Karuppu Movie Review: देसी सुपरहीरो बनकर 'सूर्य' की तरह चमके सूर्या

Karuppu Movie Review: सुपरस्टार सूर्या की फिल्म करुप्पु आज बड़े पर्दे पर रिलीज हो गई। फैंस लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। अब फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है, यही इस रिव्यू में जानने को मिलेगा।

Kumar SarashAuthored by: Kumar SarashUpdated May 15 2026, 17:39 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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3.5

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देसी सुपरहीरो बनकर 'सूर्य' की तरह चमके सूर्या (pic credit-instagram)

Karuppu Movie Review: सुपरहीरो वाली फिल्में तो आपने खूब देखी होंगी। सुपरमैन, बैटमैन और आयरन मैन जैसे किरदारों को लोगों ने हमेशा प्यार दिया है। लेकिन भारतीय दर्शक लंबे समय से ऐसे सुपरहीरो का इंतजार कर रहे थे, जो हमारी संस्कृति और लोककथाओं से जुड़ा हो। अब साउथ सुपरस्टार सूर्या ने फिल्म करुप्पु (Karuppu) के जरिए यही कोशिश की है। फिल्म को लेकर पहले से ही काफी बज बना हुआ था और फैंस इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। दमदार एक्शन, शानदार विजुअल्स और अलग कहानी के साथ आई ये फिल्म लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या नहीं, इसका जवाब आपको इस रिव्यू में मिलेगा। (ये भी पढ़ें-सूर्या-तृषा कृष्णन की एक्टिंग देख झूम उठे लोग, 'करुप्पु' को बताया 'ब्लॉकबस्टर')

करुप्पु की कहानी

फिल्म की कहानी बेबी कन्नन (आरजे बालाजी) के आसपास घूमती है, जो एक लालची वकील है और हमेशा ताकतवर लोगों का साथ देता है। उसकी पहुंच इतनी मजबूत होती है कि कोई भी उसके खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं करता। यहां तक कि कानून और न्याय व्यवस्था को भी अपनी उंगलियों पर नचाता है। इसी बीच मट्टनचेरी (इंद्रंस) और उनकी बेटी उससे मदद मांगने आते हैं, ताकि पुलिस द्वारा जब्त किया गया उनका सोना वापस मिल सके। लेकिन बेबी कन्नन उन्हें भी धोखा दे देता है। टूट चुके मट्टनचेरी अपने गांव के रक्षक देवता करुप्पुसामी से प्रार्थना करते हैं, इसके बाद करुप्पुसामी सामने आते हैं और बेबी कन्नन को उसके कर्मों की सजा देना चाहते हैं। लेकिन बेबी कन्नन समाज में फैले भ्रष्टाचार और अन्याय का हवाला देता है और कहता है इस दुनिया में इंसाफ मिलना नामुमकिन हो गया है। वह देवता को चुनौती भी देता है कि अगर उनमें ताकत है तो बिना किसी दिव्य शक्ति के इंसानों के बीच रहकर इस सिस्टम को बदलकर दिखाएं। इसके बाद करुप्पुसामी इंसानी रूप में सूर्या के किरदार में नजर आते हैं। क्या सूर्या मट्टनचेरी और उनकी बेटी को न्याय दिला पाएंगे ये तो आपको फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा।