Exclusive: आसान नहीं था Rajpal Yadav का बॉलीवुड का सफर, इस वजह से डायरेक्ट की थी 'अता पता लापता'

  • Authored by: अभय
  • Updated Apr 13, 2026, 04:01 PM IST

Rajpal Yadav on Acting Career: फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए Zoom को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में बिताए दिनों की कहानी शेयर की है।

Rajpal Yadav on Acting Career: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) अपनी अपकमिंग फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) से बड़े पर्दे पर धमाल मचाने वाले हैं। राजपाल यादव की इस फिल्म को लेकर अब तक कई अपडेट सामने आ चुके हैं। इन दिनों राजपाल यादव अपनी इस फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं। इसी बीच राजपाल यादव ने Zoom को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान राजपाल यादव ने अपने फिल्मी सफर को लेकर बात की। तो चलिए जानते हैं राजपाल यादव ने इस इंटरव्यू के दौरान क्या-क्या खुलासे किए हैं, जिसको लेकर इतनी चर्चा हो रही है। (ये भी पढे़ें: 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस में राजपाल यादव ने खुलकर की बात, बोले 'मैंने जो भी किया...')

Rajpal Yadav on Acting Career

एक्टिंग करियर पर राजपाल यादव ने कही ये बात (Image Source: Zoom)

राजपाल यादव ने कही ये बात

राजपाल यादव ने Zoom को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्हें एक्टर बनने के लिए पहले एक्टिंग स्कूल में और बाद में बॉलीवुड में कितनी मेहनत करनी पड़ी। राजपाल ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले लखनऊ के भारतेंदु नाट्य अकादमी में दाखिला लिया। वहां उन्होंने खुद के बारे में कई चीजें सीखीं क्योंकि वे एक्टर बनने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें बोली भी शामिल थी। उन्होंने अपनी बोली सुधारने के लिए घंटों अभ्यास किया। राजपाल ने लखनऊ में दो साल बिताए। उनका पूरा बैच मुंबई चला गया था बॉलीवुड में किस्मत आजमाने। लेकिन उन्होंने उन्हें बताया कि वे दो-तीन साल और पढ़ाई करना चाहते हैं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में। जब उनसे पूछा गया कि वे क्या पढ़ेंगे, तो राजपाल ने जवाब दिया आत्मविश्वास। एक्टर ने NSD के एप्लीकेशन में ये नहीं लिखा कि उन्होंने भारतेंदु नाट्य अकादमी में पढ़ाई की है या थिएटर किया है। वे ये नहीं बताना चाहते थे कि उन्होंने पहले क्या किया है। उन्होंने कहा, 'जो मैं सीखना चाहता था, वो सिर्फ फैकल्टी को जरूरी था। किस्मत से मुझे पहले ही प्रयास में एडमिशन मिल गया। नवाजुद्दीन सिद्दीकी मेरे लखनऊ में सीनियर थे, उन्होंने पास किया और दिल्ली आ गए। और जब मैं दिल्ली अपने पहले साल में आया, तो वे अपने दूसरे साल में थे।' (ये भी पढे़ें:मुश्किल में फंसे राजपाल यादव के लिए 'भगवान' बन गए सोनू सूद, मदद के लिए बढ़ाया हाथ)

ऐसा रहा बॉलीवुड का सफर

1997 में पास आउट होने के बाद फैकल्टी ने राजपाल यादव को आर्ट डायरेक्शन या डिजाइनिंग में कोई काम नहीं दिया। उन्होंने तुरंत उन्हें एक्टिंग करने को कहा। उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1999 में उन्होंने टीवी सीरीज मुंगेरी के भाई नौरंगीलाल की। उसके बाद उन्होंने शूल, मस्त और जंगल जैसी फिल्मों में रोल किए। राजपाल यादव ने याद किया, '2005 तक मैंने जिंदगी तीन शिफ्ट में जी है। कभी एक्शन, कभी कट और फिर आगे बढ़ जाना। मैं अपने लिए जीने लगा। मुझे लगा कि मुझे परिवार के लिए भी जीना चाहिए। फिर मुझे लगा कि मुझे समाज, अपने गांव, देश और दुनिया के लिए भी जीना चाहिए। मैंने 50 फिल्में पूरी कीं। मैंने अपनी पत्नी से कहा कि मैंने ये सारी फिल्में कर ली हैं और पाइपलाइन में 10 और हैं। अब मैं कुछ करना चाहता हूं।'

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