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'मौत का सौदागर, नीच चाय वाला और अब जहरीला सांप', चुनाव से पहले 'सेल्फ गोल' क्यों करती है कांग्रेस

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 28, 2023, 01:11 PM IST

Karnataka Assembly Election 2023 : चुनावों के दौरान अपने बयानों से फायदा से ज्यादा अपना सियासी नुकसान कराने के काम में कांग्रेस माहिर हो चुकी है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का दौर अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। राज्य का सियासी पारा गर्म है और बयानबाजी भी खूब हो रही है।

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खड़गे के बयान पर हमलावर हुई भाजपा।

Photo : PTI

Karnataka Assembly Election 2023 : चुनाव-प्रचार के दौरान नेता अपने विरोधियों पर निशाना साधते हैं और तीखे हमले करते हैं। जुबानी जंग भी खूब देखने को मिलती है लेकिन चुनावी रौ में नेता कभी-कभी ऐसी बातें बोल देते हैं या बयान दे देते हैं जिससे चुनाव में पार्टी को फायदा कम नुकसान ज्यादा हो जाता है। चुनावों के दौरान अपने बयानों से फायदा से ज्यादा अपना सियासी नुकसान कराने के काम में कांग्रेस माहिर हो चुकी है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का दौर अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। राज्य का सियासी पारा गर्म है और बयानबाजी भी खूब हो रही है। चुनाव प्रचार के इसी क्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को ऐसा बयान दे दिया जिसके बारे में चुनावी रणनीतिकारों का मानना है कि इससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो सकता है।

जनसभा में खड़गे ने क्या कहा

गडग जिले के रोन में एक जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा, ‘गलती मत कीजिए। मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। अगर आप कहते हैं कि वह जहरीले नहीं हैं तो छूकर देखिए, पता चल जाएगा। अगर आप छूएंगे तो मर जाएंगे। अगर आपको लगता है कि नहीं, नहीं, यह जहर नहीं है, क्योंकि मोदी ने इसे दिया है, सज्जन प्रधानमंत्री ने दिया है तो इसे चाटकर देखिए। अगर आप इस जहर को चाटेंगे तो हमेशा के लिए सो जाएंगे।’ खड़गे ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने केवल इतना कहा कि भाजपा एक सांप की तरह है और पार्टी की विचारधारा जहर की तरह है। उन्होंने कहा कि अगर आप इस विचारधारा का समर्थन करते हैं और इसे अपनाते हैं तो मौत निश्चित है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने उनके (मोदी के) खिलाफ नहीं बोला, क्योंकि मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं कभी निजी टिप्पणियां नहीं करता।’

इस बयान से कांग्रेस पर हमलावर हुई भाजपा

एक रैली में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'जहरीला सांप' बता दिया। हालांकि, उन्हें अपने इस बयान का अहसास बाद में हुआ और एक तरह से उन्होंने यू-टर्न ले लिया। खड़गे ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने पीएम मोदी को जहरीला सांप नहीं कहा बल्कि उनके बयान का मतलब भाजपा की विचारधारा से था। खड़गे जब तक संभलते तब तक देर हो चुकी थी। खड़गे के इस बयान ने कांग्रेस पर पलटवार करने एवं उसे घेरने के लिए भाजपा को एक बड़ा मौका दे दिया। भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता अपने नेताओं को खुश करने के लिए इस तरह से बयान देते हैं।

2007 के गुजरात चुनाव में सोनिया का 'मौत का सौदागर' बयान

2007 के गुजरात में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने राज्य के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी को 'मौत का सौदागर' बता दिया। नवसारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा कि 'गुजरात की सरकार चलाने वाले झूठे, बेईमान और मौत के सौदागर हैं।' कांग्रेस नेता के इस बयान को भाजपा ने चुनाव में बुरी तरह से भुनाया। भाजपा ने सोनिया के इस बयान को गुजरात की अस्मिता से जोड़ दिया। इस चुनाव में कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ। बताया जाता है कि सोनिया के इस बयान ने चुनाव में कांग्रेस को भारी नुकसान किया। गुजरात में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनी।

मणिशंकर अय्यर बोले 'चायवाला नहीं बनेगा PM'

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी पर निजी हमला किया था। अय्यर के इस बयान से कांग्रेस को फिर नुकसान हुआ। अय्यर ने कहा था कि 'मैं आपसे वादा करता हूं कि 21वीं सदी में नरेंद्र मोदी इस देश का प्रधानमंत्री कभी नहीं बन पाएंगे। लेकिन अगर वो यहां आकर चाय बेचना चाहते हैं, तो हम उन्हें इसके लिए जगह दिला सकते हैं।' इसके बाद फिर कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ जीती, जबकि कांग्रेस 44 सीट पर ही सिमट गई।

2017 में अय्यर की जुबान फिर फिसली, मोदी को बताया 'नीच'

साल 2017 में अय्यर की जुबान एक बार फिर फिसली। पीएम पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि 'अंबेडकर जी की जो सबसे बड़ी ख्वाहिश थी उसे साकार करने में एक व्यक्ति का सबसे बड़ा योगदान था और उनका नाम था जवाहर लाल नेहरू। अब इस परिवार के बारे में गंदी बातें कहें और वो भी जबकि अंबेडकर जी याद एक बहुत बड़ी इमारतद का उद्घाटन हो रहा है। मुझे लगता है ये आदमी बहुत नीच किस्म का आदमी है। इसमें कोई सभ्यता नहीं है, ऐसे मौके पर इस प्रकार की राजनीति क्या आवश्यकता है।' अय्यर के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। अपने इस बयान के लिए खुद अय्यर अलग-थलग पड़ गए। अय्यर के इस बयान से कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं ने किनारा कर लिया। राहुल गांधी ने अय्यर को माफी मांगने के लिए कहा। अपने इस बयान पर बुरी तरह घिरने पर अय्यर ने कहा कि उन्होंने किसी लेख का अनुवाद किया था और चूंकि वह गैर-हिंदी भाषी व्यक्ति हैं, इसलिए उन्हें 'नीच' का सही मतलब नहीं पता।

पीएम मोदी पर निजी हमले से बचने की बनाई है रणनीति

चुनावों में अय्यर के इन बयानों का कांग्रेस को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। इस तरह के बयानों का राजनीतिक फायदा कैसे उठाया जाता है, प्रधानमनंत्री मोदी और भाजपा इसमें माहिर हैं। पीएम मोदी पर खड़गे के बयान के बाद कांग्रेस भले ही सफाई दे लेकिन भाजपा चुनाव तक और उसके बाद भी इस बयान को पीएम मोदी पर निजी हमले के रूप में पेश करेगी। खास बात यह है कि कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस की रणनीति पीएम मोदी पर निजी हमले से बचने की रही है। कांग्रेस भ्रष्टाचार सहित मुद्दों के आधार पर भाजपा को चुनौती देने की कोशिश कर रही है लेकिन खड़गे के इस बयान ने भाजपा को मोदी बनाम कांग्रेस बनाने का मौका दे दिया है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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