्र के साथ डिमेंशिया जैसी बीमारियों के खतरे को कम करती है।
एक्सरसाइज से दिमाग को कैसे मिलता है फायदा?
डॉ. लंदन बताते हैं कि जब आप वर्कआउट या वॉक करते हैं, तो यह केवल आपकी मांसपेशियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आपके पूरे शरीर के सिस्टम को सक्रिय कर देता है। एक्सरसाइज करने से दिल तेजी से धड़कता है, जिससे मस्तिष्क तक खून और ऑक्सीजन का फ्लो बेहतर होता है। इससे दिमागी कोशिकाएं अधिक ऊर्जावान और सक्रिय बनी रहती हैं।
व्यायाम मस्तिष्क में नए तंत्रिका कोशिकाओं के विकास को बढ़ावा देता है और नए न्यूरल कनेक्शन बनाने की क्षमता को मजबूत करता है। इससे याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार होता है। इसके साथ ही फिजिकल एक्टिविटी से शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन घटती है और कॉर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर कम होता है, जिससे तनाव और एंग्जायटी से राहत मिलती है।
आपको शायद पता नहीं होगा कि एक्सरसाइज दिमाग तक खून पहुंचाने वाली धमनियों की अंदरूनी परत को स्वस्थ रखती है, जिससे वैस्कुलर डिमेंशिया या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का जोखिम कम हो जाता है।
सिर्फ 20 मिनट की वॉक के जादुई लाभ
अक्सर लोग सोचते हैं कि फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना जरूरी है, लेकिन डॉ. लंदन इस धारणा को खारिज करते हैं। उनका कहना है कि दिन में केवल 10 से 20 मिनट की वॉक भी आपके शरीर और दिमाग के लिए एक टॉनिक की तरह काम करती है। खाना खाने के बाद 10-20 मिनट की वॉक करने से ब्लड शुगर के स्पाइक्स नियंत्रित रहते हैं, जिससे मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार होता है।
वॉक करने से दिमाग में एंडोर्फिन और डोपामाइन जैसे फील-गुड हार्मोन्स रिलीज होते हैं, जो मूड को तुरंत बेहतर बनाते हैं और काम पर ध्यान लगाने में मदद करते हैं। कार्डियो और वॉक जैसी एक्टिविटीज उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कम होने या भूलने की बीमारी के जोखिम को काफी हद तक घटा देती हैं।
डॉ. जेरेमी लंदन का मानना है कि सेहतमंद रहने के लिए तीव्रता से ज्यादा निरंतरता मायने रखती है। आपको हर दिन भारी कसरत करने की जरूरत नहीं है, बस रोजाना अपनी दिनचर्या में 20 मिनट की वॉक या हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग शामिल करें। यह छोटा सा कदम आपके दिल, दिमाग और मानसिक सुकून के लिए सबसे बेहतरीन निवेश साबित होगा।
