भारत को 2030 तक चाहिए 20 लाख डॉक्टर, नए मेडिकल कॉलेज पूरी कर पाएंगे जरूरत !

हेल्थ
प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Oct 26, 2021 | 19:02 IST

Health Infrastructure in India: जून 2020 तक के आंकड़ों के अनुसार देश में 12.5 लाख डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं। जिसमें से 10 लाख के करीब प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में 2030 तक कुल 20 लाख रजिस्टर्ड डॉक्टर की जरूरत है।

Doctors in India
2030 तक करीब 8 लाख नए डॉक्टर की जरूरत। फोटो-आईस्टॉक 
मुख्य बातें
  • WHO की गाइडलाइन के अनुसार प्रति 1000 आबादी पर एक डॉक्टर की उपलब्धता होनी चाहिए।
  • सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश मे डॉक्टर रजिस्टर्ड हैं।
  • सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश में हैं।

नई दिल्ली:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल (25 अक्टूबर) उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से प्रदेश में 9 मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा सरकार के लगातार प्रयास का परिणाम है 'आजादी के बाद, 70 वर्षों में जितने डॉक्टर पढ़ लिखकर निकले, उससे ज्यादा डॉक्टर हम अगले 10-12 वर्षों में तैयार कर पाएंगे। 2014 से पहले हमारे देश में मेडिकल की सीटें 90 हजार से भी कम थीं। बीते 7 वर्षों में देश में मेडिकल की 60 हजार नई सीटें जोड़ी गई हैं।' 

अब सवाल यह उठता है कि मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ाने में जो स्पीड आई है, वह क्या हमारी जरूरतों को आने वाले समय में पूरा कर पाएगी। सरकार के अनुसार जून 2020 तक देश में 12.55 लाख एलोपैथिक डॉक्टर रजिस्टर्ड थे। जिसमें 10 लाख के करीब अपनी सर्विसेज दे रहे हैं। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार प्रति 1000 आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। इस मानक को पूरा करने के 2030 तक 20 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड डॉक्टर की जरूरत पड़ेगी।

क्या कहती है रिपोर्ट

फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा भारत में डॉक्टर की उपलब्धता पर तैयार (2014-2030) की रिपोर्ट के अनुसार देश की आबादी को देखते हुए 2030 तक 20.7 लाख रजिस्टर्ड  डॉक्टर की जरूरत होगी। रिपोर्ट के अनुसार भारत में रजिस्टर्ड डॉक्टर और प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर की संख्या में अंतर को देखते हुए 2030 तक 14.76 लाख प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर की जरूरत होगी। इसके लिए उस वक्त तक देश में 20 लाख से ज्यादा डॉक्टर रजिस्टर्ड होने चाहिए। क्योंकि 2014 में प्रति 10 हजार आबादी पर रजिस्टर्ड डॉक्टर की संख्या 7 थी, लेकिन प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर की संख्या केवल 4.8 थी।

2014 से अब तक सरकार ने क्या किया

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार साल 2014 से देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई है। सभी मेडिकल कॉलेज परिचालन में आने के बाद लगभग 16000 अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटें जुड़ जाएंगी। अब तक 157 में से 64 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं । जिसके जरिए 6500 सीटें सृजित हुई हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन के अनुसार देश में कुल 555 मेडिकल कॉलेज हैं। इसमें से सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश में हैं। कर्नाटक में 60, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 57 मेडिकल कॉलेज हैं। इसके बाद तमिलनाडु में 52, आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल में 31-31, तेलंगाना में 34 मेडिकल कॉलेज हैं।

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