Burning Urination Problem: क्या आपको यूरीन के वक्त जलन होती है? जानिए यूरीन में संक्रमण के लक्षण, उपाय

Burning Urination Problem: पेशाब में जलन के कई कारण हो सकते है। यूरीन इंफ्केशन की वजह से कई बीमारियां होती है। इसके बचाव के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए।

 Urine pain and Burning symptoms signs
Burning Urination Problem//यूरीन संक्रमण   |  तस्वीर साभार: Shutterstock

मुख्य बातें

  • पुरुषों के मुकाबले अगर देखा जाये तो यह समस्या महिलाओं में ज्यादा
  • डिस्यूरिया का सबसे सामान्य कारण मूत्र पथ संक्रमण होता है
  • जिसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए होता है

नई दिल्ली: आमतौर पर पेशाब में जलन (डिस्यूरिया) एक गंभीर समस्या का रूप ले लेती है,और यूरिन पास करते वक्त असहजता या जलन होती है। हर व्यक्ति  को अपने जीवन में कभी न कभी पेशाब में जलन की समस्या हो जाती है। प्रायः हम जब घर से बाहर निकलते हैं तो हमें सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग करना पड़ता है, तथा इसी वजह से हमें संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है।  

पुरुषों के मुकाबले अगर देखा जाये तो यह समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है। वहीं, पुरुषों में यह ज्यादा उम्र के लोगों को होती है। यूरिन पास करते वक्त ज्यादातर जलन का अहसास यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन की वजह से होता है और कई बार दर्द का अहसास भी होता है।

क्या होती है जलन की वजह

इसकी एक बड़ी वजह ये भी है कि सम्भोग के दौरान मूत्र अंगों (जननांग) से बैक्टीरिया बॉडी में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं और लड़कियों में यह यूरिन पास करने के बाद या टॉयलेट के जेट से पीछे से आगे की तरफ टिश्यू से साफ करते समय या जेट से धोते समय बैक्टीरिया फैल सकता है। महिलाओं के यूरेथ्रा में बैक्टीरिया के प्रवेश के बाद यह ब्लैडर तक पहुंच जाता है। हालांकि, दोनों के बीच की दूरी काफी कम होती है। 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में प्रोस्टेट बड़े होने या प्रोस्टेट इन्फेक्शन की वजह से ब्लैडर इन्फेक्शन होता है। यहीं से पेशाब में जलन की शुरुआत होती है।

यूटीआई इन्फेक्शन के लक्षण:

  1. पेशाब में जलन
  2. यूरिन में दुर्गंध आना
  3. जल्दी जल्दी यूरिन पास करना
  4. सफ़ेद या खूनी यूरिन आना
  5. बार बार बुखार आना
  6. कमर के निचले भाग में दर्द होना

संक्रमण के इलाज की प्रक्रिया

डिस्यूरिया का सबसे सामान्य कारण मूत्र पथ संक्रमण होता है, जिसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं के साथ किया जाता है।कुछ जटिल संक्रमण, जैसे गुर्दे में संक्रमण या वे संक्रमण और अन्य मेडिकल स्थिति जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं, उनको आमतौर पर लम्बे उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।  बार-बार मूत्र परीक्षण करने के लिए आपको कई बार आने को कहा जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपके मूत्र में अब संक्रमण ख़त्म हो चुका है। जिन लोगों को बार-बार मूत्राशय में संक्रमण हो जाता है, उनके लिए अतिरिक्त 6 महीने का इलाज भी चल सकता है  यीस्ट संक्रमण का इलाज एंटीफंगल दवाओं के साथ किया जाता है, ये दवाएं खाने के लिए टेबलेट और जननांगों में लगाने के लिए क्रीम के रूप में आती हैं। अगर शरीर में से संक्रमण को खत्म करने में देरी होती है, तो एक गंभीर समस्या भी पैदा हो सकती है। पेशाब में दर्द और जलन जैसी परेशानी को कम करने के लिए कई कदम उठाए जा सकते हैं,अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना शामिल है।

ये एहतियात बरतना जरूरी

महिलाओं को अपने जननांग क्षेत्र साफ और सूखा रखना चाहिए, बार-बार अपने सेनिटरी नैपकिन्स को बदलते रहना चाहिए। ज्यादा समय तक ज्यादा गीले कपड़े या स्विम सूट न पहनें। सूती अंडरवियर पहनें और अधिक तंग जीन्स न पहनें। सुरक्षित सेक्स का अभ्यास करें और संभोग से पहले और बाद में जननांगों को धो लें। बैक्टीरिया को बाहर निकालने के लिए संभोग करने के बाद पेशाब करें। कैफीन, मसालेदार भोजन, कृत्रिम मीठे और कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे खाद्य व पेय पदार्थों से बचें, क्योंकि वे स्थिति को और खराब कर सकते हैं। विटामिन स में उच्च खाद्य पदार्थ या विटामिन C के सप्लिमेंट्स लेने के लिए डॉक्टर से पूछें। धूम्रपान और शराब के अत्याधिक सेवन से बचें।

(लेखक डॉक्टर कुलदीप अग्रवाल  यशोदा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (कौशाम्बी) में यूरोलॉजी और एंड्रोलॉजी विभाग के सलाहकार हैं।)

डिस्क्लेमर: इस प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं और टाइम्स नेटवर्क इन विचारों से इत्तेफाक नहीं रखता है।

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