Plastic Surgery क्या है, करवाने से पहले रखें इन बातों का विशेष ध्यान

हेल्थ
Updated Sep 28, 2019 | 07:56 IST | Priyanka Singh

Plastic Surgery: देश में विज्ञान का क्षेत्र काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में भारत में प्लास्टिक सर्जरी का बाजार दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक लोगों के बीच प्लास्टिक सर्जरी को लेकर काफी मिथक है।

plastic surgery
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Plastic Surgery In Delhi: लोग इन दिनों अपनी सुंदरता और रूप रंग को लेकर काफी गंभीर हो गए हैं। जिसके बाद से भारत में प्लास्टिक सर्जरी का बाजार दिन पर दिन बढ़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक प्लास्टिक सर्जरी का मतलब सिर्फ सुंदर दिखना नहीं बल्कि इसके और भी अनेक फायदे हैं। हालांकि लोगों के बीच इसे लेकर जानकारी कम है। जैसे-जैसे लोग इसके बारे में अवगत होते जाएंगे, इसका बाजार और बढ़ता चला जाएगा।

दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) के डॉ. पी. एस. भंडारी ने हाल ही में प्लास्टिक सर्जरी को लेकर टाइम्स नाउ हिंदी से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी का मतलब सुंदर दिखना नहीं बल्कि अंग को अपने हिसाब से ढालना होता है। इसका मतलब कि अगर आपको खूबसूरत बनना है तो आप प्लास्टिक सर्जरी की मदद ले सकते हैं। या फिर अगर आपके शरीर का कोई अंग किसी बीमारी की वजह से कट गया है तो वापस से उसे एक नया आकार दिया जा सकता है। प्लास्टिक सर्जरी खास तौर से दो तरह से होती है, जिसे समय और परिस्थिति को देख कर किया जाता है। इसके अलावा इस बात का भी खास ध्यान दिया जाता है कि किस अंग की प्लास्टिक सर्जरी करनी है।

रिकंस्ट्रक्शन प्लास्टिक सर्जरी - डॉक्टर पीएस भंडारी ने बताया कि रिकंस्ट्रक्शन के तहत अगर किसी बच्चे का कान जन्म से नहीं है तो हम उसे प्लास्टिक सर्जरी के जरिए फिर से बना सकते हैं। इसके साथ ही अगर जिन लोगों का कैंसर कि वजह से ब्रेस्ट निकालना पड़े तो ऐसे में हम इसे दोबारा से बनाते हैं। कुछ ऐसा ही बाकी अंग में भी करते हैं।

कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जरी - कई लोगों की नाक ठीक है, लेकिन वो इसे और खूबसूरत बनाना चाहते हैं। तो ऐसे में हम कॉस्मेटिक सर्जरी के जरिए सुंदर बना सकते हैं। इसके अलावा कई बार उम्र के साथ लोगों में झुर्रियां आने लगती हैं, तो हम कॉस्मेटिक सर्जरी की मदद से उसे ठीक कर सकते हैं।

कब करवानी चाहिए रिकंस्ट्रक्शन प्लास्टिक सर्जरी
डॉक्टर ने बताया कि इसकी सर्जरी करने के लिए हम बीमारी और डिफेक्ट के हिसाब से तय करते हैं। अगर किसी को कैंसर की वजह से नाक हटानी पड़े तो बीमारी के ऑपरेशन के साथ ही रिकंस्ट्रक्शन कर देते हैं। वहीं अगर किसी बच्चे का जन्म से कान नहीं है तो हम उसे उम्र के हिसाब से करते हैं। जैसे अगर बच्चा 7 साल से कम है तो इंतजार करते हैं। सात साल के बाद आप कभी भी उसकी सर्जरी कर सकते हैं, क्योंकि 7 साल तक 90 प्रतिशत कान विकसित हो चुका होता है। लोगों में ये दुविधा होती है कि प्लास्टिक सर्जरी के लिए हम प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं जो कि झूठ है। किसी भी अंग को बनाने के लिए आपके शरीर से ही एक हिस्सा लिया जाता है।

किस किस अंग की हो सकती हैं प्लास्टिक सर्जरी
डॉक्टर ने बताया कि हम सिर के बाल से लेकर पैर की उंगलियों तक की प्लास्टिक सर्जरी करते हैं। ऐसे में शरीर के किसी भी हिस्से को ऑपरेशन के जरिए उसे उचित तरह से ढाल सकते हैं। जिसमें हेयर ग्राफ्टिंग, आईब्रो रिकंस्ट्रक्शन, ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट जैसे शामिल हैं।

प्लास्टिक सर्जन से मिलने से पहले लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

सबसे पहले लोगों को इस बात का खास ध्यान देना चाहिए कि क्या उसको वाकई इसकी जरूरत है। इसके साथ ही वो जिस किसी सर्जन से कराए वो क्वालिफाइड हो। इसका मतबल ऐसे सर्जन से जिसे इस क्षेत्र में महारथ हासिल हो। साथ ही जिसके पास इसकी डिग्री हो उन्हीं डॉक्टर के पास जाकर सर्जरी कराना चाहिए। क्वालिफाइड में सर्जन के पास एमबीबीएस के साथ-साथ एमएस जनरल सर्जरी में 8 साल, फिर तीन साल के कोर्स में उसे एमसीएच और डीएनबी की डिग्री हासिल हो।

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