What is Brain Stroke : क‍ितना बड़ा है ब्रेन स्ट्रोक का खतरा, समय पर पहचान ल‍िए लक्षण तो बच सकती है जान

ब्रेन स्ट्रोक एक बढ़ता हुआ खतरा है जो चुपके से वार करता है। हालांक‍ि अलर्ट होने पर इसके लक्षण पहचाने जा सकते हैं और मरीज की जान बचाई जा सकती है। जानें ब्रेन स्‍ट्रोक के लक्षण, उपचार के बारे में जरूरी बातें।

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Brain Stroke meaning in hindi 

मुख्य बातें

  • ब्रेन स्ट्रोक से बचने के लिए नशीले पदार्थो का करें त्याग
  • अपने दैनिक जीवन में शामिल करें पौष्टिक आहार और योग
  • सिर दर्द ज्यादा बढ़े तो लें डॉक्टरी सलाह

ब्रेन स्‍ट्रोक का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, दुन‍िया के हर छठे व्‍यक्‍त‍ि ब्रेन स्‍ट्रोक के न‍ि‍शाने पर है। ब्रेन स्‍ट्रोक को पहले बड़ी उम्र के साथ जोड़कर देखा जाता था। लेक‍िन कुछ कारणों और मेडिकल कंड‍िशंस के चलते यह क‍िसी भी उम्र के व्‍यक्‍त‍ि को अपनी चपेट में ले सकता है। 

कुछ समय पहले पॉपुलर एक्‍ट्रेस सुरेखा सीकरी को ब्रेन स्‍ट्रोक होने की खबर आई थी। अब आश‍िकी फेम हीरो राहुल रॉय भी इस अटैक से जूझ रहे हैं। 

क्या है ब्रेन स्ट्रोक? (Brain Stroke in Hindi)

ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी समस्या है जो आपको तब घेर लेती है जब आपके दिमाग को सही रूप से ऑक्सीजन नहीं मिलता है। या आपको दिमाग के नर्व्स में पोषक तत्वों का कमी हो जाती है। साथ ही मस्तिष्क में खून के सही प्रवाह न होने की वजह से भी ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। साल 2018 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया भर में हर छठवां आदमी कभी न कभी इस बिमारी से गुजरा जरूर है। शोधकर्ताओं का मानना है कि हर साल लगभग 15 लाख मामले ब्रेन स्ट्रोक के आते हैं जो काफी डरावने आंकड़े हैं।

ब्रेन स्ट्रोक को कैसे पहचाने? (Brain Stroke Symptoms)

  1. सिर में तेज दर्द : ब्रेन स्ट्रोक का सबसे तगड़ा लक्षण यही है अगर आपको या आपके किसी जानने वाले के सर में कभी बहुत तेज दर्द हो जो बर्दाश्त के बाहर हो जाए लगे कि सर अभी फट जाएगा तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
  2. हाथों और पैरों में कमजोरी महसूस होना : दूसरे लक्षण में आपके हाथ-पैर ढीले होने लगते हैं जैसे की उनमें जान ही ना हो, कमजोरी जैसी महसूस होती है।
  3. देखने में परेशानी होना : आंखों के सामने सब धुंधला-धुंधला सा नजर आने लगता है। देखने में बहुत समस्या होती है।
  4. बोलने में दिक्कत होना : आपकी जबान लड़खड़ाने लगती है आपको बोलने में समस्या होती है।
  5. लगातार चक्कर आना : रह-रह कर आपको चक्कर आएंगे, ऐसा लगेगा कि पूरा सर घूम रहा हो।
  6. चलने-फिरने में परेशानी : सबसे बड़ी परेशानी होती है कि यह बिमारी आपको चलने-फिरने लायक भी नहीं छोड़ती है। यहां तक की लोगों को हिलने-डुलने में भी बहुत तकलीफ होती है।
  7. अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण आपके या किसी जानने वाले के अंदर दिखे तो उसे तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाएं।

कैसे करें इससे बचाव (Brain Stroke Treatment)

  1. तनाव से बचें : इस बीमारी को दूर रखने के लिए खुद को तनाव से दूर रखें अगर आपको तनाव नहीं होगा तो आपका ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहेगा जिससे आपको ब्रेन स्ट्रोक आने का खतरा कम हो जाएगा।
  2. शराब को रखें दूर : अधिक मात्रा में शराब का सेवन आपको ब्रेन स्ट्रोक का शिकार बना सकता है, इसलिए आपको शराब से दूर रहना चाहिए जिससे आप ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी से बचे रहेंगे।
  3. वजन ना बढ़ाएं : मोटापा कई बीमारियों की अकेली जड़ होती है, ब्रेन स्ट्रोक में भी मोटापे का अहम योगदान होता है। इसलिए, जितना हो सके खुद को फिट रखें और मोटापे से दूर रहें।
  4. योग और ध्यान करें : मन को शांत और चिंता मुक्त बनाने के लिए रोज नियमित रूप से सुबह-सुबह ध्यान और योग करना चाहिए इससे आपके शरीर के साथ-साथ आपका मन भी स्वस्थ रहेगा।
  5. पौष्टिक आहार लें : ब्रेन स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए आपको पौष्टिक आहार खाना चाहिए। जंक फूड और तले हुए ज्यादा मिर्च-मसाले वाले खाने से आपको परहेज करना चाहिए। पौष्टिक भोजन आपको कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं।

तो ब्रेन स्‍ट्रोक को लेकर इन बातों पर अलर्ट रहें ताक‍ि समय रहते आप भी क‍िसी की जान बचा सकें। 
 

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