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असम चुनावों के लिए कांग्रेस ने बदली रणनीति, क्या गौरव बनाम हिमंत की लड़ाई में 'ग्रैंड ओल्ड पार्टी' को होगा रणनीतिक लाभ?

Assam Assembly Elections: कांग्रेस ने लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई को असम कांग्रेस की कमान सौंपी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। वहीं, तीन नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई जिसमें असम विधानसभा के सदस्य जाकिर हुसैन सिकंदर, पूर्व विधायक रोजलीना तिर्की और प्रदीप सरकार शामिल हैं।

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (बाएं) और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गौरव गोगोई (दाएं)

Photo : Times Now Digital

Assam Assembly Elections: 2026 में असम विधानसभा चुनाव होना है, लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष में जिस तरह आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है उससे ऐसा लग रहा है कि प्रदेश पूरी तरह चुनाव के माहौल में आ गया है। कल कांग्रेस ने लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई को असम कांग्रेस की कमान सौंपी। कांग्रेस के इस फैसले के बाद ये चर्चा भी आम हो गई कि कांग्रेस ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए जो कहानी लिखी है वो हिमंता बनाम गोगोई बनेगी।

हालांकि, पिछले दो महीनों से असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच राजनीतिक बयानबाजी दिखती रही है, जो कभी सामान्य राजनीतिक तकरार हुआ करती थी, वह अब व्यक्तिगत और आक्रामक मोड़ ले चुकी है, जिसमें सरमा ने गोगोई पर कई गंभीर आरोप लगाए।

मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए सबसे विवादास्पद आरोपों में यह शामिल है कि गौरव गोगोई 15 दिनों के लिए पाकिस्तान गए थे, और उनकी पत्नी के संबंध आईएसआईएस से जुड़े व्यक्तियों से हैं, जिनमें एक अली शेख नामक व्यक्ति भी शामिल है। सरमा ने यह भी आरोप लगाया है कि गोगोई ने इस कथित यात्रा के बाद संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाए जिनमें भारत की परमाणु संपत्तियों और सीमा प्रोटोकॉल से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। हालांकि, इसको लेकर हिमंत बिस्वा ने कोई साक्ष्य सामने नहीं रखे।

वहीं गोगोई ने इन आरोपों पर चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ये हमले राजनीतिक रूप से सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''हिमंत बिस्वा सरमा इस बात को जानते हैं कि उनके खिलाफ़ प्रदेश में एंटी इनकंबेंसी है जिसे डाइवर्ट करने के लिए वो गोगोई को टारगेट कर रहे है।'' वहीं इन आरोपों के बावजूद पार्टी की तरफ़ से गोगोई को मिली ज़िम्मेदारी इस ओर इशारा करती है कि कांग्रेस गोगोई के साथ खड़ी है।

आलाकमान ने युवा चेहरों पर लगाया दांव

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया। वहीं तीन नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई जिसमें असम विधानसभा के सदस्य जाकिर हुसैन सिकंदर, पूर्व विधायक रोजलीना तिर्की और प्रदीप सरकार शामिल हैं।

कांग्रेस नेतृत्व ने 42 वर्षीय गोगोई के साथ कार्यकारी अध्यक्ष का उत्तरदायित्व भी तीन युवा नेताओं को सौंपा है। सिकंदर 44, रोजलीना 43 और सरकार 42 वर्ष के हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा को पार्टी की असम इकाई की चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वर्तमान में गौरव गोगोई असम के जोरहाट से लोकसभा सांसद हैं और लगातार तीसरी बार निचले सदन में पहुंचे हैं। इससे पहले वर्ष 2014 से 2024 तक लगातार दो बार असम की कलियाबोर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। गोगोई के पिता तरुण गोगोई मई, 2001 से मई, 2016 तक लगातार तीन बार असम के मुख्यमंत्री रहे।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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