Karele ke fayde: कड़वे करेले में है बहुत दम, इन बीमारियों में अमृत की तरह करता है काम

करेले को देख कर शायद आप नाक-मुंह सिकोड़ते होंगे। इसका कड़वा स्वाद भले ही आपको न भाता हो, लेकिन सेहत के लिए ये किसी अमृत से कम नहीं। कैंसर जैसी अनेक बीमारियों में करेला दवा की तरह काम करता है।

Bitter gourd
Bitter gourd (Image Credit: mgalutuinatfoodtripniphatypogi)  |  तस्वीर साभार: Instagram
मुख्य बातें
  • करेले में इंसुलीन की तरह ही केमिकल पाएं जाते हैं
  • करेला ब्लड को साफ करने का काम करता है
  • करेला खाने खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है

करेला खाने के बहुत से फायदे होते हैं। करेले के रस में आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और विटामिन से लेकर पोटेशियम और विटामिन सी तक पाया जाता है। फाइबर का भी ये उत्कृष्ट स्रोत है।  इसमें पालक से ज्यादा कैल्शियम, ब्रोकोली से ज्यादा बीटा-कैरोटीन और केले से ज्यादा पोटेशियम होता है। 

यानी ये सब्जी कई पोषक तत्वों का खजाना होता है।  100 ग्राम करेले में केवल 34 कैलोरी होती है। यानी करेले में वह सब कुछ होता है जिसकी जरूरत शरीर को होती है। इसे खाने से शरीर में विटामिन और मिनिरल्स की कमी भी पूरी होती है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी खूब होता है। जो कई बीमारियों से बचाता है। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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करेला खाने के इन फायदों को जरूर जानें

ब्लड शुगर कंट्रोल करता है
करेला में इंसुलिन जैसा ही यौगिक होता है जिसे पॉलीपेप्टाइड-पी या पी-इंसुलिन के नाम से जाना जाता है। यही कारण है कि ये डायबिटीज में बहुत फायदेमंद होता है। ये शुगर को कंट्रोल करता है। टाइप-2 डायबिटीज और टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित लोगों को रोज करेले का 2,000 मिलीग्राम जूस पीना चाहिए। इससे उनके ब्लड में शुगर का लेवल कम होता है। करेले के पौधे में पाया जाना वाला इंसुलिन टाइप -1 डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। 

पाचन होता है दुरुस्त, कब्ज होता है दूर
करेला यदि रोज सौ ग्राम के करीब खाया जाए तो ये कब्ज और पेट से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी दूर करता है। इसमें रफेज काफी होता है इसलिए ये कब्ज के लिए दवा की तरह होता है। हरे-कच्चे करेले को बीज सहित खाना चाहिए। इससे पाचन भी बेहतर होता है। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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ब्लड प्यूरिफायर का काम करता है
करेला के रस में मौजूद रोगाणुरोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा की समस्याओं को ही नहीं ब्लड प्यूरिफायर के रूप में भी काम करता है। करेला ब्लड संबंधित बीमारियों, ब्लड से विषाक्त पदार्थों को दूर करने का काम करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधारता है। इससे चकत्ते, मुँहासे, सोरायसिस, फोड़े  आदि की समस्या दूर हो जाती है। इतना ही नहीं ये कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। 

वजन घटाने में मदद करता है
करेला का जूस पीने से लिवर को बाइल जूस यानी अम्ल पित्त ज्यादा निकालना पड़ता है। इससे मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है और वेट तेजी से कम होता है। साथ ही ये लिवर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। 

प्रतिरक्षा में सुधार करता है
करेला विटामिन सी से भरा होता है और विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें शक्तिशाली एंटीवायरल गुण भी होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और पाचन में भी सहायक होता है।

मुंहासों से लड़ता है
करेला का सेवन करने से मुहांसों, दाग-धब्बों और त्वचा के संक्रमण से छुटकारा पाया जा सकता है। करेला ब्लड को साफ करता है जिससे त्वचा से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं। 

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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