'धुरंधर 2' (
एलिजाबेथ के जमाने में इजात हुआ था "Box Office" टर्म
अखबार, टीवी चैनल्स या सोशल मीडिया पर फिल्मों की कमाई बताने के लिए 'बॉक्स ऑफिस' टर्म उपयोग किया जाता है, जिसकी शुरुआत क्वीन एलिजाबेथ के जमाने में हुई थी। असल में क्वीन एलिजाबेथ के वक्त में जब आम पब्लिक थिएटर में आती थी तो उसे जमीन पर बैठा दिया जाता था क्योंकि वो सभी फ्री में प्ले देखते थे। जब प्ले चल रहा होता था तो एक व्यक्ति सबके पास एक बक्सा लेकर जाता था और जिसका जितना मन होता था, वो उसमें डाल देता था। प्ले करने वालों की असली कमाई शहर को अमीर लोगों से होती थी, जिनके लिए स्पेशल बॉक्स में सीटें रिजर्व रखी जाती थीं। इन रिजर्व सीटों की खास कीमत भी होती थी। इन रिजर्व सीटों से होने वाली कमाई को 'बॉक्स ऑफिस कलेक्शन' कहा जाने लगा। क्वीन एलिजाबेथ के जमाने में एंटरटेनमेंट के लिए प्ले किए जाते थे, जिनको सब लोग बैठकर आराम से देखते थे, जिनकी जगह बाद में फिल्मों ने ले ली लेकिन 'बॉक्स ऑफिस कलेक्शन' टर्म कभी भी नहीं बदला। तब से लेकर आज तक फिल्मों की कमाई के लिए 'बॉक्स ऑफिस कलेक्शन' टर्म ही यूज किया जाता है। (ये भी पढ़ें: 'रामायण' में Ranbir Kapoor के लुक से प्रभावित हुए Anurag Basu)
Box Office collection में Box Office क्या है?
थिएटर्स के टिकिट बॉक्स भी हैं एक बड़ी वजह
क्वीन एलिजाबेथ का वक्त गुजरा और दुनिया के गुलाम देश जब आजाद होने लगे तो वहीं बड़े-बड़े थिएटर्स बनने लगे। इन थिएटर्स में घुसने से पहले टिकिट खरीदना जरूरी होता था। इसके लिए थिएटर मालिकों ने एक खास व्यवस्था का इंतजाम किया, जो कुछ सालों पहले तक भी काफी एक्टिव थी। आपको याद होगा कि हर थिएटर के एंट्री गेट पर खास टिकिट बॉक्स बने होते थे, जिनके बाहर लाइनें लगती थीं। इन टिकिट बॉक्सेज में एक-दो लोग बैठे होते थे, जो रुपये लेकर टिकिट काटते थे। लोग इन्हीं बॉक्सेज से टिकिट खरीदते थे और फिर थिएटर में घुसते थे। छोटे-छोटे इन्हीं बॉक्सनुमा कमरों में ही फिल्म से होने वाली कमाई रखी जाती थी, जिस कारण इन्हें 'बॉक्स ऑफिस' कहा जाने लगा और लोग इनमें होने वाले कलेक्शन को 'बॉक्स ऑफिस कलेक्शन' बोलने लगे।
Box Office PIC2
क्वीन एलिजाबेथ के जमाने से लेकर डिजिटल दौर तक फिल्मों के टिकिट मिलने के तरीकों में कई बदलाव हुए हैं लेकिन फिल्मों की कमाई का हिसाब रखने वाले इस टर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सालों से फिल्म की कमाई का हिसाब रखने के लिए 'बॉक्स ऑफिस' टर्म का यूज किया जाता रहा है और आगे भी किया जाता रहेगा। आज भले ही लोग टिकिट खरीदने के लिए टिकिट बॉक्स के बाहर लाइन में ना लगकर, अपने मोबाइल का यूज करते हो लेकिन जब फिल्म के कलेक्शन की बात आती है तो 'बॉक्स ऑफिस' टर्म का ही यूज किया जाता है।
अब अगर आपसे कभी भी कोई पूछे कि यार 'बॉक्स ऑफिस कलेक्शन' में ये 'बॉक्स ऑफिस' क्या होता है तो आप विस्तार से उसे 'बॉक्स ऑफिस' टर्म का इतिहास बता दीजिएगा। अगर आप सिनेमा से जुड़ी ऐसी ही रोचक जानकारियां पढ़ने का शौक रखते हैं तो टाइम्स नाउ नवभारत के साथ जरूर जुड़े क्योंकि हम हर हफ्ते अपने पाठकों को सिनेमा से जुड़ी ऐसी की कमाल की जानकारियां देते हैं।
