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कौन हैं PDM कैंडिडेट सूबेदार बिंद? गाजीपुर में अफजाल अंसारी के खिलाफ ओवैसी ने उतारा 26 साल का उम्मीदवार

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 22, 2024, 12:18 PM IST

Who is Subedar Bind : पोस्ट बेलवा के ग्राम चौखनिया निवासी सूबेदार ने 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद इन्होंने आईटीआई का प्रशिक्षण लिया। बाद में वह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से जुड़ गए।

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गाजीपुर से पीडीएम के उम्मीदवार हैं सूबेदार बिंद।

Who is Subedar Bind : उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीटों में पूर्वांचल की गाजीपुर भी शामिल है। इस सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) से मौजूदा सांसद अफजाल अंसारी उम्मीदवार हैं। इस सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पारसनाथ राय को उम्मीदवार बनाया है। जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उमेश सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। पल्लवी पटेल ने अपने मोर्चे (पिछड़ा, दलित और मुस्लिम) पीडीएम से सूबेदार बिंद को उम्मीदवार बनाया है। यूपी में पल्लवी पटेल और असदुद्दीन ओवैसी साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात यह है कि बिंद की उम्र महज 26 साल है। इस हाई प्रोफाइल सीट पर मुकाबले में ओवैसी और पटेल ने बिंद पर दांव क्यों लगाया है, यह समझने की जरूरत है।

12वीं तक पढ़े हैं सूबेदार बिंद

पोस्ट बेलवा के ग्राम चौखनिया निवासी सूबेदार ने 12वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद इन्होंने आईटीआई का प्रशिक्षण लिया। बाद में वह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से जुड़ गए। सूबेदार का कहना कि वह शुरू से ही बिंद समाज के उत्थान एवं भलाई के लिए काम करना चाहते थे। समाज की सेवा करने के लिए उन्हें एक मौका मिला है। बिंद को उम्मीद है कि इस चुनाव में लोगों का समर्थन उन्हें मिलेगा। अपने सामाजिक कार्यों की बदौलत गाजीपुर की जनता के बीच बिंद अपनी पहचान बना चुके हैं। खासकर युवाओं में वह काफी लोकप्रिय हैं।

गाजीपुर सीट पर 2019 में चुनाव हारे मनोज सिन्हा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट से सटा गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की पकड़ से दूर हो गया। इस सीट से मनोज सिन्हा जैसे कद्दावर नेता को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर दिवंगत बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल का दबदबा रहा है। इस सीट सबसे ज्यादा यादव मतदाताओं की संख्या है। इसके बाद दलित एवं मुस्लिम का नंबर है। इस सीट पर यादव, दलित और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या कुल वोटरों से करीब आधी है। पिछले चुनाव में गाजीपुर सीट पर सिन्हा के हारने के पीछे यही जातीय समीकरण था। इस बिरादरी ने एकजुट होकर अफजाल के पक्ष में मतदान किया।

2009 में सपा के राधे मोहन सिंह जीते

पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट पर सपा और बसपा के संयुक्त उम्मीदवार अफजाल अंसारी को 5,66,087 वोट मिले जबकि भाजपा उम्मीदवार एवं केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को 4,46,690 वोट हासिल हुए। सुभासपा के रामजी को 33,877 वोट और कांग्रेस के अजीत कुशवाहा को 19,834 वोट मिले। हालांकि, 2014 के चुनाव में इस सीट पर मनोज सिन्हा विजयी हुए। 2009 के चुनाव में इस सीट पर सपा के राधे मोहन सिंह ने जीत दर्ज की।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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