Faridabad Property Tax: नगर निगम अब सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों से भी वसूलेगा संपत्ति कर, नोटिस जारी

Faridabad Property Tax: फरीदाबाद नगर निगम अब सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बसी कॉलोनियों से भी संपत्ति कर वसूलेगा। इसके लिए निगम की तरफ से नोटिस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। निगम ने अब तक नेहरू कॉलोनी, दो नंबर डी ब्लाक, नागा बाबा कॉलोनी में रहने वाले लोगों को नोटिस भेजा दिया है, वहीं बाकि की कॉलोनियों को भी इस सप्‍ताह नोटिस भेज दिया जाएगा।

Property Tax
नगर निगम अब कॉलोनियों से भी वसूलेगी संपत्ति कर   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • निगम अब सरकारी जमीन पर बसी कॉलोनियों से भी वसूलेगा संपत्ति कर
  • संपत्ति कर वसूली के लिए निगम ने लोगों को भेजना शुरू किया नोटिस
  • सर्वे के बाद इस साल तीन लाख नई यूनिट संपत्ति कर दायरे में आएंगी

Faridabad Property Tax: फरीदाबाद नगर निगम शहर की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बसी कॉलोनियों से भी अब संपत्ति कर वसूल करेगा। इस वसूली के लिए निगम की तरफ से सर्वे कार्य में जुटी निजी कंपनी ने ऐसे लोगों को नोटिस भेजने भी शुरू कर दिए हैं। इन नोटिस में हर संपत्ति का क्यूआर कोड भी दिया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार, अभी तक नेहरू कॉलोनी, दो नंबर डी ब्लाक, नागा बाबा कॉलोनी में रहने वाले लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, बाकि कॉलोनियों को भी इस सप्‍ताह नोटिस भेज दिए जाएंगे।

निगम की इस कार्रवाई का जहां कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, वहीं ऐसे लोगों की भी कमी नहीं जो इसे जायज ठहरा रहे हैं। इस संबंध में नेहरू कॉलोनी के लोग बुधवार को निगम अधिकारियों से मिलने भी पहुंचे। लोगों ने कहा कि, निगम ने आज तक कभी भी संपत्ति कर वसूल करने को नोटिस नहीं भेजे। पहली बार नोटिस भजे जा रहे हैं, जबकि इन कॉलोनियों में निगम की तरफ से पूरी सुविधाएं तक नहीं दी गई हैं।

सरकार की नीति के तहत भेज रहे नोटिस

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अभिषेक मीणा ने निगम की इस कार्रवाई को जायज ठहराते हुए कहा कि, लोगों को यह नोटिस सरकार की नीति के तहत भेजे जा रहे हैं। सरकार की नीति है कि, अब हर घर से संपत्ति कर वसूल किया जाएगा। चाहे वह सरकारी जमीन पर ही क्यों न हो। उन्‍होंने बताया कि, नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए हाल ही में एक निजी कंपनी से सर्वे कराया गया था। जिसमें इन संपत्तियों का पता चला। अब सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। बता दें कि, निगम ने निजी कंपनी से सर्वे कराने के बाद शहर की हर यूनिट का ब्योरा तैयार किया है। इसमें रिहायशी और वाणज्यिक दोंनों तरह की यूनिट को शामिल किया गया है।

निगम क्षेत्र में जुड़ी तीन लाख नई यूनिट

बता दें कि, इस सर्वे के बाद निगम के रिकॉर्ड में लगभग तीन लाख नई यूनिट संपत्ति कर दायरे में आएंगी। मौजूदा समय में निगम क्षेत्र में छह लाख से अधिक वाणिज्यिक और रिहायशी यूनिट हैं। जब नई यूनिट जुड़ जाएंगी, तो नगर निगम वर्ष भर में लगभग 130 करोड़ की वसूली कर पाएगा।

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर