Drishyam 3 Movie Review: विजय सलगांवकर बनकर लौटे अजय देवगन, क्या इस बार भी पुलिस से एक कदम आगे रहेंगे?

Drishyam 3 Movie Review: अजय देवगन (Ajay Devgn) एक बार फिर विजय सलगांवकर बनकर लौटे हैं। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ (Drishyam: The Conclusion) में इस बार उनका सामना जयदीप अहलावत (Jaideep Ahlawat) से है। सस्पेंस, क्राइम और कई ट्विस्ट से भरी ये कहानी विजय की सबसे बड़ी परीक्षा दिखाती है। क्या उसकी चालाकी इस बार भी काम आएगी?

AbhayAuthored by: AbhayUpdated Oct 2 2026, 12:58 IST

​Drishyam 3

क्रिटिक्स रेटिंग
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4.0

drishyam 3 movie review: ajay devgn returns as vijay salgaonkar, but can he outsmart jaideep ahlawat?

फिल्म दृश्यम 3 का रिव्यू (Image Source: Drishyam 3 Movie)

Drishyam Movie Review: बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन (Ajay Devgn) एक बार फिर विजय सलगांवकर बनकर लौटे हैं और इस बार कहानी उनके सबसे मुश्किल इम्तिहान तक पहुंचती है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ (Drishyam: The Conclusion) में तब्बू (Tabu), श्रिया सरन (Shriya Saran), प्रकाश राज (Prakash Raj) और जयदीप अहलावत (Jaideep Ahlawat) जैसे कलाकार भी अहम रोल में हैं। फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस बार विजय के सामने सिर्फ पुराना केस नहीं, बल्कि एक ऐसा अफसर है जो उसके हर कदम को समझने की कोशिश कर रहा है। फिल्म शुरुआत से ही सस्पेंस बनाने की कोशिश करती है और आखिरी हिस्से में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो आपको स्क्रीन से जोड़े रखते हैं। हालांकि, जहां फिल्म थ्रिल और ट्विस्ट में अच्छा काम करती है, वहीं कुछ जगह कहानी को आगे बढ़ाने के लिए चीजें थोड़ी आसान भी कर दी गई हैं।

क्या है फिल्म की स्टोरी?

कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां पिछली फिल्म ने विजय सलगांवकर और उसके परिवार को छोड़ा था। विजय अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है, लेकिन पुराने मामले का साया अभी भी उसके परिवार से पूरी तरह हटा नहीं है। मीरा देशमुख यानी तब्बू भी अपने बेटे समीर की मौत को भूल नहीं पाई हैं। उनके लिए यह सिर्फ एक पुराना केस नहीं है, बल्कि उनके परिवार से जुड़ा ऐसा दर्द है जो अभी भी जिंदा है। यहीं से कहानी में एक नया मोड़ आता है। मीरा के पति मामले को दोबारा खोलने के लिए क्राइम ब्रांच के चीफ राजवीर सिंह तोमर यानी जयदीप अहलावत तक पहुंचते हैं। राजवीर बाकी पुलिसवालों की तरह सिर्फ पुराने सबूतों पर भरोसा नहीं करता। वो विजय की सोच और उसकी चाल को समझने की कोशिश करता है। यही चीज विजय के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।