खाने से लगता है डर...! कहीं आप एनोरेक्सिया नर्वोसा के शिकार तो नहीं, जानें बचाव के तरीके

हेल्थ
Updated Nov 22, 2018 | 16:03 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

क्या आपका कोई ऐसा साथी है जो खाना खाने से भागता है? क्या वो दुबला पतला है लेकिन फिर भी एक्सरसाइज का जुनून सवार है? क्या वो हमेशा आपसे पूछता है कि वो मोटा लग रहा है? ऐसे में अपने साथी की ऐसे करें मदद...

eating disorder
खाने संबंधित बीमारी  |  तस्वीर साभार: BCCL

एनोरेक्सिया नर्वोसा : एनोरेक्सिया नर्वोसा एक ईटिंग डिसऑर्डर (खाने संबंधित बीमारी) है, जिसमें व्यक्ति को खाने में डर लगता है। ऐसे लोग कुछ भी खाने से पहले न्यूट्रिशन और कैलोरी का रिकार्ड चेक करते हैं। उन्हें इस बात की चिंता रहती है कि ज्यादा कैलोरी और फैट से उनका वेट बढ़ता जाएगा और वे बहुत मोटे हो जाएंगे। ऐसा करने से उनके अंदर न केवल न्यूट्रीएंट्स की कमी होती है बल्कि उनके बिहेवियर में भी काफी बदलाव आने लगता है। उनका शरीर अंदर ही अंदर कमजोर होने लगता है।

क्या है नोरेक्सिया नर्वोसा : 

एनोरेक्सिया नर्वोसा का कारण मनोचिकित्सक डॉ बीके बंसल बताते हैं कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन स्पष्ट कारण अभी तक नहीं सामने आ सका है। वहीं जामा साइकायट्री जर्नल में छपी एक रिसर्च बताती है कि एनोरेक्सिया नर्वोसा से पीड़ित लोग एक समय बाद खाने से डरने लगते हैं। वह कुछ भी खाना नहीं चाहते। 

अमेरिका के यूनीवर्सिटी ऑफ कोलोराडो स्कूल ऑफ मेडिसिन के गीडो फ्रैंक का इस संबंध में कहना है कि जब ऐसे लोगों का वेट  (वजन) कम होता है तो वे बहुत ही उत्साहित हो जाते हैं और दुगनी तेजी से वे खाना खाना छोड़ने और एक्सरसाइज करने लगते हैं। यही कारण है कि एनोरेक्सिया नर्वोसा के शिकार लोगों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।
 
एक रिसर्च बताती है कि हेरिडिटी (अनुवांशिकी) और हार्मोनल चेंजेस इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। एनोरेक्सिया और सेरोटोनिन के बीच संबंध देखने को मिलता है। सेरोटोनिन एक रसायन है जो हमारे दिमाग में पाया जाता है। सेरोटोनिन दिमाग और शरीर दोनों में एक न्यूरोट्रांसमीटर और एक हार्मोन के रूप में कार्य करता है लेकिन जब ये कम निकलता है तो इससे कई दिक्कते पैदा होती हैं। मूड स्विंग होना इसी कारण से होता है।

एनोरेक्सिया नर्वोसा के लक्षण:

-खाने को लेकर अरुचि
-थकान महसूस करना
-इनसोम्निया (नींद ना आना) की गंभीर बीमारी
-बालों का झड़ना और बाल का पतला हो जाना
-कब्ज की शिकायत हमेशा रहना
-लो ब्लड प्रेशर
-स्किन में रफनेस और ड्राइनेस
-जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना
-चिड़चिड़ा व्यवहार
-घर के बाहर के कार्यों को नजरअंदाज करना
-भूख को अनदेखा करना
तो वेट कम करने को लेकर इतना चिंतित होने से बेहतर है कि बैलेंस डाइट लें और साथ में ट्रेनर की मदद से एक्सरसाइज करें।

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