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'मैं तीन दिन तक सिर्फ रोया' आंदोलन में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर Shekhar Suman का रिएक्शन

  • Authored by: अभय
  • Updated Jul 25, 2026, 10:03 AM IST

Shekhar Suman on Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर में छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर शेखर सुमन (Shekhar Suman) ने नाराजगी जताई है। शेखर सुमन ने अपने शो में कहा कि...

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शेखर सुमन ने जताया दुख (Image Source: Chat GPT/ AI)

Shekhar Suman on Student Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। इस छात्र आंदोलन पर कई स्टार्स रिएक्शन देते नजर आ रहे हैं। इस लिस्ट में सलमान खान (Salman Khan), आलिया भट्ट (Alia Bhatt) समेत का नाम शामिल है। अब छात्र आंदोलन पर एक्टर शेखर सुमन (Shekhar Suman) ने भी अपना रिएक्शन दिया है। प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज को दबाना सही तरीका नहीं है। तो चलिए जानते हैं शेखर सुमन ने अपने बयान में क्या बात रखी है।

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इमोशनल हुए शेखर सुमन

एक्टर शेखर सुमन एक बार फिर से खबरों में हैं। शेखर सुमन ने अभी हाल ही में छात्र आंदोलन को लेकर रिएक्शन दिया है। शेखर सुमन अपने लेटेस्ट एपिसोड Shekhar Tonite में काफी भावुक हो गए जब उन्होंने दिल्ली में छात्र आंदोलन के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का जिक्र किया। एपिसोड की शुरुआत भावुक अंदाज में करते हुए शेखर ने दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बारे में बात की। उन्होंने कहा, 'शो शुरू करने से पहले मैं आप सबके साथ कुछ शेयर करना चाहता हूं। 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उन मासूम, निहत्थे, लाचार बच्चों के साथ जो हुआ, वो दिल दहला देने वाला था। उन्हें लाठियों से जिस बेरहमी, क्रूरता और बिना दया के पीटा गया, खून से लथपथ कर दिया गया ये देखकर मैं पूरी तरह हिल गया हूं। तीन दिन से मैं सो नहीं पाया, सिर्फ रोया हूं।'

एक्शन पर उठाए सवाल

शेखर ने प्रदर्शनकारियों, खासकर छात्रों पर हुए एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, 'उन युवा, मासूम बच्चों का क्या कसूर था? उन्होंने सिर्फ अन्याय और दमन के खिलाफ आवाज उठाई थी। वे अपने अधिकारों के लिए, अपने भविष्य के लिए और इससे आगे देश के भविष्य के लिए खड़े हुए थे। उन्होंने स्वस्थ शिक्षा व्यवस्था की मांग की थी। और उनकी बात सुनने की बजाय उन्हें लाठीचार्ज कर दिया गया, हमला कर दिया गया… इस मुश्किल वक्त में मैं हर निडर युवा, हर कोऑर्डिनेटर, हर युवा और हर उस भारतीय के साथ खड़ा हूं जिसके दिल में देश की गरिमा के लिए धड़कन है और जो अन्याय के खिलाफ बोलने की हिम्मत रखता है।' एपिसोड के ओपनिंग मोनोलॉग के अंत में शेखर ने बताया कि शुरू में उन्हें लगा था कि देश में छात्र आंदोलन के चलते माहौल खराब है तो शायद एपिसोड नहीं चलाना चाहिए। लेकिन आखिरकार उन्होंने महसूस किया कि शो की जिम्मेदारी है कि वो चलता रहे। उन्होंने कहा 'शो को चलता रहना चाहिए' और छात्रों को भरोसा दिलाया कि वो उनके साथ खड़े हैं।

Abhay
अभयauthor

अभय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट डेस्क पर चीफ कॉपी एडिटर हैं। टीवी पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने वाले अभय मनोरंजन जगत की खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। वे फिल्म, टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी अपडेट्स को सरल भाषा में और सटीक जानकारी के साथ पेश करने के लिए जाने जाते हैं। अभय अबतक 9,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं। तेजी से बदलती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खबरों को पकड़ने, रिसर्च करने और समय पर प्रकाशित करने में उनकी खास दक्षता है।

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