Zydus Cadilla Vaccine को लेकर आई ये बड़ी खुशखबरी,इस हफ्ते मिल सकती है 'इमरजेंसी इस्तेमाल' की मंजूरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 9, 2021, 05:08 PM IST

Zycov D Vaccine Update: जायडस कैडिला ने पिछले महीने अपनी कोविड-19 वैक्सीन जायकोव-डी के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक से मंजूरी के लिए आवेदन किया था।

Zydus Cadilla Vaccine को लेकर आई ये बड़ी खुशखबरी,इस हफ्ते मिल सकती है 'इमरजेंसी इस्तेमाल' की मंजूरी

ZyCov-D Latest News: घातक कोरोना महामारी से लड़ाई के मोर्चे पर भारत को जल्द ही एक और कोरोना वैक्सीन मिलने जा रही है,  सूत्रों के हवाले से जानकारी आई है कि कि देश में जाइडस कैडिला (Zydus Cadilla) की कोरोना वैक्सीन को इसी हफ्ते मंजूरी मिल सकती है,ऐसा होने पर  जाइडस कैडिला वैक्सीन देश में इस्तेमाल होने वाली पांचवीं कोरोना वैक्सीन होगी।

जाइडस कैडिला ने 1 जुलाई को जाइकोव-डी (ZyCoV-D) के लिए इमरजेंसी उपयोग की मंजूरी का आग्रह किया था, अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत बायोटेक के कोवैक्सिन के बाद देश की दूसरी स्वदेशी वैक्सीन होने जा रही है।

गौर हो कि इससे पहले देश में कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पुतनिक-वी और हाल ही में जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन को भी मंजूरी मिली है।देश में इस समय कोविशील्ड के साथ साथ कोवैक्सीन का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इन दोनों टीका के अलावा रूस की स्पुतनिक वी को भी इजाजत मिली है। 

जाइडस कैडिला की वैक्सीन सुई मुक्त

यह  शॉट "सुई मुक्त" है, कंपनी  के मुताबिक बच्चों के लिए सुरक्षित है, कंपनी की योजना सालाना शॉट की 10-12 करोड़ खुराक बनाने की है। ZyCoV-D के लिए भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल की मंजूरी से यह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड, भारत बायोटेक के कोवैक्सिन, रूस के स्पुतनिक वी और यूएस-निर्मित मॉडर्ना के बाद भारत में उपयोग के लिए पांचवां टीका बन जाएगा।

28 हजार लोगों पर टेस्ट, सेकेंड फेज वाले सैंपल का भी टेस्ट

Zydus का कहना है कि भारत में अब तक 50 से अधिक केंद्रों में अपने COVID-19 वैक्सीन के लिए सबसे बड़ा क्लिनिकल परीक्षण किया है। यह भी पहली बार था कि भारत में 12-18 वर्ष आयु वर्ग में किशोर आबादी में किसी भी COVID-19 वैक्सीन का परीक्षण किया गया है।इस आयु वर्ग में लगभग एक हजार  विषयों को नामांकित किया गया था और टीके को सुरक्षित और बहुत अच्छी तरह से सहन करने योग्य पाया गया था। सहनशीलता प्रोफ़ाइल वयस्क आबादी में एक समान देखी गई थी। 

67 फीसद प्राथमिक तौर पर प्रभावकारी

अंतरिम विश्लेषण में रोगसूचक आरटी-पीसीआर सकारात्मक मामलों के लिए 66.6 फीसद की प्राथमिक प्रभावकारिता प्राप्त की गई है। जबकि, तीसरी खुराक के वैक्सीन आर्म पोस्ट एडमिनिस्ट्रेशन में कोविड-19 बीमारी का कोई सामान्य मामला नहीं देखा गया, जो मध्यम बीमारी के लिए 100% प्रभावकारिता का सुझाव देता है। वैक्सीन की दूसरी खुराक के प्रशासन के बाद वैक्सीन शाखा में कोविड-19 के कारण कोई गंभीर मामला या मृत्यु नहीं हुई।

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