Times Now Navbharat
live-tv
Premium

एक परिवार, दो साल और डॉक्टर बनाने का खेल... NEET पेपर लीक के 5 बड़े किरदार

NEET Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक 2026 के पांच प्रमुख किरदारों की पहचान हो गई है। जिसमें नासिक का शुभम खैरनार इस पूरे नेटवर्क में गेस पेपर का मुख्य स्रोत माना जा रहा है।

Image
नीट पेपर लीक के पांच किरदार
Authored by: Shishupal Kumar
Updated May 14, 2026, 14:30 IST
Follow on Google News

NEET Paper Leak 2026: नीट पेपर लीक 2026 की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक से एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 22 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाले पांच ऐसे किरदारों के बारे में पता चला है जो डॉक्टर बनने और बनाने, दोनों का खेल, खेल रहे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार एक ही परिवार से जुड़े ये पांचों काले चेहरे दो साल से नीट पेपर लीक कांड में लिप्त थे। इस परिवार में भी डॉक्टर हैं, अब सीबीआई इस मामले की भी जांच कर रही है कि कहीं ये डॉक्टर्स भी तो फर्जी तरीके से नहीं बने हैं?

NEET पेपर लीक की काली दुनिया के 5 किरदार कौन?

जांच के मुताबिक नासिक का शुभम खैरनार इस पूरे नेटवर्क में गेस पेपर का मुख्य स्रोत माना जा रहा है, जिसने कथित तौर पर पुणे से पेपर हासिल किया। गुरुग्राम के यश यादव पर आरोप है कि उसने शुभम से पेपर लेकर उसे आगे सप्लाई किया। वहीं जयपुर और सीकर से जुड़े दिनेश बिवाल पर पेपर खरीदकर छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है। इस नेटवर्क में जयपुर के मांगीलाल बिवाल की भूमिका भी बताई जा रही है, जो सौदों और नेटवर्क संचालन में सहयोग करता था। वहीं सीकर के रहने वाले विकास बिवाल, जो NEET का छात्र बताया जा रहा है, पर अपने दोस्तों को गेस पेपर बेचने के आरोप लगे हैं।

नीट पेपर लीक के पांच किरदार (AI Photo)

नीट पेपर लीक के पांच किरदार (AI Photo)

NEET Paper Leak जांच 5 प्वाइंट में

  1. खरीद: विकास ने गुड़गांव के यश यादव से पेपर की डील की।
  2. हैंडओवर: विकास ने पेपर पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश लंबे को दिया।
  3. टारगेट: पेपर को दिनेश के बेटे ऋषि (सीकर) तक पहुंचाया गया।
  4. ऋषि और उसके परिवार ने इस पेपर को सीकर के अन्य छात्रों और राकेश कंसल्टेंसी को बेचकर लाखों कमाए।
  5. पर्दाफाश: सीबीआई ने कड़ियां जोड़ते हुए पाया कि इसी परिवार के 5 सदस्य पिछले साल भी इसी तरीके से सिलेक्ट हुए थे।

मास्टरमाइंड दिनेश लंबे और बीवाल परिवार का गठजोड़

जयपुर के जामवारामगढ़ का निवासी दिनेश बीवाल उर्फ दिनेश लंबे- इस पूरे खेल का केंद्र है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले गिरोहों के संपर्क में था। इस साल उसने अपने भाई मांगीलाल के साथ मिलकर साजिश रची।

विकास खुद लाभार्थी, अब मिडलमैन

इस परिवार का सबसे अहम किरदार विकास ( मांगीलाल का बेटा) है। जांच में सामने आया कि विकास खुद पिछले साल (2025) यश यादव के जरिए पेपर खरीदकर डॉक्टर बना था और वर्तमान में सवाई माधोपुर से एमबीबीएस कर रहा है। इस साल विकास ने ही गुड़गांव के यश से पेपर खरीदा और अपने पिता व चाचा तक पहुंचाया।

ऋषि और सीकर का नेटवर्क

पेपर को दिनेश के बेटे ऋषि तक पहुंचाया गया, जो सीकर में नीट की तैयारी कर रहा था। ऋषि ने न केवल खुद पेपर पढ़ा, बल्कि अपने दोस्तों का एक ग्रुप बनाकर उन्हें भी पेपर बेचा। यहीं से पेपर कंसल्टेंसी चलाने वाले राकेश कुमार तक पहुंचा और फिर पूरे सीकर के कोचिंग हब्स में फैल गया।

2025 का चमत्कार अब जांच के घेरे में

सीबीआई के लिए सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि वर्ष 2025 में इस एक ही परिवार के 5 बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ था।

  • विकास (मांगीलाल का बेटा)
  • तीन बहनें (मांगीलाल के बड़े भाई और बहन की बेटियां)
  • दिनेश लंबे ने खुद नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर इस सफलता का जश्न मनाते हुए इसे परिवार का गर्व बताया था। अब सीबीआई इन पांचों छात्रों के चयनों की वैधता की जांच कर रही है।

यश यादव और 'सीएलसी' कनेक्शन

गुडगांव का यश यादव और विकास दोनों सीकर के CLC कोचिंग सेंटर में साथ पढ़ते थे। यश भले ही नीट पास नहीं कर पाया, लेकिन वह पेपर माफियाओं और विकास के बीच की कड़ी बन गया। इसी दोस्ती ने बीवाल परिवार को पेपर लीक के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जोड़ दिया।

End of Article