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दुबले-पतले हैं, फिर भी हो सकता है फैटी लिवर! डॉ. एसके सरीन से जानें बचाव का तरीका

2024 में प्रकाशित दिल्ली के एक सर्वे में 6200 लोगों की जांच की गई थी। इसमें ऐसे लोग भी मिले जो देखने में पतले-दुबले थे, लेकिन उनके लिवर में फैट जमा था।

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बेहद आसान है लिवर को स्वस्थ रखना, मान कर देखें डॉ. एसके सरीन की ये बातें

Times Network India Health Summit & Awards 2026: लिवर की बीमारियां तेजी से स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन रही हैं। आमतौर पर माना जाता है कि फैटी लिवर की समस्या मोटापे से ग्रस्त लोगों को होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। पतले-दुबले दिखने वाले लोगों को भी फैटी लिवर हो सकता है। इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) के निदेशक डॉ. एसके सरीन ने Times Network India Health Summit & Awards 2026 में खास बातचीत के दौरान लिवर की सेहत से जुड़े कई अहम पहलुओं पर चर्चा की।

दुबले-पतले लोगों को भी फैटी लिवर का खतरा

डॉ. सरीन ने बताया कि साल 2024 में प्रकाशित दिल्ली के एक सर्वे में 6200 लोगों की जांच की गई थी। इसमें ऐसे लोग भी मिले जो देखने में पतले-दुबले थे, लेकिन उनके लिवर में फैट जमा था। उन्होंने कहा कि शरीर का वजन सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि लिवर पूरी तरह स्वस्थ है। डॉ. सरीन के मुताबिक, लिवर में फैट जमा होने की समस्या आम है और उन्होंने बातचीत में दावा किया कि भारत में करीब 40 फीसदी लोगों के लिवर में फैट हो सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपने जन्मदिन पर कम से कम एक बार लिवर की सेहत की जांच कराने पर विचार करें।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान पर ध्यान जरूरी

डॉ. सरीन ने खानपान को लिवर की सेहत से जोड़ते हुए कहा कि ज्यादा कैलोरी, शुगर और कार्बोहाइड्रेट का सेवन लिवर में फैट बढ़ने की वजह बन सकता है। उन्होंने मीठे खाद्य पदार्थों और जरूरत से ज्यादा खाने से बचने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए केवल वजन कम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खानपान और जीवनशैली में सुधार भी जरूरी है।

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चाय-कॉफी को थकान दूर करने की दवा न समझें

बातचीत के दौरान डॉ. सरीन ने चाय और कॉफी के सेवन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कॉफी लिवर के लिए कुछ फायदेमंद हो सकती है, लेकिन इसे किसी दवा की तरह नहीं लेना चाहिए। कॉफी को थकान दूर करने का जरिया बनाने के बजाय इसके स्वाद के लिए पीना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि काम के बीच ब्रेक लेते समय टहलना तनाव कम करने का बेहतर तरीका हो सकता है।

देर रात डिनर से बचने की सलाह

डॉ. सरीन ने देर रात खाना खाने की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रात में देर से और भारी भोजन करना सेहत के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने हल्का भोजन करने और सोने से पहले शरीर को भोजन पचाने के लिए पर्याप्त समय देने पर जोर दिया। डॉ. सरीन ने कहा कि लिवर की सेहत के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान और समय पर स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण हैं।

यहां देखें डॉ. एसके सरीन से बातचीत का पूरा वीडियो:

Dr. S.K.Sarin
डॉ एसके सरीनauthor

प्रो. (डॉ.) एस.के. सरीन प्रख्यात गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट, एवं क्लिनिशियन साइंटिस्ट हैं। वह नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) के निदेशक हैं। लिवर संबंधी बीमारियों, हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर के उपचार एवं शोध में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 350 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों के लेखक डॉ. सरीन ने चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार संबंधी दिशानिर्देशों के विकास में अहम भूमिका निभाई है। चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

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