May-December Movie Review: नताली पोर्टमैन, जूलियन मूर के ऊपर आधारित यह फिल्म आपको शुरुआत में काफी इंटरेस्टिंग लगेगी। इसके बाद आपको यह फिल्म थोड़ी कंफ्यूज कर देगी। फिल्म की कहानी दो एक्ट्रेसेस पर चलती है। फिल्म की कहानी अंत में जाकर आपको शून्य पर ले जाएगी, लेकिन फिल्म में एक्ट्रेसेस की एक्टिंग शानदार थी।
जानें फिल्म के बारे में
मई दिसंबर फिल्म की कहानी आपको कंफ्यूज कर सकती है। हालांकि फिल्म में नई चीजें नहीं हैं। फिल्म में पारदर्शिता की भी कमी है। टॉड हेन्स के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नामी सितारे नजर आए है। बता दें कि टॉड और जूलियन मूर की यह साथ में चौथी फिल्म है जबकि नताली पोर्टमैन के साथ उनकी यह पहली फिल्म है। फिल्म में निर्देशक पुराने छिपे रहस्य को सुलझाने के लिए दोनों एक्ट्रेसेस को मिलवाते हैं।
सोचने पर मजबूर कर देगी ये कहानी
फिल्म कई मायनों में विफल रही है। फिल्म में देखा जाएगा कि एलिजाबेथ बेरी (नताली पोर्टमैन ने यह किरदार निभाया था और यह किरदार निभाना उनके लिए चुनौती था) वह ग्रेसी (जूलियन मूर) से मिलने के लिए जाती हैं। ग्रेस से मिलने के बाद उसे पता चलता है कि वह बीते समय एक घोटाले का हिस्सा रह चुकी है। एलिजाबेथ ग्रेस के बारे में जानने के लिए बेहद उताबली होती है। वह इस बारे में विचलित होती है कि आखिरकार उसने ऐसा क्यों किया। क्या पैसे के लिए वह इस घोटाले का हिस्सा थी, लेकिन इस घोटाले के बाद ग्रेसी ने खुद को नई तरह से दुनिया के सामने रखा। इतना ही नहीं ग्रेसी ने 13 साल के लड़के के साथ संबंध भी बनाए। इसके साथ ही वह अपने दोस्तों के लिए केक भी बनाती है। वहीं एलिजाबेथ यह सोचती है कि क्या ग्रेसी को इस घोटाले के लिए माफ कर दिया गया है।
देखने को मिलेगा मेलोड्रामा
फिल्म में कभी आप महसूस कर पाएंगे कि फिल्म रहस्यों से भरी है और कई बार आपको लगेगा कि आप शून्य पर आ गए हैं। इस फिल्म को देखकर अंदाजा लग रहा है कि निर्देशक चाहते हैं कि दर्शक ग्रेसी के प्रति सिंपैथी रखें या फिर किसी भी निर्णय पर ना जाएं। फिल्म में हल्के-फुल्के दिलचस्प मोड़ भी देखने को मिलेंगे। फिल्म में कहीं-कहीं पर सस्पेंस लगेगा तो कहीं-कहीं पर मेलोड्रामा। फिल्म दो नायकों के ऊपर चलती है जो कभी-कभी खालीपन भी महसूस करवाती है। क्योंकि दो महिलाएं खूबसूरत हैं, लेकिन दोनों का ही अतीत से कोई लेना देना नहीं होता है और ना ही कोई टकराव महसूस होता है। कहानी धीमी गती से चलती जाती है।
दो एक्ट्रेसेस के ऊपर निर्भर रहेगी कहानी
फिल्म में ग्रेस को इतने महत्वपूर्ण किरदार दिया है, लेकिन यह किरदार इतना भी खास नहीं है कि इसपर फिल्म बनाई जा सके। हालांकि दोनों ही एक्ट्रेसेस का अभिनय शानदार है। दोनों को ही कई बड़ी फिल्मों में देखा जा चुका है। वहीं निर्देशक टॉड हेन्स ने फिल्म को एक्साइटिंग और टकराव वाला नहीं बल्कि जिज्ञासु बनाया है, लेकिन फिल्म इसे भी करने में कामयाब नहीं हो पा रही है। फिल्म बस ग्रेसी और एलीजाबेथ के ऊपर चलती है और ऐसा लगता है कि दोनों किसी जंग की तैयारी कर रही हैं और वह जंग भी होती नहीं है।
दिलचस्प नहीं है फिल्म का अंत
आगे देखा जाएगा कि ग्रेसी की पति (चार्ल्स मेल्टन) जिसका अपने बेटे का साथ झगड़ा होता है और वह उससे परेशान होता है, लेकिन जैसे ही जो की मुलाकात एलिजाबेथ से होती है दोनों के संबंध बनते हैं। एलिजाबेथ और जो के दर्दनाक रिश्ते की वजह से दोनों ही सम्मान खो देते हैं। जहां ग्रेसी भी 13 साल के लड़के के साथ अपना रिश्ता बनाने के लिए अपना सम्मान खो देती है।