हेल्थ

गर्मियों में रोज खाएं ये 4 दानें, Blood Sugar और LDL कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल!

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 23, 2023, 01:24 PM IST

Millets for Health : बाजरा यानी मोटा अनाज पोषक तत्वों का खजाना है। लेकिन आजकल इसे सुपरफूड माना जाता है। कुछ अनाज गर्मियों में पेट को ठंडक पहुंचाते हैं तो कुछ जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों को नियंत्रित करते हैं।

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गर्मियों में कौन से आटे की बानी रोटियां खानी चाहिए ? (Image: istockphoto)

Naturally Lower Blood Sugar and LDL Cholesterol: कुछ दशक पहले तक ज्यादातर लोग मोटे अनाज को घटिया किस्म का नहीं मानते थे। इसे कभी गरीबों का खाना कहा जाता था, लेकिन विज्ञान ने अब इस फूड को सुपरफूड घोषित कर दिया है। तभी से ज्वार, बजरी, जौ और रागी जैसे मोटे अनाज ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। भारत के प्रस्ताव को स्वीकारते हुए अब संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी वर्ष 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स घोषित कर दिया है।

इसका अर्थ है कि इस वर्ष को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (International year of millets) के रूप में मनाया जा रहा है। वर्तमान में मोटे अनाज की श्रेणी में बाजरा, रागी, बजरी, नचनी, कुटकी, सावां चावल, ज्वार, कंगनी या टांगुन, चीना, कोदो या बजरी शामिल हैं। लेकिन कई अन्य मोटे अनाज बाजरा हैं। साबुत अनाज डाइटरी फाइबर से भरपूर होते हैं। इसके अलावा फैट न के बराबर होता है। इसके कारण ये अनाज पेट को ठंडा रखते हैं और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे हृदय रोग, मधुमेह के खतरे को भी कम करते हैं।

मेडिकल न्यूज टुडे के अनुसार, 100 ग्राम साबुत अनाज में 3.51 ग्राम प्रोटीन, 23.7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.3 ग्राम आहार फाइबर, 44 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 100 मिलीग्राम फास्फोरस और कई विटामिन और खनिज होते हैं। बाजरे का सबसे बड़ा फायदा पेट के लिए होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है जो इसे वजन घटाने के लिए भी बहुत प्रभावी बनाता है।

गर्मियों में खाएं ये 4 अनाज

1. बजरी : बजरी भी सिर्फ बाजरा में ही होती है। बाजरे की रोटी बहुत ही स्वादिष्ट होती है। इसके बावजूद ज्यादातर लोग इसे नहीं खाते हैं। बाजरा में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम, थायमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन (Calcium, Protein, Iron, Fiber, Magnesium, Thiamin, Niacin, Riboflavin), कई तरह के विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। Health Line के अनुसार, बाजरे का सेवन मधुमेह को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद कर सकता है। बाजरे की रोटी के नियमित सेवन से हृदय रोग का खतरा कम होता है।

2. चना : वर्तमान में WHO बाजरा में चना शामिल नहीं करता है, यह भी एक मोटा अनाज है। चना पोषक तत्वों का खजाना है। सबसे ज्यादा प्रोटीन चने में पाया जाता है। इसलिए विशेषज्ञ बेसन को अन्य आटे के साथ मिलाने की सलाह देते हैं। चने का शीतल प्रभाव होता है। यह पेट को ठंडा रखता है। चना कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स (Millets Lower Cholesterol and Triglycerides) को कम करता है। चना ब्लड शुगर को भी कम करता है।

3. रागी: रागी को मंडुआ, नाचनी, फिंगर मिलेट (Finger millet) आदि नामों से जाना जाता है। एनसीबीआई की रिसर्च के मुताबिक, रागी में पॉलीफेनोल फोटोकेमिकल्स और डाइटरी फाइबर होते हैं, जो कई बीमारियों से लड़ने में फाइटर की भूमिका निभाते हैं। ये मोटे लाल दानेदार दाने कैल्शियम से भरे होते हैं। रागी एंटी-डायबिटिक, एंटी-ट्यूमरोजेनिक (Anti-diabetic and Anti-tumorigenic properties) है। यह शोध में साबित हो चुका है। लोग रागी की रोटी बनाकर खाते हैं। रागी या मड़ुआ अफ्रीका और एशिया के सूखे क्षेत्रों में उगाया जाने वाला एक मोटा अन्न है।

4. ज्वार : पहले लोग ज्वार को केवल पशुओं को ही खिलाते थे, लेकिन आज यह एक सुपरफूड है। ज्वार का शीतल प्रभाव होता है, इस प्रकार यह पेट को ठंडा रखता है। ज्वार विटामिन बी कॉम्प्लेक्स से भरपूर होता है। WebMD के अनुसार बाजरा में फेनोलिक एसिड होता है। इसके अलावा, इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-कार्सिनोजेनिक (Anti-inflammatory and Anti-carcinogenic properties) गुणों से भरपूर होते हैं। ज्वार के नियमित सेवन से वजन कम किया जा सकता है। ज्वार ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और दिल से जुड़ी बीमारियों से भी बचाता है।

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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