मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को नौ दिन हो चुके हैं, इस जंग में जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका ईरान पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेहरान भी अमेरिका के रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। इसी कड़ी में ईरान ने बीते एक सप्ताह में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)और जॉर्डन में तैनात अमेरिका के टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम को निशाना बनाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर तैनात THAAD सिस्टम के रडार को हमले में नुकसान पहुंचा है। यह रडार THAAD का सबसे अहम हिस्सा होता है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने का काम करता है। इसकी कीमत लगभग 300 मिलियन डॉलर यानी करीब 2700 करोड़ रुपये बताई जाती है।
क्या है THAAD सिस्टम?
THAAD दुनिया के सबसे उन्नत मिसाइल डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। इसे खास तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए तैयार किया गया है। यह प्रणाली दुश्मन की मिसाइल को जमीन पर गिरने से पहले ही इंटरसेप्टर मिसाइल से टकराकर खत्म कर देती है।
THAAD की मारक क्षमता करीब 150 से 200 किलोमीटर तक होती है। इसकी खासियत यह है कि यह मिसाइल को अंतरिक्ष के किनारे या ऊंचाई वाले क्षेत्र में ही नष्ट कर देता है, जिससे जमीन पर नुकसान कम होता है। THAAD की सबसे बड़ी खासियत इसकी “हिट-टू-किल” तकनीक है, जिसमें इंटरसेप्टर मिसाइल सीधे दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल से टकराकर उसे हवा में ही नष्ट कर देती है। यह सिस्टम कुछ ही सेकंड में प्रतिक्रिया देने में सक्षम है और इसे ट्रक-माउंटेड मोबाइल प्लेटफॉर्म पर लगाया जाता है, जिससे जरूरत पड़ने पर इसे जल्दी स्थानांतरित किया जा सकता है।
क्या है Thaad?
एक सिस्टम में क्या-क्या होता है?
एक THAAD सिस्टम कई हिस्सों से मिलकर बना होता है। इसमें आमतौर पर-
- 6 लॉन्चर ट्रक होते हैं
- हर लॉन्चर में 8 इंटरसेप्टर मिसाइलें तैनात रहती हैं
- यानी कुल मिलाकर 48 मिसाइलें एक सिस्टम में मौजूद रहती हैं
- इसके साथ AN/TPY-2 शक्तिशाली रडार लगाया जाता है
- यह रडार लंबी दूरी से आने वाली मिसाइलों का पता लगाता है और उन्हें ट्रैक करके इंटरसेप्टर मिसाइल को लक्ष्य की दिशा देता है।
कितनी महंगी है यह प्रणाली?
THAAD दुनिया के सबसे महंगे रक्षा सिस्टम में गिना जाता है। एक पूरा THAAD सिस्टम करीब 8,000 करोड़ से 22,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है। वहीं इसके रडार सिस्टम की कीमत ही करीब 2700 करोड़ रुपये बताई जाती है।
अमेरिका की वायु रक्षा प्रणाली।
कितने देशों में तैनात है THAAD?
अमेरिका के पास कुल मिलाकर सिर्फ 7-8 THAAD सिस्टम ही मौजूद हैं। जो उसने अलग-अलग रणनीतिक क्षेत्रों में अपने सैन्य बेस पर स्थापित कर रखे हैं। ऐसे में किसी एक सिस्टम को भी नुकसान पहुंचना सैन्य दृष्टि से बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। फिलहाल यह प्रणाली इन जगहों पर मौजूद है-
- अमेरिका
- इजराइल
- दक्षिण कोरिया
- सऊदी अरब
- UAE
- गुआम द्वीप
क्यों बना ईरान का निशाना?
ईरान के पास बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें हैं और वह लंबे समय से इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को चुनौती देता रहा है। THAAD सिस्टम अमेरिकी और सहयोगी देशों के लिए मिसाइल रक्षा की सबसे मजबूत ढाल माना जाता है। ऐसे में अगर इस सिस्टम के रडार या लॉन्चर को नुकसान पहुंचता है, तो उस क्षेत्र में मिसाइल रक्षा क्षमता कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि मौजूदा युद्ध में ईरान ने इन प्रणालियों को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है।विशेषज्ञों का मानना है कि THAAD जैसे अत्याधुनिक सिस्टम पर हमला केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश भी होता है। इससे यह दिखाने की कोशिश की जाती है कि विरोधी देश की मिसाइल रक्षा प्रणाली भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
युद्ध का हो रहा विस्तार
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक इस युद्ध में करीब 1,483 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक 1,332 मौतें ईरान में दर्ज की गई हैं, जबकि लेबनान में 123, इजराइल में 11 और इराक में 2 लोगों की जान गई है। इसके अलावा कुवैत (4), बहरीन (1), सऊदी अरब (3), यूएई (3) और ओमान (1) में भी हमलों से मौतों की खबरें सामने आई हैं। इस संघर्ष में 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हुई है।
