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कौन हैं तारिक रहमान, जिन्हें कहा जाता है बांग्लादेश का क्राउन प्रिंस; 17 साल से थे लंदन में छिपे

Who is Tarique Rahman: तारिक रहमान बांग्लादेशी राजनीति में BNP के सबसे प्रभावशाली और संभावित भविष्य के नेता माने जाते हैं, लेकिन उनका राजनीतिक भविष्य कानूनी चुनौतियों, विदेश में रहने और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर है। अगर BNP मजबूत होती है और उनकी कानूनी बाधाएं कम होती हैं, तो उनकी राजनीतिक भूमिका और बढ़ सकती है।

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खालिदा जिया के बेटे हैं तारिक रहमान
Curated by: Shishupal Kumar
Updated Dec 25, 2025, 13:53 IST
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Who is Tarique Rahman: बांग्लादेश में आज बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं, अपने उस नेता का स्वागत करने के लिए जो पिछले 17 सालों से लंदन में छिपकर रह रहे थे, बांग्लादेश से फरार थे, जिन्हें बांग्लादेश में उम्रकैद की सजा हो रखी थी। तारिक रहमान, यही नाम है उस नेता का, जिन्हें बांग्लादेश में भविष्य का पीएम बताया जा रहा है। अपनी पत्नी और बेटी के साथ आज ढाका पहुंचे तारिक रहमान ने आते ही अपने समर्थकों को संबोधित किया और इशारों ही इशारों में अपने इरादे भी जाहिर कर दिए। अब सवाल ये है कि आखिर तारिक रहमान कौन हैं और पिछले 17 सालों से लंदन में क्यों छिपे थे, बांग्लादेश आने की हिम्मत क्यों नहीं कर सके?

कौन हैं तारिक रहमान?

तारिक रहमान का संबंध बांग्लादेश के उस राजनीतिक परिवार से है, जो देश में दूसरा सबसे ज्यादा पावरफुल परिवार माना जाता है। तारिक, बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया और बांग्लादेश में पहला तख्तापलट करने वाले तत्कालीन सेना प्रमुख जियाउर रहमान के बेटे हैं। रहमान बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के शीर्ष नेता हैं। वे BNP के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। बांग्लादेश के राजनीतिक परिवार से आने वाले तारिक लंबे समय से देश की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं।

बांग्लादेश का क्राउन प्रिंस

बांग्लादेश की राजनीति में तारिक रहमान को अक्सर “क्राउन प्रिंस ऑफ बांग्लादेश” कहा जाता है। इसकी वजह उनका शक्तिशाली राजनीतिक परिवार और सत्ता के सबसे करीब माने जाने वाली उनकी भूमिका है। तारिक के पिता देश के राष्ट्रपति तो मां प्रधानमंत्री रह चुकी हैं। इन दोनों के उत्तराधिकारी के रूप में तारिक रहमान का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आते रहा है।

प tarique rahman

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एक दो नहीं बल्कि 50 से ज्यादा मुकदमे

तारिक रहमान पर वर्षों से राजनीतिक, भ्रष्टाचार और गंभीर अपराध से जुड़े कई मुकदमे दर्ज रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार लगभग 80 से 84 मुकदमे उनके खिलाफ दर्ज किए गए थे, विशेष रूप से 2007-2008 के दौरान जब उन पर कई आरोप लगाए गए थे। इनमें ग्रेनेड हमले, अवैध संपत्ति, मनी लॉन्डरिंग, मानहानि और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप शामिल रहे थे। इनमें से कई मामलों को हाल के तख्तापलट के बाद रद्द कर दिया गया है। इनमें से कई मामलों में अदालतों ने उन्हें रिहा कर दिया है। जिन मामलों का निपटारा अभी बाकी है वह लगभग 18 से 19 के आसपास हैं जो अदालत में विचाराधीन हैं।

तारिक रहमान का हवा भवन वाला 'कांड'

रहमान को अक्सर बांग्लादेश में डिफेक्टो विपक्षी नेता के रूप में देखा जाता है। राष्ट्रीय राजनीति में उनका नाम कई विवादों से जुड़ा रहा है। उन पर भ्रष्टाचार, घूसखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई आरोप लगे हैं। उन्हें हवा भवन को एक समानांतर सत्ता केंद्र की तरह इस्तेमाल कर वहां से घूस वसूलने जैसे गंभीर विवादों से भी जोड़ा जाता रहा है। तारिक रहमान और उनके करीबी सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने हवा भवन के जरिये कई कारोबारियों और राजनीतिक विरोधियों से बड़े पैमाने पर रकम ली और फिर उस धन को विदेशों में पहुंचाया। इन्हीं आरोपों के आधार पर बांग्लादेश के एंटी करप्शन कमीशन ने 2007 में जांच शुरू की। इस दौरान अमेरिका की एफबीआई और सिंगापुर की अदालतों ने भी तारिक रहमान के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की पड़ताल की। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उनके जरिए करीब 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा धनराशि विदेश भेजे जाने का दावा किया गया। हालांकि, 20 मार्च 2025 को अदालत ने इस मामले में तारिक रहमान को बरी कर दिया। तारिक पर ये आरोप तब लगे थे, जब उनकी मां देश की पीएम थीं, लेकिन सत्ता की चाबी उनके पास थी।

शेख हसीना को मारने की कोशिश के आरोप

बीएनपी के शासनकाल (2001–2006) के दौरान ढाका में 2004 का ग्रेनेड हमला हुआ था। यह हमला तत्कालीन विपक्षी पार्टी अवामी लीग की रैली को निशाना बनाकर किया गया था। इस हमले में विपक्ष की नेता शेख हसीना समेत अवामी लीग के शीर्ष नेतृत्व को टारगेट किया गया। हमले में महिला अवामी लीग की अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति जिलुर रहमान की पत्नी आईवी रहमान सहित 24 नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए। इस घटना में तारिक रहमान मुख्य आरोपी बनाए गए थे और एक बांग्लादेशी अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि तख्तापलट के बाद 2024 में अदालत ने मामले की पूरी सुनवाई को अवैध मानते हुए तारिक रहमान को बरी कर दिया।

yunus (2)

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लंदन में क्यों छिपे रहे तारिक रहमान?

तारिक रहमान बांग्लादेश से इसलिए गए थे, क्योंकि 2007 में सेना समर्थित अंतरिम सरकार के दौरान उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और राजनीतिक हिंसा से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हुए। उस समय उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था और लंबी पूछताछ व कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। खराब सेहत का हवाला देते हुए उन्होंने विदेश जाने की इजाजत मांगी, जिसके बाद अदालत से राहत मिली और वे इलाज के बहाने लंदन चले गए। इस दौरान उनकी ब्रिटिश नागरिकता की बात भी सामने आई थी।

अब प्रिंस से किंग बनने की बारी?

तारिक रहमान लंबे समय से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। पार्टी के भीतर वे व्यावहारिक रूप से शीर्ष नेता की स्थिति में हैं और उनके समर्थक उन्हें संभावित पीएम के रूप में देख रहे हैं। बांग्लादेश में होने वाले चुनाव में शेख हसीना की पार्टी को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में BNP के सामने एक बड़ा अवसर है कि वो सत्ता में वापसी करे और तारिक रहमान सत्ता की बागडोर सीधे तौर पर संभाले।

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